कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 6 चर्चा कीजिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
आपको क्यों लगता है कि समुद्र के नीचे का जीवन भी वनों के जीवन के समान ही महत्वपूर्ण है?
उत्तर

क्योंकि समुद्र वही सब काम करता है जो वन करता है, और कुछ अधिक भी। वन हमें दिखाई देता है क्योंकि हम उसमें चलकर जा सकते हैं। समुद्र अपना काम आँखों से ओझल रहकर करता है, इसलिए हम उसे भूल जाते हैं।

कामवन इसे कैसे करता हैसमुद्र इसे कैसे करता है
हमारी साँस की ऑक्सीजन बनानावृक्ष अपनी पत्तियों में ऑक्सीजन बनाते हैंसमुद्र के सूक्ष्म तैरते पादप विश्व की ऑक्सीजन का बहुत बड़ा भाग बनाते हैं
भोजन देनाफल, शहद, कंद, पत्तियाँमछली, झींगा, केकड़ा और नमक — करोड़ों भारतीयों का दैनिक भोजन
आजीविका देनावन उपज, शहद एकत्र करनामछली पकड़ना, नाव बनाना, जाल बुनना, बंदरगाह, पर्यटन
मौसम संतुलित रखनावृक्ष हवा को ठंडा करते हैं और वर्षा लाते हैंसमुद्र धीरे गरम होता है और वही वाष्प भेजता है जो हमारा मानसून बनती है
भूमि की रक्षा करनाजड़ें ढलानों की मिट्टी थामती हैंप्रवाल भित्तियाँ और मैंग्रोव बड़ी लहरों को तट से पहले तोड़ देते हैं
जीवों का घरबाघ, पक्षी, कीट, ऑर्किडप्रवाल, मछलियाँ, कछुए, डॉलफिन — असंख्य प्रकार, जिनमें बहुत-से अब तक अनजाने
याद रखने वाला विचार: सब कुछ आपस में जुड़ा है। भित्ति छोटी मछलियों को आश्रय देती है; छोटी मछलियाँ बड़ी मछलियों का भोजन बनती हैं; बड़ी मछलियाँ मछुआरे के गाँव का पेट भरती हैं; और वही गाँव बंदरगाह को चलाता है। भित्ति बिगड़ी तो आगे की हर कड़ी बिगड़ेगी। अध्याय के अंत में भी यही कहा गया है — सभी कुछ परस्पर संबंधित है।
चर्चा के लिए: एक-दूसरे से पूछिए, “अपने घर की तीन ऐसी वस्तुएँ बताइए जो समुद्र से आई हैं।” नमक, सूखी मछली, सीप, मोती का बटन, दीवार के सीमेंट की रेत। सूची अनुमान से कहीं लंबी निकलती है।
प्र2.
आपके अनुसार प्रवाल भित्ति इन मछलियों और अन्य समुद्री जीवों की किस प्रकार सहायता करती है?
उत्तर

प्रवाल भित्ति समुद्र के नीचे बसा एक नगर है। यह समुद्री जीवों को वे तीनों चीज़ें देती है जो हर जीव को चाहिए — घर, भोजन और सुरक्षा।

