कक्षा ४ हिंदी अध्याय 13 पाठ से आगे के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
इस चित्र में क्या दिखाया गया है? अपने घर या आस-पड़ोस में आपने कभी किसी को ऐसा करते देखा है? कक्षा में अपने-अपने अनुभव साझा कीजिए।
चित्र में क्या-क्या दिखता है
एक नदी या तालाब, जिसमें दो लोग कमर तक पानी में खड़े हैं।
दाईं ओर लाल चुनरी ओढ़े एक स्त्री है। उसने दोनों हाथ ऊपर उठाकर एक लोटा पकड़ा है और उसमें से पानी की धार गिर रही है।
बाईं ओर सफ़ेद कुरता पहने एक पुरुष है। उसके हाथों में बाँस का एक सूप है, जिसमें फल और सब्ज़ियाँ रखी हैं।
दोनों के बीच, पानी के उस पार क्षितिज पर एक लाल-सा गोल सूरज दिख रहा है। पानी में उसकी लाल परछाईं पड़ रही है।
पाठ के पृष्ठ 169 पर छपा रंगीन चित्र — इसे यहाँ शब्दों में बताया गया है।
उत्तर

इस चित्र में लोग नदी के जल में खड़े होकर सूर्य को जल चढ़ा रहे हैं। इसे सूर्य को अर्घ्य देना कहते हैं।

चित्र में क्या-क्या दिखता है
एक नदी या तालाब, जिसमें दो लोग कमर तक पानी में खड़े हैं।
दाईं ओर लाल चुनरी ओढ़े एक स्त्री है। उसने दोनों हाथ ऊपर उठाकर एक लोटा पकड़ा है और उसमें से पानी की धार गिर रही है।
बाईं ओर सफ़ेद कुरता पहने एक पुरुष है। उसके हाथों में बाँस का एक सूप है, जिसमें फल और सब्ज़ियाँ रखी हैं।
दोनों के बीच, पानी के उस पार क्षितिज पर एक लाल-सा गोल सूरज दिख रहा है। पानी में उसकी लाल परछाईं पड़ रही है।
पाठ के पृष्ठ 169 पर छपा रंगीन चित्र — इसे यहाँ शब्दों में बताया गया है।

चित्र से जो बातें पक्की दिखती हैं —

  • दोनों लोग पानी में खड़े हैं, किनारे पर नहीं।
  • स्त्री ने लोटे से पानी की धार सूर्य की ओर गिराई है।
  • पुरुष के हाथ में फल और सब्ज़ियों से भरा सूप है।
  • सामने डूबता या उगता हुआ लाल सूरज दिख रहा है।

नमूना उत्तर: “हाँ, मैंने यह देखा है। हमारे मोहल्ले में छठ पर्व मनाया जाता है। शाम को सब लोग तालाब के किनारे जाते हैं। मेरी मौसी पानी में खड़ी होकर सूरज को अर्घ्य देती हैं। सूप में केला, नारियल और गन्ना रखा जाता है। सुबह उगते सूरज को फिर से अर्घ्य दिया जाता है।”

यह चित्र यहाँ क्यों है: पूरा पाठ बताता है कि सूर्य से हमें प्रकाश और गरमी मिलती है। इसीलिए हमारे देश में लोग सूर्य के प्रति आभार भी प्रकट करते हैं। यह चित्र उसी का एक रूप दिखाता है।
संकेत: अपना अनुभव बताते समय यह भी बताइए कि वह किस त्योहार पर था, किस समय था और वहाँ क्या-क्या रखा गया था।
प्र2.
सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने से शरीर को कौन-से लाभ होते हैं? सहपाठियों के साथ चर्चा कीजिए।
उत्तर

यह कक्षा में मिलकर बात करने का काम है। चर्चा में ये बातें आनी चाहिए —

लाभआधार
सूर्य की किरणों से हमें विटामिन डी मिलता है।पृष्ठ 168 का वाक्य
सर्दियों में धूप से शरीर को गरमाहट और आराम मिलता है।पृष्ठ 154 — सुमन की नानी दिन भर धूप में रहती हैं
दिन का उजाला मिलता है, जिसमें हम पढ़ते और खेलते हैं।पाठ की बातचीत
सूर्य के प्रकाश से हमें सौर ऊर्जा मिलती है।पृष्ठ 169

