कक्षा ४ हिंदी अध्याय 11 पाठ से आगे के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
साँप रेंगकर चलते हैं। रेंगकर चलने वाले जीव-जंतुओं की सूची बनाइए और कक्षा में प्रदर्शित कीजिए।
उत्तर

रेंगने का अर्थ है — शरीर को ज़मीन से रगड़ते हुए आगे खिसकना।

रेंगकर चलने वाले कुछ जीव-जंतु —

जीवकैसे रेंगता है
साँपपैर नहीं होते; पूरा शरीर लहराकर आगे सरकता है।
केंचुआशरीर को सिकोड़कर और फैलाकर मिट्टी में आगे बढ़ता है।
घोंघाअपने चिपचिपे पैर से धीरे-धीरे खिसकता है।
छिपकलीपेट ज़मीन या दीवार से सटाकर चलती है।
गिरगिटपेट ज़मीन से लगाकर धीरे-धीरे आगे बढ़ता है।
मगरमच्छपानी के किनारे पेट के बल घिसटकर चलता है।
कनखजूराबहुत सारे छोटे पैरों से ज़मीन पर रेंगता है।
जोंकशरीर को मोड़-मोड़कर आगे खिसकती है।

कक्षा में कैसे प्रदर्शित करें —

  1. एक चार्ट-पेपर लीजिए। ऊपर बड़े अक्षरों में लिखिए — “रेंगकर चलने वाले जीव-जंतु”।
  2. हर जीव का नाम लिखकर उसके सामने छोटा-सा चित्र बनाइए या चिपकाइए।
  3. चार्ट को कक्षा की दीवार पर लगा दीजिए।
संकेत: ध्यान रखिए — चींटी, तितली और चिड़िया रेंगती नहीं हैं। चींटी चलती है, तितली और चिड़िया उड़ती हैं।
प्र2.
राजमहल में कवि-सम्मेलन की सूचना देने के लिए ढिंढोरा पीटा जा रहा था। आजकल ऐसी सूचनाएँ कैसे दी जाती हैं?
उत्तर

पुराने समय में ढोल पीटकर गली-गली घूमा जाता था। इसी को ढिंढोरा पीटना कहते हैं। आज सूचना देने के बहुत तेज़ साधन आ गए हैं।

साधनकिस तरह सूचना पहुँचती है
समाचार-पत्रछपी हुई सूचना या विज्ञापन घर-घर पहुँचता है।
रेडियोघोषणा सुनकर लोग जान जाते हैं।
टी.वी.चित्र के साथ सूचना दिखाई जाती है।
मोबाइल संदेशएक साथ बहुत से लोगों तक तुरंत पहुँच जाता है।
इंटरनेट और समाज-माध्यमदूर बैठे लोग भी पल भर में जान जाते हैं।
पोस्टर और बैनरचौराहों और दीवारों पर लगाकर।
लाउडस्पीकरगाँव-मोहल्ले में घोषणा करके — यह आज का ढिंढोरा ही है।
सूचना-पट्टीविद्यालय या दफ़्तर में नोटिस लगाकर।
अंतर क्या आया: ढिंढोरा केवल उन्हीं तक पहुँचता था जो पास खड़े थे। आज का संदेश एक ही पल में दूर-दूर तक हज़ारों लोगों तक पहुँच जाता है।
प्र3.
आपके विद्यालय में कवि-सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। आप इसकी सूचना कैसे देंगे?
उत्तर

पहले तय कीजिए कि सूचना किसे देनी है — सब बच्चों को, शिक्षकों को और घर वालों को। फिर उसी के अनुसार साधन चुनिए।

सूचना देने के तरीके —

  1. कक्षा-कक्ष में जाकर बोलकर बताना।
  2. विद्यालय की सूचना-पट्टी पर नोटिस लगाना।
  3. प्रार्थना-सभा में घोषणा करवाना।
  4. रंगीन पोस्टर बनाकर गलियारे और द्वार पर लगाना।
  5. घर वालों के लिए डायरी में या मोबाइल संदेश से सूचना भेजना।

अच्छी सूचना में ये पाँच बातें ज़रूर होनी चाहिए — क्या हो रहा है, कब, कहाँ, कौन भाग ले सकता है, और किससे नाम लिखवाना है।

नमूना उत्तर (सूचना-पट्टी के लिए):
सूचना
सभी विद्यार्थियों को बताया जाता है कि हमारे विद्यालय में कवि-सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
दिनांक — 20 अगस्त, समय — प्रातः 10 बजे, स्थान — विद्यालय का सभागार।
कक्षा 3 से 5 तक के सभी बच्चे अपनी कविता सुना सकते हैं।
भाग लेने के लिए 18 अगस्त तक अपना नाम कक्षा-शिक्षक के पास लिखवाइए।
— सांस्कृतिक समिति
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