नहीं। एक ध्रुव वाला चुंबक हो ही नहीं सकता। उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव सदैव जोड़े में रहते हैं।
जाँचकर देखिए — N और S अंकित एक छड़ चुंबक लीजिए और उसे बीच से तोड़ दीजिए।
एक चुंबक : N ——— S
तोड़िए → दो चुंबक : N ——— S और N ——— S
फिर तोड़िए → चार चुंबक, प्रत्येक में दोनों ध्रुव
टुकड़ा कितना भी छोटा हो, उसमें एक उत्तरी और एक दक्षिणी ध्रुव अवश्य होगा।
ऐसा क्यों होता है: चुंबक ‘उत्तरी हिस्से’ और ‘दक्षिणी हिस्से’ को जोड़कर नहीं बना होता। उसके पदार्थ का हर सूक्ष्म भाग स्वयं दो सिरों वाला पूरा नन्हा चुंबक है और सभी एक ही दिशा में पंक्तिबद्ध हैं। कहीं से भी काटिए, आप बस उस छोटी पंक्ति के दो सिरे उघाड़ देते हैं — इसलिए कटे स्थान पर नया N और नया S प्रकट हो जाता है।
क्या आप जानते हैं? वैज्ञानिक सौ वर्षों से भी अधिक समय से एकल चुंबकीय ध्रुव (चुंबकीय एकध्रुव) की खोज कर रहे हैं, पर आज तक वह कहीं नहीं मिला। प्रकृति ने यह नियम अब तक बिना किसी अपवाद के निभाया है।