प्र1.
अपने आस-पास की आर्थिक गतिविधियों की एक सूची बनाइए और प्राथमिक, द्वितीयक या तृतीयक गतिविधियों के रूप में उन्हें वर्गीकृत कीजिए। इसके उपरांत तीर लगाकर दर्शाइए कि वे एक-दूसरे से किस प्रकार संबंधित और परस्पर आश्रित हैं; यदि इनमें से किसी एक गतिविधि का अंत हो जाता है, तो क्या होगा?
उत्तर
इसे करने का सही तरीका। कॉपी लेकर अपने घर के पास की एक सड़क पर चलिए और हर वह स्थान लिखिए जहाँ कोई धन कमाता है — खेत, कार्यशाला, दुकान, चिकित्सालय, बस अड्डा। फिर हर एक के आगे प्रा., द्वि. या तृ. लिखिए। अंत में तीर लगाइए — तीर उस गतिविधि से चलेगा जो देती है, उस गतिविधि तक जो लेती है।
नमूना उत्तर (महाराष्ट्र का एक छोटा कस्बा — इनके स्थान पर अपने आस-पास के नाम लिखिए):
| मेरे आस-पास की आर्थिक गतिविधि | क्षेत्रक | किससे लेती है | किसे देती है |
|---|---|---|---|
| गन्ने और ज्वार के खेत | प्राथमिक | बीज-खाद की दुकान; किराए का ट्रैक्टर; नहर का पानी | चीनी मिल; आटा चक्की; सब्जी मंडी |
| भैंसों का बाड़ा और दुग्ध संग्रह केंद्र | प्राथमिक | खेतों का चारा; पशु चिकित्सालय | डेयरी संयंत्र; घर-परिवार; चाय की दुकान |
| कस्बे के किनारे की चीनी मिल | द्वितीयक | खेतों का गन्ना; बिजली; श्रमिक | थोक व्यापारी; मिठाई की दुकानें; बेकरी |
| आटा चक्की | द्वितीयक | किसानों का गेहूँ और ज्वार | हर घर; बेकरी |
| दर्जी की दुकान | द्वितीयक | कपड़ा व्यापारी से कपड़ा; सिलाई मशीन | परिवार, विद्यार्थी, हमारे विद्यालय की गणवेश का ऑर्डर |
| नया मकान बनाते राजमिस्त्री | द्वितीयक | हार्डवेयर की दुकान से सीमेंट, बालू, ईंट, सरिया | वह परिवार जो उस मकान में रहेगा |
| टेंपो और ट्रैक्टर-ट्रॉली परिवहन | तृतीयक | पेट्रोल पंप से डीजल; मरम्मत की दुकान | किसान, मिल, बाजार की हर दुकान |
| साप्ताहिक बाजार और किराना दुकानें | तृतीयक | खेतों, मिलों और थोक व्यापारियों से माल | कस्बे का हर परिवार |
| बैंक शाखा और डाकघर | तृतीयक | परिवारों और व्यापारियों की जमा राशि | किसानों और दुकानदारों को ऋण; धन का हस्तांतरण |
| प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और विद्यालय | तृतीयक | वेतन, दवाइयाँ, पुस्तकें, बिजली | हर दूसरी गतिविधि के लिए स्वस्थ और शिक्षित कार्यकर्ता |
| मोबाइल मरम्मत और साइबर कैफे | तृतीयक | शहर से पुर्जे; इंटरनेट संयोजन | भाव देखने वाले किसान, विद्यार्थी, दुकानदार |
तीर, शब्दों में। खेत → चीनी मिल → व्यापारी → दुकान → परिवार। खेत → आटा चक्की → बेकरी → दुकान। भैंसों का बाड़ा → दुग्ध केंद्र → डेयरी → दुकान। और इन सबके आर-पार — परिवहन → सब तक, बैंक → सब तक, विद्यालय और स्वास्थ्य केंद्र → हर गतिविधि के कार्यकर्ताओं तक।
ये एक-दूसरे पर किस प्रकार आश्रित हैं?
- द्वितीयक क्षेत्रक को कच्चे माल के लिए प्राथमिक क्षेत्रक चाहिए। खेत में गन्ना नहीं, तो मिल में चीनी नहीं।
- प्राथमिक क्षेत्रक को बाजार और औजारों के लिए द्वितीयक क्षेत्रक चाहिए। मिल न हो तो गन्ना सड़ जाएगा; हार्डवेयर की दुकान और ट्रैक्टर कारखाने न हों तो हल, पंप और पाइप कहाँ से आएँ।
- दोनों को किसी तक पहुँचने के लिए तृतीयक क्षेत्रक चाहिए। टेंपो गन्ना ढोता है, बैंक जून में ऋण देता है और मार्च में वसूलता है, मोबाइल मंडी का भाव बताता है।
- तृतीयक क्षेत्रक को ढोने, वित्त देने और बेचने के लिए शेष दोनों चाहिए। खाली अलमारियों वाली दुकान, दुकान नहीं होती।
यदि कोई एक गतिविधि समाप्त हो जाए तो क्या होगा?
| यदि यह रुक जाए… | …सबसे पहले यह होगा | …और फिर |
|---|---|---|
| खेती | चीनी मिल और आटा चक्की के पास संसाधित करने को कुछ नहीं बचेगा और वे बंद हो जाएँगी | मिल के श्रमिकों की मजदूरी जाएगी, दुकानों के ग्राहक घटेंगे, अनाज दूर से महँगा मँगाना पड़ेगा |
| चीनी मिल | किसान गन्ना बेच नहीं पाएँगे, और गन्ना रखा भी नहीं जा सकता | फसल बर्बाद, खेती की आय ठप, ढुलाई करने वालों का काम बंद |
| परिवहन | गन्ना मिल तक नहीं पहुँचेगा और चीनी मिल से बाहर नहीं जाएगी | खेत और कारखाना दोनों रुक जाएँगे, जबकि दोनों में से कोई विफल नहीं हुआ |
| बैंक | बीज, खाद या नई सिलाई मशीन के लिए ऋण नहीं मिलेगा | बुवाई घटेगी, दर्जी अपना काम नहीं बढ़ा पाएगा, और साहूकार कहीं अधिक ब्याज लेंगे |
| विद्यालय और स्वास्थ्य केंद्र | बीमारी का उपचार नहीं होगा और बच्चों की पढ़ाई छूट जाएगी | हर दूसरी गतिविधि धीरे-धीरे कमजोर होगी, क्योंकि उन्हें चलाते तो लोग ही हैं |
उत्तर के अंत में लिखने योग्य सीख: मोहल्ले की गतिविधियाँ केवल एक सूची नहीं, एक जाल हैं। एक धागा कटते ही उसका भार शेष सब पर आ पड़ता है। क्षेत्रकों की परस्पर निर्भरता का अध्याय में यही अर्थ है।