प्र1.
मीडिया – कवि-सम्मेलन में पुरस्कार पाकर आपको कैसा लग रहा है?
उत्तर
यहाँ आपको मदन बनकर उत्तर देना है, इसलिए “मैं” लगाकर लिखिए। उत्तर में अपनी खुशी और थोड़ा आश्चर्य दोनों दिखाइए।
नमूना उत्तर:
मदन — मेरे तो मन में लड्डू फूट रहे हैं! मैं तो कभी कवि ही नहीं था। घर से निकला था पैसे कमाने और लौट रहा हूँ इनाम लेकर। मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा कि यह सच है।
मदन — मेरे तो मन में लड्डू फूट रहे हैं! मैं तो कभी कवि ही नहीं था। घर से निकला था पैसे कमाने और लौट रहा हूँ इनाम लेकर। मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा कि यह सच है।
यही क्यों: मदन बहुत गरीब था और उसने कभी कविता नहीं रची थी। इसलिए उसकी खुशी में हैरानी भी मिली होगी।