कक्षा ४ हिंदी अध्याय 12 सोचिए और लिखिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
(क) “शतरंज? क्या तेनालीरामन शतरंज के शौकीन हैं?”
उत्तर
किसनेकिससे
राजा (कृष्णदेव राय) नेदरबारियों से

पहले दरबारी ने कहा था कि तेनाली अभी नहीं आए, लगता है कहीं शतरंज का खेल जमा है। यह सुनकर राजा ने चौंककर दरबारियों से यह प्रश्न पूछा। उत्तर दूसरे दरबारी ने दिया — “हाँ महाराज, वे तो अद्भुत खिलाड़ी हैं।”

ध्यान दीजिए (पुस्तक में अंतर): पृष्ठ 140 पर यह संवाद इस क्रम में छपा है — “शतरंज? तेनालीरामन क्या शतरंज के शौकीन हैं?” अभ्यास में इसे “शतरंज? क्या तेनालीरामन शतरंज के शौकीन हैं?” लिखा गया है। शब्दों का क्रम बदला है, अर्थ वही है।
प्र2.
(ख) “और यह है मेरा दाँव।”
उत्तर
किसनेकिससे
तेनालीरामन नेराजा से

यह दूसरे दृश्य की बात है (पृष्ठ 145)। राजा ने कहा था — “सँभल जाओ। यह हुई मेरी अगली चाल।” उसी के उत्तर में तेनाली ने अपना मोहरा चलते हुए यह कहा। इसके तुरंत बाद राजा बोले — “फँसाया न? मंत्री क्यों चले?”

ऐसा क्यों: तेनाली को खेल आता ही नहीं था। वे बस कोई भी मोहरा उठाकर चला रहे थे।
प्र3.
(ग) “अरे, इतने महान आदमी का मुंडन!”
उत्तर
किसनेकिससे
नाई नेराजा से

यह तीसरे दृश्य की बात है (पृष्ठ 146)। राजा की आज्ञा पर तेनाली मंच पर चढ़ गए। जब नाई ने देखा कि मुंडन तेनालीरामन जैसे बड़े आदमी का करना है, तो वह चौंककर यह बोला। राजा ने उत्तर दिया — “डरो मत, नाई। तुम आज्ञा का पालन करो।”

ऐसा क्यों: नाई भी तेनाली का आदर करता था। उसे इतने बड़े आदमी का मुंडन करते हुए डर लग रहा था।
प्र4.
(घ) “हाँ महाराज, बड़े-बड़ों को मात दी है तेनाली ने।”
उत्तर
किसनेकिससे
पहले दरबारी नेराजा से

यह पहले दृश्य की बात है (पृष्ठ 141)। तेनाली ने कहा था कि उन्हें शतरंज के विषय में कुछ नहीं आता। तब राजा ने दरबारियों से पूछा — “क्यों?” उसी पर पहले दरबारी ने यह झूठ कह दिया।

ऐसा क्यों: दरबारी चाहते थे कि राजा तेनाली की बात पर विश्वास न करें। इसीलिए सबने मिलकर एक-सी बात कही।
प्र5.
(ङ) “उठो, उठो! तुम्हें कोई दंड नहीं मिल रहा है।”
उत्तर
किसनेकिससे
राजा (कृष्णदेव राय) नेनाई से

यह तीसरे दृश्य की बात है (पृष्ठ 146)। सेवक नाई को खींचकर दरबार में लाया। नाई डर के मारे राजा के सामने गिरकर बोला — “मैंने कुछ नहीं किया महाराज। मैं निर्दोष हूँ।” तब राजा ने उसे यह कहकर उठाया।

ऐसा क्यों: नाई को लगा कि उसे कोई सज़ा मिलने वाली है। राजा ने उसका डर तुरंत दूर कर दिया और बताया कि उसे तो मुंडन करना है।
क्या यह उपयोगी रहा?