नमूना उत्तर: “सर्दियों में हम छत पर धूप में बैठते हैं। धूप से शरीर गरम रहता है और अच्छा लगता है। पाठ में पढ़ा कि सूर्य की किरणों से हमें विटामिन डी मिलता है।”

पर एक सावधानी: धूप अच्छी है, पर सूर्य की ओर सीधे देखना नहीं चाहिए। अध्यापक जी ने कहा है — “यह आँखों के लिए ठीक भी नहीं है।” (पृष्ठ 159) दिनेश के पिताजी ने भी उसे यही मना किया था।
संकेत: बहुत तेज़ दोपहर की धूप में देर तक खड़े मत रहिए। सुबह की हल्की धूप सबसे अच्छी मानी जाती है।
प्र3.
दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए। यह चित्र सौर ऊर्जा का है। सौर ऊर्जा, सूर्य के प्रकाश से प्राप्त अक्षय (जो समाप्त नहीं होती) ऊर्जा है। शिक्षक के दिशा-निर्देश में कक्षा को चार समूहों में विभाजित कीजिए। सौर ऊर्जा के बारे में जानकारी प्राप्त कर कक्षा में चार्ट पेपर पर प्रस्तुत कीजिए।
सूर्य की धूप छत पर लगी पट्टियों पर पड़ रही है
पाठ के पृष्ठ 169 पर छपा चित्र — एक घर, जिसकी ढलवाँ छत पर गहरे नीले रंग की चौकोर पट्टियाँ लगी हैं। ऊपर सूरज चमक रहा है और उसकी किरणें छत पर पड़ रही हैं।
उत्तर

यह समूह में करने वाला काम है। चित्र में एक घर दिखाया गया है, जिसकी छत पर धूप से बिजली बनाने वाली पट्टियाँ लगी हैं।

सूर्य की धूप छत पर लगी पट्टियों पर पड़ रही है
पाठ के पृष्ठ 169 पर छपा चित्र — एक घर, जिसकी ढलवाँ छत पर गहरे नीले रंग की चौकोर पट्टियाँ लगी हैं। ऊपर सूरज चमक रहा है और उसकी किरणें छत पर पड़ रही हैं।

काम इस तरह कीजिए —

  1. शिक्षक की सहायता से कक्षा को चार समूहों में बाँट लीजिए।
  2. हर समूह एक-एक बात पर जानकारी जुटाए —
    • समूह 1 — सौर ऊर्जा क्या है।
    • समूह 2 — यह कहाँ-कहाँ काम आती है (सौर लालटेन, सौर चूल्हा, सड़क की बत्ती, पानी गरम करना)।
    • समूह 3 — हमारे विद्यालय या गाँव में कहाँ-कहाँ ऐसी पट्टियाँ लगी दिखती हैं।
    • समूह 4 — इसका सबसे बड़ा लाभ क्या है।
  3. चार्ट पेपर पर बड़े अक्षरों में लिखिए, एक चित्र बनाइए और कक्षा में सुनाइए।

चार्ट में ये बातें ज़रूर हों (नमूना उत्तर) —

सौर ऊर्जा
• सूर्य के प्रकाश से मिलने वाली ऊर्जा को सौर ऊर्जा कहते हैं।
• यह अक्षय है — यानी कभी समाप्त नहीं होती।
• छत पर लगी पट्टियाँ धूप से बिजली बनाती हैं।
• इससे बत्ती जलती है, पंखा चलता है और पानी गरम होता है।
• इसमें न धुआँ निकलता है, न ईंधन खर्च होता है।
‘अक्षय’ का अर्थ: पुस्तक ने स्वयं कोष्ठक में बता दिया है — “जो समाप्त नहीं होती”। कोयला और तेल एक दिन खत्म हो सकते हैं, पर धूप रोज़ मिलती रहती है।
प्र4.
दिए गए चित्र को ध्यान से देखकर उत्तर दीजिए — इस चित्र में पाँच लगरांज बिंदु दिखाए गए हैं। आपके विचार से हमारे वैज्ञानिकों ने आदित्य यान के स्थापन के लिए एल 1 बिंदु को क्यों चुना होगा?
एल 1 एल 2 एल 3 एल 4 एल 5 सूर्य पृथ्वी आदित्य-एल 1
पाठ के पृष्ठ 170 पर छपा चित्र — बीच में सूर्य, उसके चारों ओर एक बड़ा गोल पथ और उस पथ पर पृथ्वी। एल 1 से एल 5 तक पाँच बिंदु और आदित्य-एल 1 की जगह दिखाई गई है।
उत्तर

