प्र1.
आपको क्यों लगता है कि समुद्र के नीचे का जीवन भी वनों के जीवन के समान ही महत्वपूर्ण है?
उत्तर
क्योंकि समुद्र वही सब काम करता है जो वन करता है, और कुछ अधिक भी। वन हमें दिखाई देता है क्योंकि हम उसमें चलकर जा सकते हैं। समुद्र अपना काम आँखों से ओझल रहकर करता है, इसलिए हम उसे भूल जाते हैं।
| काम | वन इसे कैसे करता है | समुद्र इसे कैसे करता है |
|---|---|---|
| हमारी साँस की ऑक्सीजन बनाना | वृक्ष अपनी पत्तियों में ऑक्सीजन बनाते हैं | समुद्र के सूक्ष्म तैरते पादप विश्व की ऑक्सीजन का बहुत बड़ा भाग बनाते हैं |
| भोजन देना | फल, शहद, कंद, पत्तियाँ | मछली, झींगा, केकड़ा और नमक — करोड़ों भारतीयों का दैनिक भोजन |
| आजीविका देना | वन उपज, शहद एकत्र करना | मछली पकड़ना, नाव बनाना, जाल बुनना, बंदरगाह, पर्यटन |
| मौसम संतुलित रखना | वृक्ष हवा को ठंडा करते हैं और वर्षा लाते हैं | समुद्र धीरे गरम होता है और वही वाष्प भेजता है जो हमारा मानसून बनती है |
| भूमि की रक्षा करना | जड़ें ढलानों की मिट्टी थामती हैं | प्रवाल भित्तियाँ और मैंग्रोव बड़ी लहरों को तट से पहले तोड़ देते हैं |
| जीवों का घर | बाघ, पक्षी, कीट, ऑर्किड | प्रवाल, मछलियाँ, कछुए, डॉलफिन — असंख्य प्रकार, जिनमें बहुत-से अब तक अनजाने |
याद रखने वाला विचार: सब कुछ आपस में जुड़ा है। भित्ति छोटी मछलियों को आश्रय देती है; छोटी मछलियाँ बड़ी मछलियों का भोजन बनती हैं; बड़ी मछलियाँ मछुआरे के गाँव का पेट भरती हैं; और वही गाँव बंदरगाह को चलाता है। भित्ति बिगड़ी तो आगे की हर कड़ी बिगड़ेगी। अध्याय के अंत में भी यही कहा गया है — सभी कुछ परस्पर संबंधित है।
चर्चा के लिए: एक-दूसरे से पूछिए, “अपने घर की तीन ऐसी वस्तुएँ बताइए जो समुद्र से आई हैं।” नमक, सूखी मछली, सीप, मोती का बटन, दीवार के सीमेंट की रेत। सूची अनुमान से कहीं लंबी निकलती है।