कक्षा ४ हिंदी अध्याय 13 हमारा आदित्य के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
पिछली कक्षा में बच्चों ने चाँद और चंद्रयान के बारे में पढ़ा था। आज अध्यापक सूर्य की बात छेड़ते हैं। बच्चे अलग-अलग बातें कहते हैं। अध्यापक बताते हैं कि सूर्य एक तारा है और बहुत अधिक गरम है। सूर्य मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम नाम की गैसों का एक विशाल गोला है। ‘आदित्य’ का अर्थ है सूर्य। कक्षा के भास्कर, दिनेश और रवि — तीनों नामों का अर्थ भी सूर्य ही है। आदित्य-एल 1 का प्रक्षेपण 2 सितंबर 2023 को इसरो ने किया। यह एल 1 (लगरांज 1) बिंदु पर रुककर सूर्य के चित्र भेजता है। इस यान ने सूर्य के ग्यारह रंगों वाले चित्र भेजे हैं। बच्चे बड़े होकर अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनना चाहते हैं।
त्वरित पुनरावृत्ति
| शब्द | अर्थ | पाठ में कहाँ आया | पृष्ठ |
|---|---|---|---|
| आदित्य | सूर्य | “आदित्य का अर्थ है — सूर्य।” | 156 |
| भास्कर | सूर्य का एक और नाम | “इसका एक अन्य नाम ‘भास्कर’ भी है।” | 156 |
| तारा | आकाश में अपनी चमक से दिखने वाला पिंड | “उत्तम! सूर्य एक तारा है।” | 154 |
| हाइड्रोजन, हीलियम | दो गैसें, जिनसे सूर्य बना है | “सूर्य मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम नाम की गैसों का एक विशाल गोला है।” | 155 |
| रहस्य | छिपी हुई बात, जो अभी पता नहीं | “जैसे चंद्रमा के रहस्य हैं, ठीक उसी प्रकार सूर्य के भी रहस्य हैं।” | 156 |
| आदित्य-एल 1 | सूर्य का अध्ययन करने वाला भारत का अंतरिक्ष यान | “हमारे वैज्ञानिकों ने आदित्य-एल 1 का निर्माण किया है।” | 156 |
| एल 1 (लगरांज 1) | अंतरिक्ष का वह विशिष्ट स्थान, जहाँ सूर्य और पृथ्वी की आकर्षण शक्तियाँ संतुलित होती हैं | “एल 1 अर्थात् लगरांज 1 बिंदु अंतरिक्ष का एक विशिष्ट स्थान होता है…” | 157 |
| लगरांज | 18वीं सदी में इटली का एक गणितज्ञ | “‘लगरांज’ 18वीं सदी में इटली का एक गणितज्ञ था…” | 158 |
| इसरो | हमारे देश का अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन | “…अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने किया था।” | 158 |
| प्रक्षेपण | अंतरिक्ष में छोड़ना या भेजना | “आदित्य-एल 1 का प्रक्षेपण 2 सितंबर 2023 को…” | 158 |
| कौतूहल | जानने की तेज़ इच्छा | “(एक साथ कौतूहल से) आदित्य-एल 1!” | 156 |
| अक्षय | जो कभी समाप्त नहीं होती | “सौर ऊर्जा, सूर्य के प्रकाश से प्राप्त अक्षय (जो समाप्त नहीं होती) ऊर्जा है।” | 169 |
अभ्यास
- बातचीत के लिए
- पाठ के भीतर
- सोचिए और लिखिए
- अनुमान और कल्पना
- भाषा की बात
- आदित्य-एल 1 और सूर्य की भेंट
- पाठ से आगे
- पुस्तकालय या अन्य स्रोत से
- मेरी चित्रकारी
- हम सब सुमन एक उपवन के