कक्षा ४ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 7 पाठ्य प्रश्न के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे आस-पास की वस्तुएँ कैसे कार्य करती हैं?
उत्तर

हाँ, और यह सोचने योग्य बात है। हर वस्तु अपने ढंग से कार्य करती है।

  • पेंसिल इसलिए लिखती है क्योंकि उसकी नरम काली नोक कागज पर घिसकर छूट जाती है।
  • थैला इसलिए पुस्तकें ले जा पाता है क्योंकि उसका कपड़ा मजबूत है और उसमें हत्थे लगे हैं।
  • सिक्का इसलिए घूमता है क्योंकि वह गोल है और चारों ओर से एक जैसा है।
ऐसा क्यों होता है: कोई वस्तु अपनी आकृति और अपनी सामग्री के कारण एक विशेष ढंग से कार्य करती है।
संकेत: इस अध्याय में मीरा और ध्रुव घूमने वाली तथा तैरने-डूबने वाली वस्तुओं के विषय में पता लगाते हैं। आप भी हर गतिविधि घर पर कर सकते हैं।
प्र2.
क्या वे सभी परिस्थितियों में एक ही तरह से कार्य करती हैं?
उत्तर

नहीं। एक ही वस्तु अलग-अलग परिस्थिति में अलग-अलग ढंग से कार्य करती है।

  • सिक्का चिकने फर्श पर देर तक घूमता है। रेत या कपड़े पर वह तुरंत रुक जाता है।
  • कागज की नाव पहले अच्छी तरह तैरती है। कुछ देर बाद कागज गीला हो जाता है और नाव डूब जाती है।
  • एल्युमिनियम पत्रक फैला हुआ हो तो तैरता है। वही पत्रक कसकर गेंद बनाने पर डूब जाता है।
ऐसा क्यों होता है: जब हम किसी वस्तु की आकृति बदल देते हैं या उसे किसी दूसरी जगह पर काम में लेते हैं, तो उसके कार्य करने का ढंग भी बदल जाता है।
प्र3.
ठीक प्रकार से कार्य करने के लिए उनमें कौन-से परिवर्तनों की आवश्यकता हो सकती है?
उत्तर

छोटे-छोटे परिवर्तन किसी वस्तु को बहुत बेहतर बना देते हैं। इस अध्याय से तीन उदाहरण —

  1. टूथपिक को गत्ते के ठीक केंद्र में चुभोइए। तब चकरी सीधी खड़ी रहती है और देर तक घूमती है।
  2. कागज की नाव का तल चौड़ा और चपटा बनाइए। तब वह पलटती नहीं है।
  3. एल्युमिनियम पत्रक को गेंद के स्थान पर कप के आकार में बनाइए। तब वह डूबने के स्थान पर तैरता है।
ऐसा क्यों होता है: आकृति बदलने से यह बदल जाता है कि वस्तु कैसे संतुलित रहती है और पानी पर कैसे बैठती है।
क्या यह उपयोगी रहा?