हाँ, यह बहुत महत्वपूर्ण होता है। जब बहुत-से हाथ मिलकर काम करते हैं, तब बड़ी समस्या भी छोटी हो जाती है।
अध्याय में इसका सच्चा उदाहरण दिया गया है। छत्तीसगढ़ के कांकेर में बरसात के मौसम में चिनार नदी प्राय: उफान पर होती है। इससे वस्तुओं और वाहनों का आवागमन कठिन हो जाता था और विद्यालय तथा चिकित्सालय तक पहुँचना बड़ी चुनौती बन जाता था। 2024 में इसी प्रकार की बरसात में पूरे समुदाय ने मिलकर बाँस, पत्थरों और अन्य सामग्री से केवल दो दिनों में एक छोटा परंतु पक्का पुल बना लिया। अब वहाँ के विद्यार्थी सरलता से विद्यालय जा सकते हैं और ग्रामीण बिना कठिनाई के नदी पार कर सकते हैं।
यही बात चंदन के गाँव में भी हुई। उद्यान को मरम्मत की आवश्यकता थी और कोई एक परिवार यह काम नहीं कर सकता था। समीर ने बेंच ठीक कीं, बबिता ने प्रकाश स्तंभ ठीक किया, नूर पौधे लाया — और उद्यान कुछ ही समय में तैयार हो गया।