कक्षा ४ हिंदी अध्याय 12 पुस्तकालय या अन्य स्रोत से के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
(क) तेनालीरामन के किस्सों की पुस्तक अपने पुस्तकालय या किसी अन्य स्रोत से लेकर पढ़िए।
उत्तर

यह पढ़ने का काम है। इसका उत्तर बनाकर नहीं दिया जा सकता। इसे इस तरह कीजिए —

  1. विद्यालय के पुस्तकालय में जाइए। पुस्तकालय अध्यापक से “तेनालीरामन के किस्से” माँगिए।
  2. पुस्तक न मिले तो घर के बड़ों से, मोहल्ले के पुस्तकालय से या किसी मित्र से लीजिए।
  3. एक बार में एक किस्सा पढ़िए। पढ़ने के बाद अपनी कॉपी में तीन बातें लिखिए — किस्से का नाम, कठिनाई क्या थी, तेनाली ने क्या चाल चली।
  4. जो नए शब्द मिलें, उन्हें अलग पन्ने पर अर्थ के साथ लिखते जाइए।
नमूना उत्तर: मैंने “तेनालीरामन के किस्से” पुस्तक से “बिल्ली और दूध” किस्सा पढ़ा। राजा ने हर घर को एक-एक बिल्ली पालने की आज्ञा दी थी। तेनाली की बिल्ली दूध से डरने लगी थी, इसलिए वह दूध नहीं पीती थी। इससे तेनाली ने सिद्ध कर दिया कि जबरदस्ती की आज्ञा से काम नहीं चलता।
ऐसा क्यों: एक किस्सा पढ़कर मज़ा आता है, पर कई किस्से पढ़ने पर तेनाली के सोचने का ढंग समझ आने लगता है।
प्र2.
(ख) ‘तेनालीरामन के किस्से’ नाम से मित्र-मंडली की एक बैठक आयोजित कर तेनालीरामन की बुद्धिमत्ता के किस्से सुनाइए।
उत्तर

यह मिलकर करने वाला काम है। बैठक इस तरह कीजिए —

  1. पाँच-छह मित्रों की एक मंडली बनाइए। दिन, समय और जगह तय कीजिए।
  2. हर मित्र एक किस्सा पहले से पढ़कर आए। एक ही किस्सा दो लोग न चुनें, इसलिए नाम पहले बाँट लीजिए।
  3. एक बड़ा कागज़ लेकर उस पर लिखिए — तेनालीरामन के किस्से। उसे दीवार पर लगा दीजिए।
  4. बारी-बारी से सब खड़े होकर अपना किस्सा सुनाएँ। तीन से चार मिनट काफ़ी हैं।
  5. हर किस्से के बाद एक प्रश्न पूछिए — “तेनाली ने यहाँ कौन-सी चाल चली?”
  6. अंत में सब मिलकर तय कीजिए कि सबसे मज़ेदार किस्सा कौन-सा रहा।
नमूना उत्तर (सुनाने का ढंग): “नमस्ते साथियो! आज मैं ‘शतरंज में मात’ का किस्सा सुनाऊँगा। दरबारी तेनाली से जलते थे। उन्होंने राजा से कहा कि तेनाली शतरंज के बड़े खिलाड़ी हैं। सच तो यह था कि तेनाली को खेल आता ही नहीं था… और अंत में तेनाली ने कहा कि अब महाराज ही मेरे माता-पिता हैं! राजा घबरा गए और दंड वापस ले लिया। धन्यवाद!”
संकेत: सुनाते समय आवाज़ बदल-बदलकर बोलिए। राजा की आवाज़ भारी, तेनाली की आवाज़ शरारती। सुनने वालों को और मज़ा आएगा।
क्या यह उपयोगी रहा?