कक्षा ४ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 3 आइए विचार करें के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
आप कौन-सा जंतु बनना चाहेंगे? यह आपको कौन-सी विशेष क्षमताएँ प्रदान करेगा?
उत्तर

यह उत्तर आपकी अपनी पसंद का है। एक जंतु चुनिए और बताइए कि उसकी विशेषता आपको क्या करने देती।

यदि मैं होता/होतीउसकी विशेषतातब मैं क्या कर पाता/पाती
बाजतेज आँखें, चौड़े पंख, मजबूत पंजेबहुत ऊँचाई से छोटा जंतु देख लेता और पहाड़ों के ऊपर उड़ता
बाघधारीदार शरीर और मुलायम गद्दीदार पंजेऊँची घास में छिप जाता और बिना आवाज़ किए चलता
हाथीलंबी सूँड़भोजन उठाता, डालियाँ खींचता और स्वयं पर पानी डालता
मछलीपंख और गलफड़ेदिन भर तैरता और पानी के भीतर साँस लेता
भारतीय विशाल गिलहरीलंबी झाड़ीदार पूँछएक डाल से दूसरी डाल तक बिना गिरे लंबी छलाँग लगाता

नमूना उत्तर: मैं बाज बनना चाहूँगा। उसकी आँखें इतनी तेज होती हैं कि वह आकाश में ऊँचा उड़ते हुए भी छोटे जंतु को देख लेता है। उसके चौड़े पंखों से मैं पहाड़ों के ऊपर उड़कर पूरा जंगल देख पाता। उसके मजबूत, नुकीले पंजे मुझे किसी भी डाल को कसकर पकड़ने में सहायता करते।

अच्छा उत्तर कैसा होगा: केवल जंतु का नाम मत लिखिए। उसकी विशेषता भी लिखिए और बताइए कि वह विशेषता आपको क्या करने देती। पूरे अध्याय की यही बात है — हर जंतु में ऐसी विशेषताएँ होती हैं जो उसके जीवन के अनुकूल होती हैं।
प्र2.
आपको क्या लगता है, अलग-अलग पौधे और जंतु एक-दूसरे पर कैसे निर्भर होते हैं?
उत्तर

वे मुख्य रूप से भोजन और आवास के लिए एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं।

कौन निर्भर हैकिस परकिसके लिए
हिरण, हाथी, गिलहरी, टिड्डापौधों परपत्तियाँ, घास, फल, बीज — इनका भोजन
बाघ, सिंह, बाज, साँपशाकाहारी जंतुओं परअपने भोजन के लिए
पक्षी, बंदर, कीटपेड़ों परबैठने, सोने और घोंसला बनाने के स्थान के लिए
मछली, मेंढक, कछुएतालाब और जलीय पौधों परपानी, भोजन और सुरक्षित स्थान के लिए
पौधेकीटों और पक्षियों परवे बीजों को दूर-दूर तक ले जाते हैं, जिससे नए पौधे उगते हैं
पौधेगिरी हुई पत्तियों और जंतुओं के मल परये सड़कर मिट्टी को उपजाऊ बनाते हैं
सूर्यघासहिरणबाघ
इसी अध्याय के जंगल की एक कड़ी।

कड़ी को देखिए — सूर्य से घास बढ़ती है, हिरण घास खाता है और बाघ हिरण को खाता है। इनमें से एक भी हट जाए तो बाकी सब संकट में पड़ जाते हैं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है: ‘जीवन-तंतु’ खेल यही दिखाता है। प्रकृति में कोई भी अकेला नहीं रहता। सब कुछ आपस में जुड़ा है, इसलिए एक पौधे या एक जंतु को हानि पहुँचाने से अनेक दूसरों को भी हानि पहुँचती है।
प्र3.
एक प्रकृति वैज्ञानिक की क्या भूमिका होती है?
उत्तर

प्रकृति वैज्ञानिक पेड़-पौधों तथा जीव-जंतुओं का अध्ययन करता है। इस अध्याय में आभा दीदी एक प्रकृति वैज्ञानिक हैं और शिक्षक बताते हैं कि वे जंगल के विषय में जानकारी हेतु विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगी।

