प्र1.
उन पाँच नियमों को लिखिए जिनका आपके विद्यालय में अनुपालन किया जाता है। यदि आपको एक नया नियम बनाना हो तो आप क्या नियम बनाएँगे?
उत्तर
नियम दंड नहीं होता। नियम वह सहमति है जो सबको सुरक्षित रखती है और सबको उचित अवसर देती है। यहाँ पाँच नियम दिए हैं जिनका अधिकतर विद्यालयों में पालन होता है, कारण सहित।
| क्र. | नियम | यह नियम क्यों है |
|---|---|---|
| 1 | समय पर, स्वच्छ वर्दी में विद्यालय आइए। | कक्षा एक साथ आरंभ होती है और किसी की शुरुआत नहीं छूटती। |
| 2 | सीढ़ियों और गलियारे में पंक्ति में चलिए। | भीड़ में कोई धक्का खाकर चोटिल नहीं होता। |
| 3 | कूड़ा केवल कूड़ेदान में डालिए और कक्षा स्वच्छ रखिए। | स्वच्छ विद्यालय सबको स्वस्थ रखता है। |
| 4 | बोलने से पहले हाथ उठाइए; दूसरे के बोलते समय सुनिए। | सबको बारी मिलती है और सबकी बात सुनी जाती है। |
| 5 | विद्यालय की या किसी साथी की वस्तु को हानि मत पहुँचाइए। | विद्यालय हम सबका है, इसलिए देखभाल भी हम सबकी है। |
मैं एक नया नियम यह बनाऊँगा:
नमूना उत्तर: मेरा नियम होगा — हर कक्षा बारी-बारी से बोतल भरने और पौधों को पानी देने का कार्य सँभालेगी, और कोई भी नल खुला नहीं छोड़ेगा। हर कक्षा का एक मॉनीटर मध्यांतर में सभी नल देखेगा और रिसाव उसी दिन बताएगा।
मैंने यही क्यों चुना। विद्यालय में हर दिन पानी बिना किसी के ध्यान दिए बर्बाद होता है। जिस नियम में बारी और नाम जुड़ा हो, वह चलता है — क्योंकि तब वह किसी का काम बन जाता है, केवल अच्छा विचार नहीं रहता।
इस गतिविधि का बड़ा विचार: देश एक बहुत बड़े विद्यालय जैसा है। भारत को भी सहमति से बने नियमों की आवश्यकता थी ताकि सब सुरक्षित रहें और सबके साथ न्याय हो। उन्हीं नियमों का संकलन हमारा संविधान है, और हमने 26 जनवरी 1950 से उसका पालन आरंभ किया।
अच्छा नियम कैसा होता है: छोटा हो, सबके लिए एक जैसा हो, यह बताए कि क्या करना है (केवल यह नहीं कि क्या नहीं करना), और कोई उसे जाँच सके।