कक्षा ४ हिंदी अध्याय 11 बातचीत के लिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
क्या आपको कथा-कहानी सुनना-सुनाना पसंद है? अपने उत्तर का कारण बताइए।
उत्तर

यह आपकी अपनी पसंद का प्रश्न है। पहले साफ़-साफ़ हाँ या नहीं कहिए। फिर एक-दो वाक्य में कारण बताइए।

अच्छे उत्तर में ये बातें आनी चाहिए —

  • आपको कहानी सुनना पसंद है या सुनाना, या दोनों।
  • कौन-सी कहानी आपको सबसे अच्छी लगी थी।
  • वह आपको क्यों अच्छी लगी — मज़ा आया, कुछ नया सीखा, या हँसी आई।
नमूना उत्तर: हाँ, मुझे कहानी सुनना बहुत पसंद है। रात में दादी मुझे कहानी सुनाती हैं। कहानी सुनते समय मेरे मन में चित्र-से बनने लगते हैं। मुझे कहानी सुनाना भी अच्छा लगता है, क्योंकि तब सब बच्चे ध्यान से मेरी बात सुनते हैं।
प्र2.
इस लोककथा का सबसे रोचक हिस्सा कौन-सा है और क्यों?
उत्तर

सबसे रोचक हिस्सा वह है जब रात में राजा छज्जे पर खड़े होकर मदन की कविता ज़ोर-ज़ोर से दोहरा रहे थे और नीचे चोर खजाने में सेंध लगा रहे थे।

यह हिस्सा इसलिए सबसे रोचक है —

  • राजा तो बस कविता का अर्थ समझने की कोशिश कर रहे थे। उन्हें चोरों का पता ही नहीं था।
  • पर चोरों को हर पंक्ति अपने ऊपर लगी। “खुदुर-खुदुर का खोदत है?” सुनकर वे रुक गए, “सुरुर-सुरुर का पीबत है?” सुनकर घूँट अटक गया।
  • आखिर में जब राजा ने “धन्नू शाह, भाई धन्नू शाह!” कहा, तो चोर की साँस ही रुक गई।
ऐसा क्यों: यहाँ पढ़ने वाले को सब पता है, पर कहानी के पात्रों को नहीं। इसी कारण यह हिस्सा सबसे मज़ेदार बन जाता है।
संकेत: आपको कोई और हिस्सा अच्छा लग सकता है, जैसे मदन का रास्ते में कविता बनाना। बस अपना कारण ज़रूर लिखिए।
प्र3.
राजा का खजाना मदन की कविता के कारण बचा या राजा के कारण जो कविता को जोर-जोर से बोल रहे थे?
उत्तर

खजाना दोनों के कारण बचा। अकेले किसी एक से काम नहीं बनता।

  • मदन की कविता के कारण — कविता की पंक्तियाँ ठीक वही काम बता रही थीं जो चोर उस समय कर रहे थे — खोदना, पानी पीना, ताक-झाँक करना, सरककर भागना। और आखिरी पंक्ति में तो चोर का नाम ही था — “धन्नू शाह”।
  • राजा के कारण — राजा ने कविता को मन में नहीं, ऊँची आवाज़ में छज्जे पर खड़े होकर दोहराया। इसी से नीचे खड़े चोरों तक उसकी आवाज़ पहुँची।
क्यों: अगर राजा चुपचाप सोचते रहते, तो चोर कुछ सुन ही नहीं पाते। और अगर कविता में चोर के काम और नाम न होते, तो चोर डरते ही नहीं।
प्र4.
राजमहल में जब मदन ने अपनी कविता सुनाई तो सुनने वाले एक-दूसरे का मुँह क्यों ताकने लगे?
उत्तर

क्योंकि किसी को भी मदन की कविता समझ में नहीं आई।

पाठ में लिखा है — “क्या अर्थ था इस विचित्र कविता का?” कविता में खुदुर-खुदुर, सुरुर-सुरुर, सरक-सरक जैसे आवाज़ वाले शब्द थे। उनका कोई सीधा अर्थ नहीं निकल रहा था।

फिर भी किसी ने यह नहीं कहा कि उसे कविता समझ नहीं आई। पाठ के अनुसार — “राजा के सामने वे मूर्ख नहीं दिखना चाहते थे।”

इसलिए: जब कोई बात समझ न आए और पूछने में भी शरम लगे, तब लोग चुपचाप एक-दूसरे का मुँह ताकने लगते हैं। यही सुनने वालों ने किया।
प्र5.
आप इस कहानी का कोई और शीर्षक सुझाइए तथा बताइए कि यह शीर्षक क्यों देना चाहते हैं।
उत्तर

पहले एक शीर्षक चुनिए। फिर एक वाक्य में बताइए कि वही क्यों चुना।

अच्छा शीर्षक वह है जो पूरी कहानी की मुख्य बात एक साथ कह दे। कुछ सुझाव —

शीर्षकयह शीर्षक क्यों
मदन की अनोखी कवितापूरी कहानी उसी एक कविता के इर्द-गिर्द घूमती है।
पकड़े गए चोरकहानी का सबसे बड़ा मोड़ चोरों का पकड़ा जाना ही है।
रास्ते में बनी कवितामदन ने कविता घर बैठकर नहीं, चलते-चलते रास्ते में बनाई।
बच गया खजानाकहानी का अंत यही है — राजा का खजाना लुटते-लुटते बच गया।
नमूना उत्तर: मैं इस कहानी को “मदन की अनोखी कविता” नाम देना चाहूँगा। कारण यह है कि कहानी की हर घटना उसी कविता से जुड़ी है — कविता बनी, कविता सुनाई गई, और उसी कविता से खजाना बचा।
क्या यह उपयोगी रहा?