उनका कार्य है —

  • पौधों और जंतुओं को उनके अपने आवास में ध्यान से देखना;
  • यह लिखना कि वे कैसे दिखते हैं, क्या खाते हैं, कैसे चलते हैं और कहाँ बैठते हैं;
  • उनके नाम बताना, जैसे वे धनेश (हॉर्नबिल) का नाम बताती हैं और यह भी समझाती हैं कि उसे हॉर्नबिल क्यों कहते हैं;
  • यह पता लगाना कि पौधे और जंतु एक-दूसरे पर कैसे निर्भर हैं;
  • आगंतुकों को सुरक्षा नियम बताना और यह देखना कि कोई जंगल को हानि न पहुँचाए;
  • पौधों, जंतुओं और उनके रहने के स्थानों की रक्षा में सहायता करना।
ऐसे वैज्ञानिकों की आवश्यकता क्यों है: हममें से अधिकांश लोग किसी जंतु के पास से निकल जाते हैं पर उसे सचमुच देखते नहीं। प्रकृति वैज्ञानिक ध्यान से देखता है, अभिलेख रखता है और फिर दूसरों को बताता है — और हम उसी की रक्षा कर सकते हैं जिसके विषय में हम जानते हों।
संकेत: जब आप पक्षी दैनंदिनी लिखते हैं, तब आप वही कर रहे होते हैं जो एक प्रकृति वैज्ञानिक करता है।
प्र4.
वर्ग पहेली — वन में छिपी संपदा को पहचानिए —
बासीतिलीसाँबं
दित्रीचिड़ियाधाबू
वाठीहोथीख्र
त्रपाख्रली
हाथीयाकोगौरैया
हिठीनूसौकंअःछी
मुक्षदाबिड़ीसाफिझा
गीज्ञालीनीधौ
गिरीनंफारिढ़बू
होचिचंविशिमूभिताजं
बामिसेड़ियाअं
उत्तर

बाघ पहले से घेरा हुआ है। बारह और शब्द छिपे हैं — दस आड़े (बाएँ से दाएँ) और तीन खड़े (ऊपर से नीचे)।

आड़े शब्द (बाएँ से दाएँ) —

शब्दपंक्तिकिस खाने से आरंभ
बाघ11 (दिया हुआ)
तितली16
चिड़िया23
हाथी51
गौरैया59
हिरण61
मकड़ी76
गिलहरी91
बाज111
घड़ियाल116

खड़े शब्द (ऊपर से नीचे) —

शब्दस्तंभकिस पंक्ति से आरंभ
साँप101
बंदर111
कबूतर118

हल की हुई पहेली — शब्दों में आने वाला हर अक्षर चिह्नित है।

बासीतिलीसाँबं
दित्रीचिड़ियाधाबू
वाठीहोथीख्र
त्रपाख्रली
हाथीयाकोगौरैया
हिठीनूसौकंअःछी
मुक्षदाबिड़ीसाफिझा
गीज्ञालीनीधौ
गिरीनंफारिढ़बू
होचिचंविशिमूभिताजं
बामिसेड़ियाअं
ऐसी पहेली कैसे हल करें: पहले हर पंक्ति को बाएँ से दाएँ पढ़िए। फिर हर स्तंभ को ऊपर से नीचे पढ़िए। खड़े शब्द अंतिम दो स्तंभों में हैं, इसीलिए वे प्राय: छूट जाते हैं।
क्या आप जानते हैं? ये तेरहों शब्द इसी अध्याय से हैं। इनमें से अनेक जंतु विद्यार्थियों ने पचमढ़ी के भ्रमण में देखे थे।
प्र5.
चुनौती — अपने परिवार अथवा मित्रों के साथ निकट के किसी उद्यान भ्रमण की योजना बनाइए। इस भ्रमण में उनका मार्गदर्शक (गाइड) बनने के लिए स्वयं को तैयार कीजिए। इसके लिए कुछ पौधों और जंतुओं की पहचान कीजिए तथा उनके गुणों और रोचक तथ्यों का अध्ययन कीजिए जिन्हें आप भ्रमण के दौरान समझा सकें।
उत्तर

