कक्षा ४ गणित अध्याय 10 कितने पशु हैं? के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
कर्नाटक में हाथियों की संख्या 6049 है तथा केरल में हाथियों को संख्या 3054 है। इन दोनों राज्यों में हाथियों की कुल कितनी संख्या कितनी है? उत्तर का अनुमान लगाइए।
उत्तर

पहले अनुमान लगाइए। 6049 लगभग 6000 है और 3054 लगभग 3000 है।

6000 + 3000 = लगभग 9000 हाथी

अब सही उत्तर।

6049 + 3054
इकाई: 9 + 4 = 13 → 10 इ. = 1 द., 3 लिखिए, 1 दहाई हासिल
दहाई: 4 + 5 + 1 = 10 → 10 द. = 1 सै., 0 लिखिए, 1 सैकड़ा हासिल
सैकड़ा: 0 + 0 + 1 = 1
हजार: 6 + 3 = 9
= 9103
ह.सै.द.इ.
 11 
6049
3054
9103
वही जोड़ स्थानीय मान की सारणी में।

कर्नाटक और केरल में कुल 9103 हाथी हैं। हमारा अनुमान 9000 बहुत पास था।

ऐसा क्यों होता है: किसी भी स्थान पर हम 9 से अधिक नहीं रख सकते। जब इकाई 10 हो जाती है, तो उसे एक दहाई बनाकर बाईं ओर भेज देते हैं।
ध्यान दीजिए: पुस्तक में यह प्रश्न छपते समय दो छोटी भूलें रह गई हैं — ‘हाथियों को संख्या’ (‘की संख्या’ होना चाहिए) और ‘कुल कितनी संख्या कितनी है’ में ‘कितनी’ दो बार आ गया है। प्रश्न का अर्थ वही है।
प्र2.
अधिकांश तेंदुए देश के तीन राज्यों में पाए जाते हैं। गुजरात में 1355, कर्नाटक में 1131 तथा मध्य प्रदेश में 1817 तेंदुए हैं। वर्तमान में इन तीनों राज्यों में तेंदुओं की कुल संख्या कितनी है? उत्तर का अनुमान लगाइए।
उत्तर

पहले अनुमान लगाइए। 1355 लगभग 1400, 1131 लगभग 1100 और 1817 लगभग 1800 है।

1400 + 1100 + 1800 = लगभग 4300 तेंदुए

अब सही उत्तर।

1355 + 1131 + 1817
इकाई: 5 + 1 + 7 = 13 → 3 लिखिए, 1 दहाई हासिल
दहाई: 5 + 3 + 1 + 1 = 10 → 0 लिखिए, 1 सैकड़ा हासिल
सैकड़ा: 3 + 1 + 8 + 1 = 13 → 3 लिखिए, 1 हजार हासिल
हजार: 1 + 1 + 1 + 1 = 4
= 4303
ह.सै.द.इ.
111 
1355
1131
1817
4303
तीनों संख्याओं का जोड़ स्थानीय मान की सारणी में।

इन तीन राज्यों में कुल 4303 तेंदुए हैं।

ऐसा क्यों होता है: तीन संख्याएँ भी एक साथ जोड़ी जा सकती हैं। हासिल का नियम वही रहता है — किसी भी स्थान की 10 इकाइयाँ अगले स्थान की 1 इकाई बन जाती हैं।
प्र3.
महाराष्ट्र में 444 बाघ हैं। मध्यप्रदेश में महाराष्ट्र से 341 अधिक बाघ हैं। उत्तराखंड में महाराष्ट्र से 116 अधिक बाघ हैं। (क) मध्य प्रदेश में कितने बाघ हैं?
सै.द.इ.
444
   
   
पुस्तक में भाग (क) के लिए छपी खाली सारणी।
उत्तर
सै.द.इ.
444
   
   
पुस्तक में भाग (क) के लिए छपी खाली सारणी।

‘अधिक’ का अर्थ है — जोड़िए

444 + 341
इकाई: 4 + 1 = 5
दहाई: 4 + 4 = 8
सैकड़ा: 4 + 3 = 7
= 785
सै.द.इ.
444
341
785
मध्य प्रदेश के लिए भरी हुई सारणी।

