कक्षा ४ हिंदी अध्याय 11 अनुमान और कल्पना के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
यदि मदन रोजगार की खोज में घर से बाहर नहीं निकलता तो क्या होता?
उत्तर

अगर मदन घर से बाहर न निकलता, तो कहानी की कोई भी घटना होती ही नहीं।

  • उसे कवि-सम्मेलन का ढिंढोरा सुनाई ही नहीं देता।
  • रास्ते में कुत्ता, भैंस, चिड़िया और साँप न दिखते, इसलिए कविता की पंक्तियाँ भी न बनतीं।
  • धन्नू शाह से भेंट न होती और कविता की आखिरी पंक्ति कभी पूरी न होती।
  • राजा रात में वह कविता न दोहराते, और चोर खजाना लूट ले जाते
  • मदन और उसकी माँ पहले जैसे ही गरीब रहते।
इससे क्या सीखा: घर से निकलकर काम खोजने पर ही नया रास्ता मिलता है। मदन को कविता किसी किताब से नहीं, रास्ते में आँखें खोलकर देखने से मिली।
संकेत: यह कल्पना का प्रश्न है। आप अपने शब्दों में और भी बातें जोड़ सकते हैं, पर हर बात कहानी से जुड़ी होनी चाहिए।
प्र2.
अपनी कल्पना और अनुमान से बताइए कि राजमहल कैसा होता होगा।
उत्तर

यह कल्पना का प्रश्न है। कहानी में जो थोड़े संकेत मिले हैं, उनसे शुरू कीजिए — राजमहल में दरबार था, छज्जा था, खजाना था और सिपाही रहते थे।

अच्छे उत्तर में ये बातें आ सकती हैं —

  • बाहर — ऊँची दीवारें, बड़ा फाटक, पहरे पर खड़े सिपाही, चारों ओर बाग।
  • भीतर — बड़ा दरबार, ऊँचा सिंहासन, झूमर, गलीचे, दीवारों पर चित्रकारी।
  • ऊपर — छज्जा और बुर्ज, जहाँ से राजा नीचे का सब देख सकते थे।
  • एक ओर — खजाने का कमरा, जिसकी दीवार तोड़कर चोर भीतर घुसे थे।
नमूना उत्तर: राजमहल बहुत बड़ा और सुंदर रहा होगा। उसके चारों ओर ऊँची दीवार और बड़ा फाटक रहा होगा। फाटक पर सिपाही पहरा देते होंगे। भीतर एक बड़ा दरबार होगा, जहाँ बीच में राजा का सिंहासन रखा होगा। ऊपर एक छज्जा होगा, जहाँ खड़े होकर राजा ने रात में कविता दोहराई थी। एक ओर खजाने का कमरा रहा होगा, जिसमें सोना-चाँदी रखा जाता था।
प्र3.
राजा के खजाने में क्या-क्या होता होगा और कितना-कितना होता होगा?
उत्तर

यह भी अनुमान का प्रश्न है। कहानी से दो पक्के संकेत मिलते हैं — इनाम में सौ अशर्फियाँ दी जा रही थीं, और बाद में मदन को सोने-चाँदी से मालामाल कर दिया गया।

इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि खजाने में यह सब रहा होगा —

खजाने में क्याकितना (अनुमान)
सोने की अशर्फियाँहज़ारों की गिनती में, बड़े-बड़े थैलों में भरी हुई
चाँदी के सिक्केअशर्फियों से भी अधिक, बड़े संदूकों में
सोने-चाँदी के गहनेकई पिटारे भरे हुए
हीरे-मोती और रत्नछोटी डिबियों में, गिनती में कम पर मूल्य में सबसे अधिक
सोने-चाँदी के बर्तनकुछ अलमारियाँ भरी हुई
ऐसा क्यों लगता है: जो राजा एक कविता पर सौ अशर्फियाँ इनाम में दे सकते थे, उनका खजाना बहुत बड़ा ही रहा होगा। तभी तो चोरों ने उसी खजाने में सेंध लगाई।
संकेत: संख्या पक्की नहीं बताई जा सकती। कहानी में गिनती नहीं दी गई है, इसलिए अपने उत्तर में “लगभग” या “रहा होगा” लिखिए।
प्र4.
मदन की कविता से प्रसन्न होकर राजा ने उसे विदा करते समय क्या-क्या उपहार दिए होंगे?
उत्तर