सच्चे मार्गदर्शक की तरह तैयारी कीजिए। इन चरणों का पालन कीजिए —

  1. स्थान और समय चुनिए। पास का कोई उद्यान या विद्यालय का मैदान। प्रात:काल सबसे अच्छा समय है, क्योंकि तब पक्षी सबसे अधिक सक्रिय होते हैं।
  2. पहले अकेले एक बार जाइए। धीरे-धीरे चलिए और चार-पाँच ठहराव तय कीजिए।
  3. तय कीजिए कि क्या दिखाएँगे। तीन पौधे और तीन जंतु पर्याप्त हैं।
  4. हर एक के विषय में एक तथ्य ढूँढ़िए। शिक्षक या किसी बड़े से पूछिए, या पढ़कर पता कीजिए।
  5. नीचे जैसी एक मार्गदर्शक सूची बनाइए और उसे अपनी जेब में रखिए।
  6. भ्रमण का आरंभ सुरक्षा नियमों से कीजिए (पृष्ठ 37) — न कुछ तोड़ें, न खिलाएँ, न शोर करें, न पॉलीथीन ले जाएँ, न कचरा फेंकें।

नमूना उत्तर — उद्यान भ्रमण की मार्गदर्शक सूची।

ठहरावमैं क्या दिखाऊँगा/दिखाऊँगीमैं कौन-सा तथ्य बताऊँगा/बताऊँगी
1पीपल का पेड़इसकी पत्ती के सिरे पर लंबी पूँछ होती है, इसलिए हल्की हवा में भी वह हिलती है
2नीम का पेड़एक डंठल पर अनेक छोटी पत्तियाँ होती हैं; पत्तियाँ स्वाद में कड़वी होती हैं
3चींटियों की कतारकीट के छह पैर और एक जोड़ी एंटीना होते हैं — गिनकर देखिए
4भूमि पर बैठी गौरैयाइसकी छोटी कठोर चोंच बीजों को तोड़ देती है
5दीवार पर बैठा कौआइसकी मोटी चोंच से यह लगभग कुछ भी खा लेता है
6पेड़ पर गिलहरीइसकी झाड़ीदार पूँछ डाल पर दौड़ते समय संतुलन बनाए रखती है
अच्छा मार्गदर्शक कैसा होता है: मार्गदर्शक वह नहीं जिसे सब कुछ पता हो। मार्गदर्शक वह है जिसने पहले स्वयं ध्यान से देखा हो और जो दूसरों को यह दिखा सके कि किस बात पर ध्यान देना है।
प्र6.
गतिविधि — भूमिका निर्वहन: अपनी कक्षा में किसी जंगल का दृश्य बनाइए जहाँ विद्यार्थी पौधों, जंतुओं और आगंतुकों की भूमिकाएँ निभा सकें। नाटक करते समय जंतुओं और पौधों की रक्षा करने में अपनी भूमिका पर ध्यान केंद्रित कीजिए।
उत्तर

नाटक कैसे करें —

  1. जंगल बनाइए। दीवारों पर हरे चार्ट पेपर के पेड़ लगाइए। तालाब के लिए फर्श पर नीली चादर बिछाइए।
  2. भूमिकाएँ बाँटिए। कुछ बच्चे पौधे बनें (बरगद, नीम, घास), कुछ जंतु (बाघ, हिरण, बंदर, गौरैया, चींटी) और कुछ मार्गदर्शक के साथ आए आगंतुक।
  3. सरल मुखौटे बनाइए पुराने कागज से — हिरण के कान, पक्षी की चोंच।
  4. दृश्य कीजिए। आगंतुक शोर मचाते हुए आते हैं, पॉलीथीन की थैली फेंक देते हैं और बंदर को खाना खिलाने लगते हैं। जंतु भागकर छिप जाते हैं।
  5. अब दृश्य बदलिए। मार्गदर्शक सबको सुरक्षा नियम याद दिलाता है। आगंतुक अपना कचरा उठाते हैं और चुपचाप बैठ जाते हैं — और एक-एक करके जंतु लौट आते हैं।
  6. अंत में सबका एक-एक वाक्य। पेड़ कहता है ‘मैं छाया देता हूँ’, हिरण कहता है ‘मैं घास खाता हूँ’, बाघ कहता है ‘मुझे हिरण चाहिए’, आगंतुक कहता है ‘मैं इस जंगल को हानि नहीं पहुँचाऊँगा’।
नाटक से क्या दिखाना है: जंगल जंतुओं का घर है और हम केवल अतिथि हैं। शांत और सावधान आगंतुक ही सबसे अधिक देख पाते हैं और जंगल को वैसा ही छोड़कर जाते हैं जैसा उन्होंने पाया था।
प्र7.
आइए, कागज का एक कछुआ बनाते हैं! इसके लिए पुराने समाचार पत्र या प्रयुक्त कागज का उपयोग करने का प्रयास कीजिए —
123456789
पुस्तक में दिए गए कागज मोड़ने के नौ चरण।
उत्तर