  1. घर। भित्ति छिद्रों, दरारों और शाखाओं से भरी होती है। छोटी मछलियाँ, केकड़े, झींगे और बाम उनमें घुसकर रहते हैं।
  2. छिपने की जगह। बड़ी मछली आते ही छोटी मछलियाँ किसी छेद में घुस जाती हैं। उनकी चमकीली धारियाँ और धब्बे प्रवाल के रंगों से मिल जाते हैं, इसलिए वे सरलता से दिखती नहीं।
  3. सुरक्षित पालना। बहुत-सी मछलियाँ भित्ति पर अंडे देती हैं। बच्चे प्रवाल की ओट में बड़े होते हैं, फिर खुले जल में जाते हैं।
  4. भोजन। प्रवाल पर सूक्ष्म पादप और जंतु उगते हैं। छोटी मछलियाँ उन्हें खाती हैं; बड़ी मछलियाँ छोटी को खाने आती हैं। पूरी आहार शृंखला यहीं से आरंभ होती है।
  5. तट की ढाल। भित्ति लहरों के मार्ग में एक नीची दीवार की तरह खड़ी रहती है। लहरें उससे टकराकर टूटती हैं और तट तक बहुत कमज़ोर होकर पहुँचती हैं।
प्रवाल वास्तव में है क्या: प्रवाल एक छोटा, मुलायम समुद्री जंतु है। यह अपनी रक्षा के लिए अपने चारों ओर एक कठोर पथरीला प्याला बनाता है। लाखों प्रवाल साथ-साथ रहते हैं, और पुराने के मरने पर नए उनके ऊपर बनाते जाते हैं। सैकड़ों वर्षों में ये पथरीले प्याले जमा होकर वह कगार बनाते हैं जिसे हम भित्ति कहते हैं। तो भित्ति असल में बहुत छोटे जंतुओं द्वारा बनाई गई एक विशाल इमारत है।
भारत में प्रवाल भित्तियाँ कहाँ: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के चारों ओर, लक्षद्वीप में, तमिलनाडु के पास मन्नार की खाड़ी में, और गुजरात में कच्छ की खाड़ी में। प्रवाल को स्वच्छ, निर्मल और गरम जल चाहिए — गंदा या मटमैला जल उन्हें मार देता है।
प्र3.
आपके विचार से उत्तरी सेंटिनल द्वीप के लोगों को उनके ज्ञान के कारण सुरक्षित रहने में किस प्रकार सहायता मिली होगी?
उत्तर

वे अपने द्वीप को इतनी अच्छी तरह जानते थे कि उन्होंने प्रकृति की चेतावनी पढ़ ली और सुनामी आने से पहले ऊँची भूमि पर चले गए।

सुनामी समुद्र की एक विशाल लहर है, जो प्राय: समुद्र-तल के नीचे आए तीव्र भूकंप से उठती है। दिसंबर 2004 में ऐसी ही एक लहर इस क्षेत्र में आई। सेंटिनली लोग बच गए।

उन्होंने कौन-से संकेत पहचाने होंगे:

  1. धरती हिली। पहले भूकंप आता है। जो लोग धरती के इतने निकट रहते हैं, वे उसे तुरंत अनुभव कर लेते हैं।
  2. समुद्र पीछे हट गया। सुनामी से पहले जल प्राय: तट से बहुत दूर खिंच जाता है और समुद्र-तल खुला दिखने लगता है। जो व्यक्ति जीवन भर प्रतिदिन समुद्र को देखता है, वह जान जाता है कि यह असामान्य है।
  3. वायु और ध्वनि बदल गई। लहर आने से पहले समुद्र से एक अजीब गर्जन आता है।
  4. जंतुओं का व्यवहार बदला। पक्षी झुंड बनाकर भीतर की ओर उड़े। जंतु ऊपर पहाड़ी की ओर चले गए और लौटे नहीं। जंतुओं के इतने निकट रहने वाले लोग इसे तुरंत भाँप लेते हैं।
  5. वे हट गए। वे तट से दूर, भीतर और ऊँचाई की ओर चले गए और प्रतीक्षा करते रहे।
यह ज्ञान क्यों कहलाता है: उनके पास न रेडियो था, न फ़ोन, न कोई चेतावनी प्रणाली। उनके पास था एक ही स्थान को जीवन भर बहुत ध्यान से देखने का अनुभव, और बुजुर्गों से सुनी वे कहानियाँ कि समुद्र जब ऐसा करे तो क्या करना चाहिए। यही सच्चा ज्ञान है — मुँहज़बानी सौंपा गया, सैकड़ों वर्षों में परखा गया, और उसी ने उन्हें बचाया।
एक महत्वपूर्ण नियम: सेंटिनली लोग आगंतुक नहीं चाहते। उत्तरी सेंटिनल द्वीप पर किसी को जाने की अनुमति नहीं है। यह अमित्रता नहीं, उनकी रक्षा है। हमारी साधारण बीमारियों से लड़ने की क्षमता उनके पास नहीं है, इसलिए एक ही आगंतुक उनमें से बहुतों को गंभीर रूप से बीमार कर सकता है। उन्हें अकेला छोड़ देना ही सम्मान का व्यवहार है।
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