कक्षा ४ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 3 गतिविधि 4 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
पक्षी दैनंदिनी (डायरी) — (क) किसी पेड़ के समीप जाइए। (ख) अपनी आँखें बंद कीजिए और भिन्न-भिन्न पक्षियों का स्वर सुनिए। (ग) अब अपनी आँखें खोलिए और एक बार में एक पक्षी पर ध्यान केंद्रित कीजिए। (घ) अवलोकन कीजिए कि वह कैसे चलता है, क्या खाता है और कहाँ पर बैठता है। (ङ) अपने अवलोकनों को पक्षी दैनंदिनी (डायरी) में लिखिए! प्रत्येक पक्षी के लिए निम्नलिखित बातों को लिखिए —
पक्षी दैनंदिनी 
नाम 
दिनांक 
सिर का रंग 
पीठ का रंग 
पंखों के रंग 
चोंच का आकार 
गले का रंग 
पैरों का रंग 
रोचक तथ्य 
पृष्ठ 47 पर छपा पक्षी दैनंदिनी का कार्ड — बाईं ओर एक पक्षी का चित्र और दाईं ओर रिक्त स्थान।
उत्तर

यह आपकी अपनी दैनंदिनी है, इसलिए लिखना आपको ही है। ऐसे कीजिए —

  1. प्रतिदिन एक ही समय पर उसी पेड़ के पास जाइए — प्रात:काल सबसे अच्छा समय है।
  2. चुपचाप खड़े होकर एक मिनट आँखें बंद रखिए। गिनिए कि कितने अलग-अलग स्वर सुनाई देते हैं।
  3. आँखें खोलिए और एक पक्षी चुनिए। केवल उसी को देखिए।
  4. उसे देखते-देखते ही ‘रूप-रंग’ वाले खाने ऊपर से नीचे तक भरिए।
  5. एक-दो रोचक तथ्य लिखिए — उसने क्या खाया, कैसे चला, कहाँ बैठा।

नमूना उत्तर — कौए की दैनंदिनी, जिसका चित्र पुस्तक के कार्ड पर बना है।

पक्षी दैनंदिनीमैंने क्या देखा
नामकौआ
दिनांक12 जुलाई
सिर का रंगऊपर से काला
पीठ का रंगभूरा-स्लेटी
पंखों के रंगचमकीला काला
चोंच का आकारमोटी, मजबूत और थोड़ी मुड़ी हुई
गले का रंगभूरा-स्लेटी
पैरों का रंगकाला
रोचक तथ्यवह भूमि पर फुदका, रोटी का एक टुकड़ा उठाया और दीवार पर उड़ गया। बिल्ली पास आई तो वह जोर-जोर से काँव-काँव करने लगा।
चोंच का आकार क्यों लिखते हैं: चोंच बताती है कि पक्षी क्या खाता है। कौए जैसी मोटी और मजबूत चोंच लगभग कुछ भी उठा सकती है, इसलिए कौआ अनाज, फल और बचा हुआ भोजन — सब खा लेता है।
संकेत: घोंसले के पास कभी मत जाइए और चूजे को कभी मत छुइए। दूर से देखिए, तभी पक्षी बार-बार आते रहेंगे।
प्र2.
उन जंतुओं की सूची बनाइए, जो जलाशयों में और जलाशयों के आस-पास रहते हैं। नीचे दी गई तालिका को पूरा कीजिए —
जंतु का नामगति का तरीका
मछलीतैरती है।
केकड़ाचलता है।
मेंढककूदता है।
कछुआ 
मगरमच्छ 
साँप 
  
  
  
पुस्तक में छपी तालिका, जिसमें तीन पंक्तियाँ पहले से भरी हैं।
उत्तर

रिक्त पंक्तियाँ इस प्रकार भरिए।

जंतु का नामगति का तरीका
मछलीतैरती है।
केकड़ाचलता है।
मेंढककूदता है।
कछुआझिल्लीदार पैरों से पानी में तैरता है और भूमि पर धीरे-धीरे चलता है।
मगरमच्छपानी में तैरता है और भूमि पर रेंगता है।
साँपरेंगता है; पानी का साँप तैरता हुआ आगे बढ़ता है।
बत्तखतैरती है, चलती भी है और उड़ती भी है।
बगुलालंबी टाँगों से उथले पानी में चलता है और उड़ता है।
घड़ियालअपनी लंबी पूँछ से तैरता है।
ये इस तरह क्यों चलते हैं: जंतु की गति उसके शरीर पर निर्भर करती है। मछली के पंख होते हैं, इसलिए वह तैरती है। कछुए के झिल्लीदार पैर पानी को पीछे धकेलते हैं, इसलिए वह सरलता से तैरता है पर भूमि पर धीरे चलता है। मेंढक के पिछले पैर लंबे होते हैं, इसलिए वह कूदता है।

पुस्तक ने ये विशेषताएँ बताई हैं —

  • मछलियों में तैरने के लिए पंख होते हैं।
  • घड़ियाल, मगरमच्छ परिवार का एक जीव है, जिसका मुँह लंबा, पतला और नुकीला होता है, जिससे वह मछली पकड़ता है।
  • कछुओं का कवच सख्त होता है जो उन्हें सुरक्षा देता है और उनके पैर झिल्लीदार होते हैं, जिससे वे सरलता से तैर सकते हैं।
  • मेंढक भूमि तथा जल दोनों में रह सकते हैं।
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