कक्षा ४ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 7 गतिविधि 5 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
आइए, नाव बनाएँ! • कुछ कागज, गत्ते के डिब्बे, कुल्फी की डंडियाँ, चिकनी मिट्टी, चिपकाने वाला टेप आदि एकत्रित कीजिए। • तीन से चार विद्यार्थियों के समूह बनाइए। • सोचिए कि आप अपने पास उपलब्ध सामग्रियों में से कुछ वस्तुओं का उपयोग करके एक नाव कैसे बना सकते हैं। • चित्र बनाइए। • नाव तैयार कीजिए। यह सुनिश्चित करने का प्रयास कीजिए कि आपकी नाव अन्य समूहों द्वारा बनाई गई नावों से अलग हो। • कक्षा में नावों की एक प्रदर्शनी आयोजित कीजिए।
उत्तर

चरण-दर-चरण क्या करना है

  1. तीन या चार विद्यार्थियों का समूह बनाइए। सारी सामग्री एक मेज पर रखिए।
  2. आपस में बात कीजिए कि आपकी नाव कैसी दिखेगी। उसका आकार और नाप तय कीजिए।
  3. पहले अपनी कॉपी में नाव का चित्र बनाइए और लिखिए कि कौन-सी सामग्री कहाँ लगेगी।
  4. नाव बनाइए। उसका तल चौड़ा और चपटा रखिए, जिससे वह पलटे नहीं।
  5. जोड़ों को टेप या चिकनी मिट्टी से अच्छी तरह बंद कीजिए, ताकि पानी भीतर न जाए।
  6. टब में पानी भरकर नाव को परखिए। जहाँ पानी रिसे या नाव झुके, उसे सुधारिए।
  7. सभी नावें एक मेज पर नाम-पर्ची के साथ रखिए और दूसरी कक्षाओं को देखने के लिए बुलाइए।
कुल्फी की डंडियों से बनी नाव नारियल के खोल से बनी नाव अखरोट के छिलकों से बनी नावें
पुस्तक में दिखाई गई तीन प्रकार की नावें, जिन्हें कोई समूह बना सकता है।

नमूना उत्तर: हमारे समूह ने कुल्फी की बारह डंडियों से एक बेड़ा बनाया। हमने डंडियों को अगल-बगल रखकर पीछे दो डंडियों और टेप से जोड़ा। बीच में चिकनी मिट्टी की छोटी लोई दबाकर उस पर कागज की झंडी लगाई। बेड़ा पानी पर सीधा तैरा और उस पर दो रबड़ रखने पर भी वह पलटा नहीं।

ऐसा क्यों होता है: नाव इसलिए तैरती है क्योंकि वह खोखली या चौड़ी और चपटी होती है, इसलिए वह अपना भार अधिक पानी पर फैला देती है — ठीक वैसे ही जैसे गतिविधि 4 का पत्रक का कप।
संकेत: नारियल का खोल, अखरोट का छिलका और बड़ा पत्ता — तीनों अच्छी नाव बनते हैं। ये खोखले और हल्के होते हैं।
प्र2.
दी गई तालिका में अपनी नाव की विशेषताएँ एवं कमियाँ लिखिए और इसकी तुलना अन्य विद्यार्थियों की नावों से कीजिए —
उत्तर

अपनी नाव और दो-तीन अन्य समूहों की नावें देखकर तालिका भरिए।

एक भरी हुई नमूना तालिका

आपकी नाव की विशेषताएँआपकी नाव की कमियाँ
इसका तल चौड़ा और चपटा है, इसलिए यह पलटती नहींडंडियों के बीच से धीरे-धीरे पानी भीतर आ जाता है
कुल्फी की डंडियाँ मजबूत हैं, इसलिए नाव टूटती नहींयह भारी है, इसलिए पानी में कुछ नीचे बैठती है
यह दो रबड़ों का भार बिना डूबे उठा लेती हैदेर तक गीली रहने पर टेप उखड़ जाता है

तुलना करने पर हमने क्या देखा:

  • कागज की नाव सबसे हल्की थी, पर वह नरम होकर सबसे पहले डूबी।
  • नारियल के खोल की नाव सबसे अच्छी तैरी, क्योंकि वह खोखली है।
  • चिकनी मिट्टी की नाव लोई बनाने पर डूब गई और कटोरी जैसी बनाने पर तैर गई।
ऐसा क्यों होता है: पुस्तक भी यही कहती है — कुछ नावें ठोस होती हैं और उन्हें तोड़ना कठिन होता है, जबकि कुछ सरलता से टूट सकती हैं; कुछ नावें सरलता से पलट सकती हैं, जबकि कुछ संतुलन बनाए रख सकती हैं।
प्र3.
सोचिए कि आप अपनी नाव को और अच्छा कैसे बना सकते हैं।
उत्तर

ये परिवर्तन नाव को सचमुच बेहतर बनाते हैं। एक बार में एक परिवर्तन कीजिए और परखिए।

  1. तल को और चौड़ा तथा चपटा बनाइए। चौड़ा तल नाव को पलटने से बचाता है।
  2. हर जोड़ को बंद कीजिए। दरारों को टेप या चिकनी मिट्टी की पतली परत से ढक दीजिए।
  3. दोनों पार्श्व एक जैसे रखिए। एक ओर भारी होने पर नाव झुककर पलट जाती है।
  4. हल्की सामग्री लीजिए। थर्मोकोल, कॉर्क और नारियल का खोल मोटी मिट्टी से कहीं बेहतर तैरते हैं।
  5. किनारों को थोड़ा ऊँचा कीजिए। ऊँचे किनारे पानी और लहरों को भीतर आने से रोकते हैं।
  6. सामान बीच में रखिए। बीच में रखा भार नाव को सीधा रखता है।
पतला तल — यह पलट जाती है चौड़ा चपटा तल — यह सीधी रहती है
एक ही नाप की दो नावें पानी में रखी गईं — एक का तल पतला है और दूसरी का चौड़ा तथा चपटा।
ऐसा क्यों होता है: इनमें से हर परिवर्तन नाव की आकृति और संतुलन पर काम करता है — और आकृति ही तय करती है कि वस्तु तैरेगी या डूबेगी।
स्वयं जाँचिए: अपनी नाव में एक-एक करके सिक्के रखिए। गिनिए कि डूबने से पहले वह कितने सिक्के उठा पाती है। फिर नाव सुधारकर दोबारा गिनिए।
क्या यह उपयोगी रहा?