मध्य प्रदेश में 785 बाघ हैं।

ऐसा क्यों होता है: मध्य प्रदेश में महाराष्ट्र के 444 बाघों जितने बाघ हैं और 341 बाघ अधिक भी हैं, इसलिए दोनों को मिलाते हैं।
प्र4.
(ख) उत्तराखंड में कितने बाघ हैं?
सै.द.इ.
444
   
   
पुस्तक में भाग (ख) के लिए छपी खाली सारणी।
उत्तर
सै.द.इ.
444
   
   
पुस्तक में भाग (ख) के लिए छपी खाली सारणी।

उत्तराखंड में महाराष्ट्र से 116 अधिक बाघ हैं, इसलिए फिर जोड़िए।

444 + 116
इकाई: 4 + 6 = 10 → 0 लिखिए, 1 दहाई हासिल
दहाई: 4 + 1 + 1 = 6
सैकड़ा: 4 + 1 = 5
= 560
सै.द.इ.
 1 
444
116
560
उत्तराखंड के लिए भरी हुई सारणी।

उत्तराखंड में 560 बाघ हैं।

ऐसा क्यों होता है: इकाइयाँ मिलकर पूरी एक दहाई बन गईं, इसलिए वह दहाई दहाई के स्थान पर चली गई।
प्र5.
(ग) मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में कितने बाघ हैं?
ह.सै.द.इ.
    
    
    
पुस्तक में भाग (ग) के लिए छपी चार स्तंभों वाली खाली सारणी।
उत्तर
ह.सै.द.इ.
    
    
    
पुस्तक में भाग (ग) के लिए छपी चार स्तंभों वाली खाली सारणी।

भाग (क) और (ख) से: मध्य प्रदेश 785, उत्तराखंड 560।

785 + 560
इकाई: 5 + 0 = 5
दहाई: 8 + 6 = 14 → 4 लिखिए, 1 सैकड़ा हासिल
सैकड़ा: 7 + 5 + 1 = 13 → 3 लिखिए, 1 हजार हासिल
हजार: 1
= 1345
ह.सै.द.इ.
11  
 785
 560
1345
दोनों राज्यों के जोड़ की भरी हुई सारणी।

मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में मिलाकर 1345 बाघ हैं।

ऐसा क्यों होता है: सैकड़े दस से अधिक हो गए और 10 सै. = 1 ह. होता है। इसीलिए हजार का अंक आ गया।
प्र6.
(घ) इन तीनों राज्यों में कुल कितने बाघ हैं?
ह.सै.द.इ.
    
    
    
    
पुस्तक में भाग (घ) के लिए छपी चार स्तंभों वाली खाली सारणी।
उत्तर
ह.सै.द.इ.
    
    
    
    
पुस्तक में भाग (घ) के लिए छपी चार स्तंभों वाली खाली सारणी।

तीनों राज्यों को जोड़िए — महाराष्ट्र 444, मध्य प्रदेश 785, उत्तराखंड 560।

444 + 785 + 560
इकाई: 4 + 5 + 0 = 9
दहाई: 4 + 8 + 6 = 18 → 8 लिखिए, 1 सैकड़ा हासिल
सैकड़ा: 4 + 7 + 5 + 1 = 17 → 7 लिखिए, 1 हजार हासिल
हजार: 1
= 1789
ह.सै.द.इ.
11  
 444
 785
 560
1789
तीनों राज्यों के जोड़ की भरी हुई सारणी।

तीनों राज्यों में मिलाकर 1789 बाघ हैं।

स्वयं जाँचिए: 1345 (भाग ग से) + 444 = 1789। दोनों तरीके एक ही उत्तर देते हैं।
क्या यह उपयोगी रहा?