प्र1.
(क) सभी दरबारी तेनालीरामन से ईर्ष्या क्यों करते थे?
उत्तर
सभी दरबारी तेनालीरामन से ईर्ष्या करते थे, क्योंकि राजा उन्हीं की बात सुनते और उन्हीं की प्रशंसा करते थे।
- तीसरा दरबारी कहता है — “महाराज ने भी बहुत सिर चढ़ाया है तेनाली को!”
- चौथा दरबारी राजा की नकल करके चिढ़ाता है — “हाँ तेनाली! वाह तेनाली! क्या पते की बात कही तेनाली ने…”
- वही दरबारी कहता है — “कान पक गए हैं प्रशंसा सुनते-सुनते।”
- दूसरा दरबारी कहता है कि महाराज तो तेनाली की मुट्ठी में हैं, इसलिए वे हम जैसों को क्यों पूछेंगे।
ऐसा क्यों: दरबारी कई बार तेनाली को नीचा दिखाने का प्रयत्न कर चुके थे। हर बार तेनाली की चतुराई के आगे उनकी एक नहीं चली। इसी हार से उनकी जलन और बढ़ गई।