पुराने समाचार पत्र का एक वर्गाकार टुकड़ा लीजिए। फिर नौ चरणों का पालन कीजिए।

  1. वर्ग को हीरे की तरह रखिए। दोनों ओर से आधा मोड़कर फिर खोल दीजिए, जिससे दोनों मोड़ की रेखाएँ दिखने लगें।
  2. आधा मोड़कर त्रिभुज बनाइए। अब नीचे के दोनों कोनों को ऊपर वाले कोने तक ले आइए।
  3. हीरे जैसी आकृति बनेगी। ऊपर की परत को बीच की रेखा पर नीचे की ओर मोड़िए।
  4. ऊपर के दोनों किनारों के कोनों को बिंदुदार रेखाओं पर बाहर की ओर मोड़िए।
  5. अब आकृति के चारों ओर नोकें बन गई हैं। सबसे नीचे वाली परत को कैंची के संकेत के अनुसार बिंदुदार रेखा पर काटिए।
  6. कटे हुए किनारों को भीतर की ओर मोड़कर कवच का आकार दीजिए।
  7. बीच की छोटी परत को ऊपर की ओर मोड़िए — यही सिर बनेगा।
  8. कागज को पलट दीजिए।
  9. आपका कछुआ तैयार है। सिर पर दो आँखें बना दीजिए।
पुराना कागज ही क्यों: पुस्तक कहती है कि पुराने समाचार पत्र या प्रयुक्त कागज का उपयोग कीजिए। कागज को दोबारा काम में लेने से एक पेड़ कम कटता है।
संकेत: हर मोड़ को अँगूठे के नाखून से अच्छी तरह दबाइए। तीखे मोड़ से कछुआ अपनी आकृति बनाए रखता है।
प्र8.
पता लगाइए — अपने राज्य के राजकीय पशु, पक्षी और पौधे का नाम लिखिए।
उत्तर

यह उत्तर आपको अपने ही राज्य के लिए पता करना है। ऐसे कीजिए —

  1. अपने शिक्षक से पूछिए या विद्यालय के पुस्तकालय में देखिए।
  2. चिड़ियाघर, उद्यान या वन कार्यालय के प्रवेश द्वार का सूचना-पट्ट देखिए — वहाँ प्राय: राजकीय प्रतीक लिखे रहते हैं।
  3. घर में पूछिए। बड़ों को राजकीय पशु प्राय: पता होता है।
  4. तीनों नाम अपनी अभ्यास पुस्तिका में लिखिए और उनमें से एक का चित्र बनाइए।

कुछ उदाहरण, जिन्हें आप जाँच सकते हैं —

राज्यराजकीय पशुराजकीय पक्षीराजकीय वृक्ष
मध्य प्रदेशबारहसिंगादूधराज (शाह बुलबुल)बरगद
त्रिपुराचश्मेदार बंदरहरियल कबूतर (ग्रीन इंपीरियल पिजन)अगर
महाराष्ट्रभारतीय विशाल गिलहरी (शेकरू)हरियलआम
राजस्थानचिंकारागोडावणखेजड़ी
केरलभारतीय हाथीधनेश (ग्रेट हॉर्नबिल)नारियल
तमिलनाडुनीलगिरि तहरपन्ना फाख्ताताड़
राज्य ये क्यों चुनते हैं: हर राज्य ऐसा पशु, पक्षी और वृक्ष चुनता है जो विशेष रूप से उसी स्थान का हो, ताकि लोग उस पर गर्व करें और उसकी रक्षा करें। अध्याय स्वयं एक उदाहरण देता है — चश्मेदार बंदर त्रिपुरा का राज्य पशु है।
संकेत: इस अध्याय के दो जंतु राजकीय प्रतीक हैं — त्रिपुरा का चश्मेदार बंदर और महाराष्ट्र की भारतीय विशाल गिलहरी। अपने राज्य के नाम लिखने से पहले उन्हें अपने शिक्षक से अवश्य जाँच लीजिए।
क्या यह उपयोगी रहा?