प्र1.
(क) तेनालीरामन के किस्सों की पुस्तक अपने पुस्तकालय या किसी अन्य स्रोत से लेकर पढ़िए।
उत्तर
यह पढ़ने का काम है। इसका उत्तर बनाकर नहीं दिया जा सकता। इसे इस तरह कीजिए —
- विद्यालय के पुस्तकालय में जाइए। पुस्तकालय अध्यापक से “तेनालीरामन के किस्से” माँगिए।
- पुस्तक न मिले तो घर के बड़ों से, मोहल्ले के पुस्तकालय से या किसी मित्र से लीजिए।
- एक बार में एक किस्सा पढ़िए। पढ़ने के बाद अपनी कॉपी में तीन बातें लिखिए — किस्से का नाम, कठिनाई क्या थी, तेनाली ने क्या चाल चली।
- जो नए शब्द मिलें, उन्हें अलग पन्ने पर अर्थ के साथ लिखते जाइए।
नमूना उत्तर: मैंने “तेनालीरामन के किस्से” पुस्तक से “बिल्ली और दूध” किस्सा पढ़ा। राजा ने हर घर को एक-एक बिल्ली पालने की आज्ञा दी थी। तेनाली की बिल्ली दूध से डरने लगी थी, इसलिए वह दूध नहीं पीती थी। इससे तेनाली ने सिद्ध कर दिया कि जबरदस्ती की आज्ञा से काम नहीं चलता।
ऐसा क्यों: एक किस्सा पढ़कर मज़ा आता है, पर कई किस्से पढ़ने पर तेनाली के सोचने का ढंग समझ आने लगता है।