प्रतीक वह छोटा चित्र है जो बिना शब्दों के बड़ी बात कह देता है। पहले पृष्ठ 82 का राष्ट्रीय प्रतीक देखिए — गोल मंच पर तीन शेर और नीचे अशोक चक्र। वहाँ कुछ भी बिना कारण नहीं है। शेर शक्ति, साहस और आत्मविश्वास दर्शाते हैं।
चरण 1 — अपना संदेश तय कीजिए। केवल एक वाक्य। जैसे — हमारा विद्यालय हर बच्चे को बढ़ने में सहायता करता है।
चरण 2 — आकार चुनिए। वृत्त एकजुटता दर्शाता है। ढाल सुरक्षा। खुली पुस्तक सीखना।
चरण 3 — दो-तीन प्रतीक चुनिए, और हर एक का अर्थ जानिए।
| प्रतीक | यह क्या कहता है |
|---|---|
| खुली पुस्तक | सीखना — विद्यालय का मुख्य कार्य |
| दीपक या उगता सूर्य | ज्ञान, और हर दिन एक नई शुरुआत |
| गहरी जड़ों वाला वृक्ष | धीरे-धीरे बढ़ना और मज़बूती से खड़े रहना |
| जुड़े हुए दो हाथ | एक-दूसरे की सहायता; हर बच्चा अपना है |
| स्थानीय पक्षी, वृक्ष या नदी | यह विद्यालय इसी जगह का है |
चरण 4 — रंग चुनिए और हर रंग का कारण बताइए। हरा वृद्धि के लिए, नीला शांति और जल के लिए, पीला सूर्य और उल्लास के लिए। केवल तीन रंग रखिए; अधिक रंग शोर जैसे लगते हैं।
चरण 5 — छोटा ध्येय-वाक्य जोड़िए। तीन-चार शब्द, अपनी भाषा में या अंग्रेज़ी में, आकार के नीचे एक फीते पर लिखे हुए।
नमूना उत्तर — मेरा प्रतीक। एक हरा वृत्त। उसके भीतर खुली पुस्तक, उसके पीछे उगता छोटा सूर्य, और नीचे नीले रंग की जल-रेखा। फीते पर ध्येय-वाक्य है — सीखें · सँभालें · बढ़ें। वृत्त बताता है कि हम सब एक विद्यालय के हैं। पुस्तक सीखने की। सूर्य हर सुबह की नई शुरुआत का। जल-रेखा हमारे विद्यालय के पास बहने वाली नहर की है, जिससे कोई भी तुरंत पहचान ले कि यह कौन-सा विद्यालय है।