प्र1.
स्वयं को मदन की जगह रखकर यह कहानी अपनी मातृभाषा या अपनी पसंद की भाषा में सुनाइए।
उत्तर
यह कक्षा में करने वाला काम है। इसे आपको स्वयं बोलकर करना है।
कैसे करें —
- कहानी को दो-तीन बार ध्यान से पढ़ लीजिए, ताकि घटनाओं का क्रम याद हो जाए।
- अब हर जगह “मदन” की जगह “मैं” कहिए। जैसे — “मैं गाँव में अपनी माँ के साथ रहता था।”
- बीच में अपने मन की बात भी जोड़िए — मुझे डर लगा, मैं खुश हो गया, मेरा मन घबरा गया।
- कविता की पंक्तियाँ आवाज़ बदलकर बोलिए, ताकि सुनने वालों को मज़ा आए।
- अपनी मातृभाषा में सुनाइए। जो शब्द अपनी भाषा में न मिले, उसे हिंदी में ही रहने दीजिए।
अच्छे सुनाने में ये बातें होनी चाहिए — घटनाओं का सही क्रम, बीच-बीच में रुककर बोलना, और चेहरे तथा हाथों के हाव-भाव।
नमूना उत्तर (शुरुआत इस तरह की जा सकती है): “मैं मदन हूँ। मैं अपनी माँ के साथ एक गाँव में रहता था। हम बहुत गरीब थे, फिर भी मैं दिनभर खेलता रहता था। एक दिन माँ ने कहा कि अब मैं तुझे बिठाकर नहीं खिला सकती, जा कुछ कमाकर ला। मैं घर से निकल पड़ा। रास्ते में मुझे ढिंढोरे की आवाज़ सुनाई दी…”