पहले चित्र देखिए। एल 1 वह बिंदु है जो सूर्य और पृथ्वी के ठीक बीच में पड़ता है।

एल 1 एल 2 एल 3 एल 4 एल 5 सूर्य पृथ्वी आदित्य-एल 1
पाठ के पृष्ठ 170 पर छपा चित्र — बीच में सूर्य, उसके चारों ओर एक बड़ा गोल पथ और उस पथ पर पृथ्वी। एल 1 से एल 5 तक पाँच बिंदु और आदित्य-एल 1 की जगह दिखाई गई है।

एल 1 चुनने के कारण —

  1. एल 1 सूर्य और पृथ्वी के बीच है। वहाँ से सूर्य हर समय सामने दिखता रहता है। बीच में कोई रुकावट नहीं आती।
  2. यह सूर्य से पर्याप्त और सुरक्षित दूरी पर है, इसलिए यान सूर्य की गरमी से जलता नहीं।
  3. इस बिंदु पर सूर्य और पृथ्वी की आकर्षण शक्तियाँ संतुलित रहती हैं। इसलिए यान अपनी जगह से हटता नहीं, बल्कि पृथ्वी के साथ-साथ सूर्य की परिक्रमा करता रहता है।
  4. वहीं ठहरे रहने के कारण वह समय-समय पर सूर्य के अलग-अलग चित्र ले पाता है।
बाकी बिंदु क्यों नहीं: चित्र देखिए — एल 3, एल 4 और एल 5 पृथ्वी की कक्षा पर बहुत दूर-दूर हैं, और एल 2 तो पृथ्वी के पीछे पड़ता है। सूर्य पर नज़र रखने के लिए सबसे सीधा और पास का रास्ता एल 1 ही है।
संकेत: प्रश्न में लिखा है “आपके विचार से”। इसका अर्थ है कि आपको चित्र देखकर अपना कारण बताना है। कारण चित्र और पाठ से मेल खाना चाहिए।
प्र5.
चित्र देखकर बताइए कि कौन-कौन से लगरांज बिंदु पृथ्वी की कक्षा (ऑर्बिट) पर हैं?
एल 1 एल 2 एल 3 एल 4 एल 5 सूर्य पृथ्वी आदित्य-एल 1
पाठ के पृष्ठ 170 पर छपा चित्र — बीच में सूर्य, उसके चारों ओर एक बड़ा गोल पथ और उस पथ पर पृथ्वी। एल 1 से एल 5 तक पाँच बिंदु और आदित्य-एल 1 की जगह दिखाई गई है।
उत्तर

पृथ्वी की कक्षा पर तीन बिंदु हैं — एल 3, एल 4 और एल 5

एल 1 एल 2 एल 3 एल 4 एल 5 सूर्य पृथ्वी आदित्य-एल 1
पाठ के पृष्ठ 170 पर छपा चित्र — बीच में सूर्य, उसके चारों ओर एक बड़ा गोल पथ और उस पथ पर पृथ्वी। एल 1 से एल 5 तक पाँच बिंदु और आदित्य-एल 1 की जगह दिखाई गई है।
बिंदुचित्र में कहाँ हैपृथ्वी की कक्षा पर?
एल 1सूर्य और पृथ्वी के बीचनहीं
एल 2पृथ्वी के पीछे, कक्षा के बाहरनहीं
एल 3सूर्य के दूसरी ओर, कक्षा परहाँ
एल 4कक्षा पर, पृथ्वी से आगे ऊपर की ओरहाँ
एल 5कक्षा पर, पृथ्वी से पीछे नीचे की ओरहाँ
कैसे पहचाना: चित्र में पृथ्वी जिस बड़े गोल पथ पर है, वही उसकी कक्षा है। उँगली उस गोले पर घुमाइए — वह एल 3, एल 4 और एल 5 तीनों से होकर गुज़रती है। एल 1 उस गोले के भीतर है और एल 2 उससे बाहर।
संकेत: ‘कक्षा’ शब्द के यहाँ दो अर्थ हैं। पढ़ाई वाली कक्षा अलग है; यहाँ कक्षा का अर्थ है — वह गोल रास्ता जिस पर पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती है। पुस्तक ने कोष्ठक में ‘ऑर्बिट’ लिखकर यही स्पष्ट किया है।
क्या यह उपयोगी रहा?