कक्षा ४ हिंदी अध्याय 10 सोचिए और लिखिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
जब चाचा नया कैमरा लेकर आए तो उन्होंने छोटू से क्या कहा?
उत्तर

चाचा ने दरवाजे से ही छोटू को जोर से पुकारा। उन्होंने कहा —

कहाँ गया, जल्दी आ छोटू,
बैठ यहाँ, खींचूँगा फोटू!

यानी वे छोटू को जल्दी बुलाकर एक जगह बैठाना चाहते थे, ताकि उसकी फोटो खींच सकें।

क्यों: नया कैमरा हाथ में आते ही मन करता है कि तुरंत कोई फोटो खींची जाए। इसीलिए चाचा घर में घुसते ही चिल्लाने लगे।
प्र2.
चाचा ने कैमरे की कार्यप्रणाली को कैसे समझाया?
उत्तर

चाचा ने हँसकर छोटू से कहा कि कैमरे के भीतर कोई पेंटर नहीं छिपा है। उन्होंने कहा —

है प्रकाश-छाया का खेल,
बना उसी से सुंदर मेल।

इसका अर्थ है — रोशनी और परछाईं आपस में मिलकर कागज पर चित्र बना देती हैं। यही कैमरे का काम करने का तरीका है।

क्यों: जहाँ रोशनी पड़ती है वह भाग चमकीला बनता है और जहाँ परछाईं होती है वह भाग गहरा। इन दोनों के मेल से ही पूरी तस्वीर बन जाती है।
करके देखिए: अँधेरे कमरे में फोटो खींचकर देखिए। रोशनी के बिना चित्र साफ नहीं आएगा — इसी से चाचा की बात समझ आ जाएगी।
प्र3.
कविता में कैमरे की कौन-कौन सी विशेषताएँ बताई गई हैं?
उत्तर

कविता में कैमरे की ये विशेषताएँ बताई गई हैं —

  • हूबहू चित्र बनाता है — ‘चित्र बनाता बिलकुल वैसा, मोटा-पतला जो है जैसा।’
  • पल भर में काम कर देता है — ‘क्लिक करते ही खिंच आएँगे’। एक क्लिक में फूल, कोयल, कौआ, गौरैया, दादी, अम्मा और बड़के भैया सब कागज पर आ जाते हैं।
  • कुछ छिपाता नहीं — ‘खोटा-खरा जहाँ भी जैसा, चित्र आएगा बिलकुल वैसा।’
  • चित्र असली से भी सुंदर लगता है — ‘चाहे कह लो इसको नकली, मात करेगा लेकिन असली।’
  • वह हमारा मित्र जैसा है — ‘जैसी शक्ल, हू-ब-हू चित्र, समझो इसको अपना मित्र!’
क्यों: कवि कैमरे को मित्र कहता है, क्योंकि मित्र की तरह वह सच बोलता है — जैसे हैं वैसा ही दिखा देता है।
प्र4.
“यह क्या है चक्कर, छिपा हुआ क्या इसमें पेंटर?” यह पंक्ति किसके द्वारा कही गई है और क्यों?
उत्तर

यह पंक्ति छोटू ने कही है। इससे पहले कविता में लिखा है — ‘मैं बोला’, और यह ‘मैं’ छोटू ही है।

क्यों कही: छोटू ने पहली बार कैमरा देखा था। उसे अचरज हुआ कि यह डिब्बा इतना सही चित्र कैसे बना देता है। उसे लगा कि जैसा चित्रकार हाथ से चित्र बनाता है, वैसे ही कोई पेंटर कैमरे के भीतर छिपा बैठा होगा।

ऐसा क्यों सोचा: बच्चा जो नई चीज़ देखता है, उसे अपनी जानी-पहचानी बात से जोड़कर समझता है। छोटू ने चित्रकार को देखा था, कैमरे को नहीं — इसलिए उसने पेंटर की कल्पना कर ली।
प्र5.
कविता के आधार पर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए — नया कैमरा चाचा लाए, दरवाजे से .............. चिल्लाए। (भी/ही)
उत्तर

नया कैमरा चाचा लाए, दरवाजे से ही चिल्लाए।

क्यों: ‘ही’ बताता है कि चाचा भीतर आने का इंतज़ार भी नहीं कर पाए — दरवाजे पर खड़े-खड़े ही पुकारने लगे। यहाँ ‘भी’ लगाने से यह अर्थ नहीं बनता।
प्र6.
कविता के आधार पर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए — .............. मीठा गाती है। (कौआ/कोयल)
उत्तर

कोयल मीठा गाती है।

क्यों: कोयल की बोली मीठी होती है, कौए की आवाज़ कर्कश। कविता में भी ‘कोयल, कौआ या गौरैया’ आया है, पर मीठा गाने वाली कोयल ही है।
प्र7.
कविता के आधार पर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए — कहाँ गया, जल्दी आ छोटू, बैठ .............. खींचूँगा फोटू! (यहाँ/वहाँ)
उत्तर

कहाँ गया, जल्दी आ छोटू, बैठ यहाँ खींचूँगा फोटू!

क्यों: चाचा पास की जगह की ओर इशारा कर रहे हैं। पास की जगह के लिए ‘यहाँ’ कहते हैं और दूर की जगह के लिए ‘वहाँ’।
प्र8.
कविता के आधार पर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए — कैमरे ने .............. चित्र खींचा। (हु-ब-हु/हू-ब-हू)
उत्तर

कैमरे ने हू-ब-हू चित्र खींचा।

क्यों: कविता में यही रूप छपा है — ‘जैसी शक्ल, हू-ब-हू चित्र’। ‘हू-ब-हू’ का अर्थ है — बिलकुल वैसा ही, ज़रा भी फर्क नहीं।
संकेत: दोनों ‘ऊ’ की मात्रा वाले हैं — ह-ब-ह। लिखते समय मात्रा छूटने न पाए।
क्या यह उपयोगी रहा?