कक्षा ४ हिंदी अध्याय 11 कविता का कमाल के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
मदन अपनी माँ के साथ गाँव में रहता था। दोनों बहुत गरीब थे। माँ के कहने पर मदन पैसे कमाने घर से निकला। रास्ते में उसे कवि-सम्मेलन का ढिंढोरा सुनाई दिया। रास्ते में उसने कुत्ता, भैंस, चिड़िया और साँप देखे। हर एक को देखकर उसने कविता की एक पंक्ति बना ली। राजमहल का रास्ता बताने वाले आदमी का नाम धन्नू शाह था। यही नाम कविता की आखिरी पंक्ति बन गया। रात में राजा छज्जे पर खड़े होकर यही कविता ज़ोर-ज़ोर से दोहरा रहे थे। खजाने में सेंध लगा रहे चोरों ने समझा कि वे पकड़े गए। चोर धन्नू शाह ने डरकर माफ़ी माँग ली। खजाना बच गया और राजा ने मदन को सोने-चाँदी से मालामाल कर दिया।
त्वरित पुनरावृत्ति
| शब्द | अर्थ | पाठ में कहाँ आया | पृष्ठ |
|---|---|---|---|
| ढिंढोरा | ढोल पीटकर सबको ज़ोर से सूचना देना | “मदन को ढिंढोरा पीटने की आवाज सुनाई दी।” | 127 |
| अशर्फी | पुराने समय का सोने का सिक्का | “सौ अशर्फियाँ पुरस्कार में मिलेंगी।” | 127 |
| कवि-सम्मेलन | जहाँ कई कवि मिलकर अपनी कविता सुनाते हैं | “राजदरबार में कवि-सम्मेलन हो रहा है।” | 127 |
| चौकन्ना | सजग, कान खड़े कर लेना | “मदन चौकन्ना हो गया।” | 127 |
| खुदुर-खुदुर | खोदने की आवाज़ | “खुदुर-खुदुर का खोदत है?” | 128 |
| सुरुर-सुरुर | पानी पीने की आवाज़ | “सुरुर-सुरुर का पीबत है?” | 128 |
| सरक-सरक | रेंगकर खिसकने की आवाज़ | “सरक-सरक कहाँ भागत है?” | 129 |
| मन में लड्डू फूटना | मन ही मन बहुत खुश होना (मुहावरा) | “उसके मन में लड्डू फूटने लगे।” | 129 |
| विचित्र | अजीब, अनोखा | “क्या अर्थ था इस विचित्र कविता का?” | 130 |
| मुँह ताकना | कुछ समझ में न आने पर दूसरे की ओर देखते रह जाना (मुहावरा) | “सुनने वाले एक-दूसरे का मुँह ताकने लगे।” | 130 |
| सेंध लगाना | दीवार तोड़कर चोरी के लिए भीतर घुसना | “चोर राजा के खजाने में सेंध लगा रहे थे।” | 130 |
| छज्जा | छत के बाहर निकला हुआ हिस्सा | “छज्जे पर खड़े होकर वे कविता दोहराने लगे।” | 130 |
| चारा | उपाय, रास्ता | “अब कोई चारा नहीं।” | 131 |
| हक्के-बक्के | हैरान रह जाना | “राजा साहब हक्के-बक्के रह गए।” | 131 |
| मालामाल | धन से भर देना, बहुत धनी बना देना | “मदन को सोने-चाँदी से मालामाल कर दिया गया।” | 131 |
अभ्यास
- बातचीत के लिए
- कविता की बात
- मिलान कीजिए
- सोचिए और लिखिए
- समझ और अनुभव
- अनुमान और कल्पना
- कहो कहानी, सुनो कहानी
- पाठ से आगे
- मीडिया और आप
- आपकी कविता
- भाषा की बात
- कलाकारी
- आपकी सूझ-बूझ