कक्षा ४ हिंदी अध्याय 13 आदित्य-एल 1 और सूर्य की भेंट के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
यहाँ पर आदित्य-एल 1 और सूर्य के बीच बातचीत हो रही है। आप इस बातचीत को आगे बढ़ाइए —
अरे, आप कौन हैं?आपको पहले कभीनहीं देखा!मैं आदित्य-एल 1 हूँ। मैं आपकोजानने और समझने आया हूँ।……………………………………………………
पाठ के पृष्ठ 168 पर छपे दो चित्र — अंतरिक्ष में सूर्य और आदित्य-एल 1 यान आमने-सामने। पहले चित्र के दोनों संवाद छपे हैं; दूसरे चित्र के दोनों गुब्बारे खाली हैं।
उत्तर

पहले चित्र की बातचीत पुस्तक ने दे दी है। दूसरे चित्र के दोनों गुब्बारे आपको भरने हैं।

अरे, आप कौन हैं?आपको पहले कभीनहीं देखा!मैं आदित्य-एल 1 हूँ। मैं आपकोजानने और समझने आया हूँ।……………………………………………………
पाठ के पृष्ठ 168 पर छपे दो चित्र — अंतरिक्ष में सूर्य और आदित्य-एल 1 यान आमने-सामने। पहले चित्र के दोनों संवाद छपे हैं; दूसरे चित्र के दोनों गुब्बारे खाली हैं।

बातचीत आगे बढ़ाने के लिए —

  1. पहले सूर्य से कुछ कहलवाइए, क्योंकि उसने अभी-अभी यान का परिचय सुना है।
  2. फिर आदित्य-एल 1 से उसका उत्तर दिलवाइए।
  3. दोनों की बात पाठ में पढ़ी हुई बातों से मिलती-जुलती रखिए।

नमूना उत्तर —

अरे, आप कौन हैं?आपको पहले कभीनहीं देखा!मैं आदित्य-एल 1 हूँ। मैं आपकोजानने और समझने आया हूँ।अच्छा! तो तुमइतनी दूर से मेरेचित्र लेने आए हो?जी हाँ! मैं आपके चित्र लेकरपृथ्वी पर भेजता रहूँगा।
नमूना उत्तर के साथ पूरी की गई बातचीत।

और आगे बढ़ाना चाहें तो —

सूर्य: पर मैं तो बहुत गरम हूँ। तुम जल नहीं जाओगे?
आदित्य-एल 1: नहीं, मैं एल 1 बिंदु पर हूँ। यह सुरक्षित दूरी है।
सूर्य: तुम कब तक यहाँ रहोगे?
आदित्य-एल 1: लगभग पाँच वर्ष। तब तक मैं आपके चित्र भेजता रहूँगा।
सूर्य: तो मेरे रहस्य अब खुल ही जाएँगे!
आदित्य-एल 1: जी हाँ, और उनसे बच्चे बहुत कुछ सीखेंगे।
संवाद लिखने का नियम: पहले बोलने वाले का नाम, फिर डैश या कोलन, फिर उसकी बात। हर बात छोटी रखिए — जैसे इसी पाठ में अध्यापक और बच्चों की बातें लिखी गई हैं।
संकेत: यह उत्तर आपका अपना होगा। जो बातें पाठ में हैं — सुरक्षित दूरी, चित्र भेजना, पाँच वर्ष, ग्यारह रंगों वाले चित्र — उनमें से कोई भी बात अपने संवाद में डाल सकते हैं।
क्या यह उपयोगी रहा?