कक्षा ४ हिंदी अध्याय 11 कविता का कमाल के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
मदन अपनी माँ के साथ गाँव में रहता था। दोनों बहुत गरीब थे। माँ के कहने पर मदन पैसे कमाने घर से निकला। रास्ते में उसे कवि-सम्मेलन का ढिंढोरा सुनाई दिया। रास्ते में उसने कुत्ता, भैंस, चिड़िया और साँप देखे। हर एक को देखकर उसने कविता की एक पंक्ति बना ली। राजमहल का रास्ता बताने वाले आदमी का नाम धन्नू शाह था। यही नाम कविता की आखिरी पंक्ति बन गया। रात में राजा छज्जे पर खड़े होकर यही कविता ज़ोर-ज़ोर से दोहरा रहे थे। खजाने में सेंध लगा रहे चोरों ने समझा कि वे पकड़े गए। चोर धन्नू शाह ने डरकर माफ़ी माँग ली। खजाना बच गया और राजा ने मदन को सोने-चाँदी से मालामाल कर दिया।
अभ्यास
- बातचीत के लिए
- कविता की बात
- मिलान कीजिए
- सोचिए और लिखिए
- समझ और अनुभव
- अनुमान और कल्पना
- कहो कहानी, सुनो कहानी
- पाठ से आगे
- मीडिया और आप
- आपकी कविता
- भाषा की बात
- कलाकारी
- आपकी सूझ-बूझ