कक्षा ४ हिंदी अध्याय 12 पाठ से आगे के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
शतरंज के मोहरों की चाल पता कीजिए और लिखिए — घोड़े की चाल, हाथी की चाल, मंत्री की चाल, राजा की चाल, ऊँट की चाल, प्यादे (सिपाही) की चाल।नाटक के चित्रों में छपी शतरंज की बिसात (पृष्ठ 143, 144)।
उत्तर
यह ‘पता कीजिए’ वाला काम है। पुस्तक इस पाठ में किसी मोहरे की चाल नहीं बताती। इसलिए यहाँ चालें लिखकर नहीं दी गई हैं — यह खोज आपको स्वयं करनी है। नीचे बताया गया है कि खोज कैसे करनी है और उत्तर कैसा दिखना चाहिए।
पहले देखिए, नाटक स्वयं शतरंज के बारे में क्या-क्या बताता है —
शतरंज एक चादर या बिसात पर खेला जाता है — “बीच में शतरंज की चादर बिछी है।”
खेल की गोटों को मोहरा कहते हैं — “(मोहरा उठाकर रखते हैं।)”
दोनों खिलाड़ी बारी-बारी से एक-एक चाल चलते हैं — “यह चला मैं पहली चाल।” … “यह हुई मेरी अगली चाल।”
मोहरों के नाम हैं — राजा, मंत्री, घोड़ा, हाथी, ऊँट और प्यादा (सिपाही)।
दूसरे का मोहरा मारा जा सकता है — “उड़ गया न तुम्हारा प्यादा!”, “और यह गया तुम्हारा मंत्री।”
राजा को बचाना पड़ता है — “राजा के बचाव के लिए मंत्री बढ़ाया।”
हार को मात कहते हैं — “एक से एक खिलाड़ियों को मात दे चुका है।”
अब चाल पता करने का तरीका —
घर या मोहल्ले में जो शतरंज खेलता हो, उससे पूछिए। एक-एक मोहरा उठाकर पूछिए कि यह कैसे चलता है।
विद्यालय के पुस्तकालय से शतरंज की कोई पुस्तक लीजिए। खेल शिक्षक से भी पूछ सकते हैं।
असली बिसात पर मोहरा रखकर देखिए कि वह किन-किन खानों तक जा सकता है। उन खानों पर उँगली रखकर गिनिए।
हर मोहरे के लिए दो बातें लिखिए — किस दिशा में चलता है और कितने खाने चलता है।
अपनी खोज इस तालिका में भरिए —
मोहरा
किस दिशा में चलता है
कितने खाने चलता है
घोड़ा
………………………
………………………
हाथी
………………………
………………………
मंत्री
………………………
………………………
राजा
………………………
………………………
ऊँट
………………………
………………………
प्यादा (सिपाही)
………………………
………………………
ऐसा क्यों: हर मोहरे की चाल अलग रखी गई है। इसी से खेल में सोचना पड़ता है। यदि सब एक जैसा चलते, तो खेल में कोई मज़ा न रहता।
संकेत: चाल पता करने के बाद एक बार तेनाली और राजा का खेल फिर पढ़िए। तब समझ में आएगा कि तेनाली की चालें अनाड़ी क्यों कही गईं।