कक्षा ४ हिंदी अध्याय 11 कहो कहानी, सुनो कहानी के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
स्वयं को मदन की जगह रखकर यह कहानी अपनी मातृभाषा या अपनी पसंद की भाषा में सुनाइए।
उत्तर

यह कक्षा में करने वाला काम है। इसे आपको स्वयं बोलकर करना है।

कैसे करें —

  1. कहानी को दो-तीन बार ध्यान से पढ़ लीजिए, ताकि घटनाओं का क्रम याद हो जाए।
  2. अब हर जगह “मदन” की जगह “मैं” कहिए। जैसे — “मैं गाँव में अपनी माँ के साथ रहता था।”
  3. बीच में अपने मन की बात भी जोड़िए — मुझे डर लगा, मैं खुश हो गया, मेरा मन घबरा गया।
  4. कविता की पंक्तियाँ आवाज़ बदलकर बोलिए, ताकि सुनने वालों को मज़ा आए।
  5. अपनी मातृभाषा में सुनाइए। जो शब्द अपनी भाषा में न मिले, उसे हिंदी में ही रहने दीजिए।

अच्छे सुनाने में ये बातें होनी चाहिए — घटनाओं का सही क्रम, बीच-बीच में रुककर बोलना, और चेहरे तथा हाथों के हाव-भाव।

नमूना उत्तर (शुरुआत इस तरह की जा सकती है): “मैं मदन हूँ। मैं अपनी माँ के साथ एक गाँव में रहता था। हम बहुत गरीब थे, फिर भी मैं दिनभर खेलता रहता था। एक दिन माँ ने कहा कि अब मैं तुझे बिठाकर नहीं खिला सकती, जा कुछ कमाकर ला। मैं घर से निकल पड़ा। रास्ते में मुझे ढिंढोरे की आवाज़ सुनाई दी…”
प्र2.
मदन आपका मित्र है। मदन ने कुछ समय पहले आपको यह कहानी सुनाई थी। अब आप यह कहानी अपनी कक्षा में सुनाइए।
उत्तर

यह भी बोलकर करने वाला काम है। इस बार आप मदन नहीं, बल्कि मदन के मित्र हैं।

कैसे करें —

  1. कहानी “मेरा दोस्त मदन…” से शुरू कीजिए। मदन के लिए “वह” कहिए, “मैं” नहीं।
  2. बीच-बीच में बताइए कि यह बात आपको किसने बताई — “मदन ने मुझे बताया था कि उस समय उसका दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था।”
  3. कविता की पंक्तियाँ जस की तस बोलिए। ये कहानी की जान हैं।
  4. अंत में अपनी राय जोड़िए — आपको कहानी कैसी लगी।
दोनों में अंतर क्या है: पहले काम में आप कहानी के भीतर हैं, इसलिए “मैं” आएगा। दूसरे काम में आप बाहर से बता रहे हैं, इसलिए “वह” आएगा। यही सुनाने का ढंग बदल देता है।
नमूना उत्तर (शुरुआत): “मेरा एक दोस्त है, मदन। एक दिन उसने मुझे अपनी अनोखी कहानी सुनाई। वह अपनी माँ के साथ गाँव में रहता था। एक दिन उसकी माँ ने उससे कहा कि कुछ कमाकर लाओ। रास्ते में उसे एक ढिंढोरा सुनाई दिया…”
क्या यह उपयोगी रहा?