चाचा ने दरवाजे से ही छोटू को जोर से पुकारा। उन्होंने कहा —
बैठ यहाँ, खींचूँगा फोटू!
यानी वे छोटू को जल्दी बुलाकर एक जगह बैठाना चाहते थे, ताकि उसकी फोटो खींच सकें।
अद्यतन2026-09-19
चाचा ने दरवाजे से ही छोटू को जोर से पुकारा। उन्होंने कहा —
यानी वे छोटू को जल्दी बुलाकर एक जगह बैठाना चाहते थे, ताकि उसकी फोटो खींच सकें।
चाचा ने हँसकर छोटू से कहा कि कैमरे के भीतर कोई पेंटर नहीं छिपा है। उन्होंने कहा —
इसका अर्थ है — रोशनी और परछाईं आपस में मिलकर कागज पर चित्र बना देती हैं। यही कैमरे का काम करने का तरीका है।
कविता में कैमरे की ये विशेषताएँ बताई गई हैं —
यह पंक्ति छोटू ने कही है। इससे पहले कविता में लिखा है — ‘मैं बोला’, और यह ‘मैं’ छोटू ही है।
क्यों कही: छोटू ने पहली बार कैमरा देखा था। उसे अचरज हुआ कि यह डिब्बा इतना सही चित्र कैसे बना देता है। उसे लगा कि जैसा चित्रकार हाथ से चित्र बनाता है, वैसे ही कोई पेंटर कैमरे के भीतर छिपा बैठा होगा।
नया कैमरा चाचा लाए, दरवाजे से ही चिल्लाए।
कोयल मीठा गाती है।
कहाँ गया, जल्दी आ छोटू, बैठ यहाँ खींचूँगा फोटू!
कैमरे ने हू-ब-हू चित्र खींचा।