कक्षा ४ हिंदी अध्याय 12 शतरंज में मात के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-19

इस अध्याय के बारे में

यह पाठ नाटक है। यह तीन दृश्यों में बँटा है। हर दृश्य के अंत में लिखा है — (पर्दा गिरता है)। दरबारी तेनालीरामन से जलते थे। उन्होंने राजा से झूठ कहा कि तेनाली शतरंज के बहुत बड़े खिलाड़ी हैं। राजा ने तेनाली को शतरंज खेलने पर मजबूर कर दिया। सच यह था कि तेनाली को खेल आता ही नहीं था। तेनाली हर चाल गलत चलते रहे। राजा को लगा कि वे जान-बूझकर हार रहे हैं। क्रोध में राजा ने भरी सभा में मुंडन का दंड सुना दिया। तेनाली ने पहली चाल चली — इन बालों पर पाँच हजार अशर्फियाँ उधार हैं। राजा ने कोष से वह रकम उनके घर भिजवा दी। फिर तेनाली ने दूसरी चाल चली — मुंडन तो माता-पिता के स्वर्ग सिधारने पर होता है, और अब राजा ही मेरे माता-पिता हैं। राजा घबरा गए और दंड वापस ले लिया।

त्वरित पुनरावृत्ति
शब्दअर्थपाठ में कहाँ आयापृष्ठ
विदूषकदरबार में हँसी-मज़ाक करने वाला“विदूषक एवं राज परामर्शदाता के रूप में जाने जाते थे।”139
युक्तिउपाय, तरकीब“कुछ युक्ति निकाली जाए!”140
घाघबहुत चालाक“पर वास्तव में बड़ा घाघ है तेनाली।”140
मातहार“एक से एक खिलाड़ियों को मात दे चुका है।”140
माहिरकुशल, जिसे काम खूब आता हो“तुमने बताया नहीं कि तुम शतरंज में माहिर हो?”141
अनाड़ीजिसे काम न आता हो“इस अनाड़ी के संग खेलकर आप पछताएँगे।”141
न्योताआमंत्रण, बुलावा“जब महाराज ने स्वयं न्योता दिया है।”142
मोहराशतरंज की गोट, जिसे चाल में चला जाता है“(मोहरा उठाकर रखते हैं।)”142
गूढ़गहरा, जो आसानी से समझ में न आए“अवश्य कोई गूढ़ चाल है।”143
प्यादाशतरंज का सिपाही मोहरा“उड़ गया न तुम्हारा प्यादा!”144
बाजीखेल की एक पारी“बाजी पर बाजी जीतते हुए देखा है।”144
मुंडनसिर के सारे बाल उतरवाना“भरी सभा में मुंडन?”145
उस्तराबाल बनाने का धारदार औज़ार“अपना उस्तरा निकालो।”146
अशर्फीसोने का सिक्का“पाँच हजार अशर्फियाँ उधार ली हैं।”146
धूर्तताचालाकी“देखा, की न धूर्तता!”146
दीर्घायुलंबी उम्र वाला“महाराज, आप दीर्घायु हों”148
  1. पाठ के भीतर
  2. बातचीत के लिए
  3. सोचिए और लिखिए
  4. सोचिए और लिखिए
  5. भाषा की बात
  6. भाषा की बात
  7. भाषा की बात
  8. भाषा की बात
  9. पाठ से आगे
  10. पाठ से आगे
  11. पुस्तकालय या अन्य स्रोत से
  12. शतरंज की भूल-भुलैया
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