कक्षा ४ गणित अध्याय 7 आइए हल करते हैं के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
उत्तर का अनुमान लगाइए। (राम चाचा के आम)
उत्तर

लगभग 270 आम

527 → लगभग 530
264 → लगभग 260
530 − 260 = लगभग 270
ऐसा क्यों होता है: दहाई तक गोल करने पर दोनों संख्याएँ आसानी से घटती हैं और उत्तर सही के पास रहता है।
सुझाव: अनुमान सही उत्तर नहीं होता। वह केवल बताता है कि उत्तर लगभग कितना आएगा, जिससे बड़ी गलती तुरंत पकड़ में आ जाए।
प्र2.
राम चाचा को पिछले वर्ष आम के पेड़ से 264 आम प्राप्त हुए। इस वर्ष उन्हें 527 आम प्राप्त हुए। उन्हें पिछले वर्ष से कितने अधिक आम इस वर्ष प्राप्त हुए?
उत्तर

इस वर्ष उन्हें 263 आम अधिक मिले।

अधिक आम = 527 − 264
सै.द.इ.412527264263
स्तंभों में लिखा हल।
7 − 4 = 3 इकाई
2 दहाई में से 6 दहाई नहीं जातीं → पुनः समूहित करें 1 सैकड़ा = 10 दहाई
12 − 6 = 6 दहाई, 4 − 2 = 2 सैकड़ा
= 2 सैकड़ा + 6 दहाई + 3 इकाई = 263
ऐसा क्यों होता है: “कितने अधिक” पूछने का अर्थ है अंतर निकालना, इसलिए बड़ी संख्या में से छोटी घटाते हैं।
स्वयं जाँचिए: 264 + 263 = 527।
प्र3.
उत्तर का अनुमान लगाइए। (रंगन्ना की गुड़ियाँ)
उत्तर

लगभग 110 गुड़ियाँ

639 → लगभग 640
531 → लगभग 530
640 − 530 = लगभग 110
ऐसा क्यों होता है: दोनों संख्याएँ केवल 1 से खिसकीं, इसलिए अनुमान सही उत्तर के बहुत पास है।
सुझाव: अनुमान सही उत्तर नहीं होता। वह केवल बताता है कि उत्तर लगभग कितना आएगा, जिससे बड़ी गलती तुरंत पकड़ में आ जाए।
प्र4.
4. गुड़ियों के पर्व गोंबे हब्बा (नवरात्रि/दशहरे के समय मनाए जाने वाले) में रंगन्ना ने 639 गुड़ियाँ बनाईं। वह 531 गुड़ियाँ बेच पाया। अब उसके पास कितनी गुड़ियाँ बचीं? बची हुई गुड़ियों की संख्या = _____________________
उत्तर

उसके पास 108 गुड़ियाँ बचीं।

बची हुई गुड़ियों की संख्या = 639 − 531
सै.द.इ.639531108
स्तंभों में लिखा हल।
9 − 1 = 8 इकाई
3 − 3 = 0 दहाई
6 − 5 = 1 सैकड़ा
= 108
ऐसा क्यों होता है: दहाई के स्तंभ में 0 आया, और उस 0 को लिखना ज़रूरी है — वरना संख्या 108 के बदले 18 पढ़ी जाएगी।
स्वयं जाँचिए: 531 + 108 = 639।
क्या यह उपयोगी रहा?