कहानी में केवल इतना लिखा है — “मदन को सोने-चाँदी से मालामाल कर दिया गया।” बाकी हमें कल्पना से बताना है।

राजा ने विदा करते समय ये उपहार दिए होंगे —

  • वादे के अनुसार सौ अशर्फियाँ का पुरस्कार।
  • सोने-चाँदी के सिक्कों से भरी एक थैली।
  • माँ के लिए कपड़े और गहने।
  • गले में पहनाने के लिए मोतियों की माला और सिर पर बाँधने के लिए पगड़ी।
  • गाँव तक लौटने के लिए घोड़ा या बैलगाड़ी।
  • शाबाशी के साथ एक प्रशंसा-पत्र, ताकि गाँव में सब जान जाएँ।
नमूना उत्तर: राजा ने मदन को वादे की सौ अशर्फियाँ दी होंगी। साथ में सोने-चाँदी से भरी एक थैली भी दी होगी। उन्होंने माँ के लिए अच्छे कपड़े भिजवाए होंगे और मदन को गाँव तक पहुँचाने के लिए गाड़ी दी होगी।
प्र5.
राजा ने मदन को बहुत सारा धन दिया होगा। उसे यह सब कहाँ-कहाँ खर्च करना चाहिए?
क्रम संख्याखर्च करने हेतु प्रस्तावित सुझावआपकी राय यदि कोई हो
1.माँ के लिए कपड़े खरीदना 
2.कुछ रुपये बैंक में जमा करना 
3.. . . . . . . . . . . . . . . . . . . . 
4.. . . . . . . . . . . . . . . . . . . . 
5.. . . . . . . . . . . . . . . . . . . . 

पुस्तक में पहले दो सुझाव भरे हुए हैं। बाकी तीन खाने आपको भरने हैं और हर सुझाव पर अपनी राय लिखनी है।

उत्तर

अच्छा उत्तर वही है जिसमें खर्च के तीन तरह के काम आएँ — ज़रूरत का खर्च, भविष्य के लिए बचत और दूसरों की मदद

क्रम संख्याखर्च करने हेतु प्रस्तावित सुझावआपकी राय यदि कोई हो
1.माँ के लिए कपड़े खरीदनाबिलकुल ठीक है। माँ ने बहुत दिन गरीबी में काटे हैं।
2.कुछ रुपये बैंक में जमा करनाबहुत अच्छा है। कठिन समय में यही पैसा काम आएगा।
3.घर की मरम्मत करानाज़रूरी है, ताकि बारिश और ठंड में परेशानी न हो।
4.पढ़ाई के लिए किताबें खरीदनासबसे अच्छा खर्च है। पढ़ाई से आगे कमाई का रास्ता खुलेगा।
5.गाँव के ज़रूरतमंद लोगों की मदद करनाकरना चाहिए। मदन खुद गरीब रह चुका है, वह उनका दुख समझता है।
यही सुझाव क्यों: सारा धन एक साथ खर्च कर देने पर कल फिर वही गरीबी लौट आएगी। इसलिए कुछ आज की ज़रूरत पर, कुछ बचत में और कुछ दूसरों की मदद में लगाना समझदारी है।
संकेत: आप अपने सुझाव भी लिख सकते हैं, जैसे — खेत या दुकान खरीदना, माँ के इलाज के लिए पैसे रखना, या गाँव के कुएँ की मरम्मत कराना।
क्या यह उपयोगी रहा?