कक्षा ४ हिंदी अध्याय 13 भाषा की बात के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
निम्नलिखित वाक्यों में उचित विराम चिह्न लगाइए — ( , ! ? । ) (क) यदि ऐसा है तो वहाँ आग किसने जलाई होगी …… (ख) अध्यापक जी …… लगरांज 1 क्या होता है …… (ग) अच्छा …… तभी इसका नाम आदित्य-एल 1 रखा गया है …… (घ) जी अध्यापक जी …… यह बहुत गरम है ……
उत्तर

पूरे वाक्य विराम चिह्न लगाकर इस तरह बनेंगे —

(क) यदि ऐसा है तो वहाँ आग किसने जलाई होगी?
(ख) अध्यापक जी! लगरांज 1 क्या होता है?
(ग) अच्छा, तभी इसका नाम आदित्य-एल 1 रखा गया है
(घ) जी अध्यापक जी, यह बहुत गरम है!
चिह्ननामकब लगता है
,अल्प विरामवाक्य के भीतर ज़रा-सा ठहरना हो।
पूर्ण विरामबात पूरी हो जाए।
?प्रश्नवाचक चिह्नकुछ पूछा जा रहा हो।
!विस्मयादिबोधक चिह्नआश्चर्य, खुशी या ज़ोर से पुकारना हो।
कैसे पहचानें: (क) और (ख) में कुछ पूछा जा रहा है, इसलिए ? लगा। (ख) में “अध्यापक जी” पुकार है, इसलिए वहाँ ! लगा। (ग) और (घ) में “अच्छा” और “जी अध्यापक जी” के बाद ज़रा-सा ठहराव है, इसलिए वहाँ , लगा।
संकेत: ये वाक्य पाठ से ही लिए गए हैं। पृष्ठ 155 पर रवि पूछता है — “अगर ऐसा है तो वहाँ आग किसने जलाई होगी?” और पृष्ठ 154 पर सभी विद्यार्थी कहते हैं — “जी अध्यापक जी, यह बहुत गरम होगा!” इसी कारण (घ) के अंत में ! सबसे ठीक बैठता है। अंत में लगाना भी गलत नहीं है, पर तब आश्चर्य वाला भाव नहीं रहेगा।
प्र2.
शब्द-पिटारा में दिए गए शब्दों को नीचे दिए गए उनके संबंधित परिवार में लिखिए — (संज्ञा / सर्वनाम / विशेषण)
शब्द-पिटारा
सातअच्छासूर्यसुमनएकआपग्यारह
बहुतमुझेयहरविदिनेशवाणीगरम
विद्यार्थीआदित्यदोमैंहममैंनेकुछ
पाठ के पृष्ठ 165 पर छपा शब्द-पिटारा — एक खुले संदूक में रखे इक्कीस शब्द।
उत्तर

शब्द-पिटारा में इक्कीस शब्द हैं। हर शब्द को उसके परिवार में रखना है।

शब्द-पिटारा
सातअच्छासूर्यसुमनएकआपग्यारह
बहुतमुझेयहरविदिनेशवाणीगरम
विद्यार्थीआदित्यदोमैंहममैंनेकुछ
पाठ के पृष्ठ 165 पर छपा शब्द-पिटारा — एक खुले संदूक में रखे इक्कीस शब्द।

पूरा किया हुआ उत्तर —

संज्ञासर्वनामविशेषण
आदित्यमुझेगरम
सूर्यमैंसात
सुमनमैंनेग्यारह
रविहमएक
दिनेशआपदो
वाणीयहअच्छा
विद्यार्थीबहुत
कुछ
तीनों में अंतर —
  • संज्ञा किसी के नाम को कहते हैं — व्यक्ति, वस्तु या जगह का नाम। जैसे — सुमन, सूर्य।
  • सर्वनाम वह शब्द है जो संज्ञा की जगह आता है। जैसे — सुमन की जगह ‘वह’, अपने लिए ‘मैं’।
  • विशेषण संज्ञा की विशेषता बताता है — कैसा है, कितना है। जैसे — गरम सूर्य, दो आदित्य।
संकेत: ‘कुछ’ और ‘यह’ दो ऐसे शब्द हैं जो वाक्य के अनुसार बदल जाते हैं। “कुछ विद्यार्थी हँसते हैं” में ‘कुछ’ विशेषण है, पर “मुझे कुछ नहीं चाहिए” में वह सर्वनाम बन जाता है। यहाँ पिटारे में ‘विद्यार्थी’ भी है, इसलिए ‘कुछ’ को विशेषण में रखना ठीक है।
प्र3.
पाठ में आए ‘प्रभाव’, ‘अभियान’, ‘विशाल’, ‘सुप्रभात’ शब्दों में ‘प्र’, ‘अभि’, ‘वि’ और ‘सु’ शब्दांश उपसर्ग का कार्य कर रहे हैं तथा ‘भाव’, ‘यान’, ‘शाल’ एवं ‘प्रभात’ मूल शब्द हैं। उपर्युक्त उदाहरण में ‘स’ उपसर्ग का प्रयोग करते हुए दो नवीन शब्द बनाए गए हैं। आप इसी प्रकार निम्नलिखित उपसर्गों की सहायता से दो-दो शब्द बनाइए —
उत्तर

उपसर्ग वह शब्दांश है जो किसी शब्द के आगे जुड़कर नया शब्द बना देता है।

पुस्तक का उदाहरण — + रस = सरस, + चित्र = सचित्र

उपसर्गपहला शब्ददूसरा शब्द
स (उदाहरण)सरससचित्र
प्रप्रयोग (प्र + योग)प्रचार (प्र + चार)
विविदेश (वि + देश)विज्ञान (वि + ज्ञान)
अभिअभिवादन (अभि + वादन)अभिनय (अभि + नय)
सुसुगंध (सु + गंध)सुलेख (सु + लेख)
पाठ के पृष्ठ 166 पर छपे चित्र जैसा — सूरज के आकार में एक-एक उपसर्ग और उसके आगे दो-दो खाली खाने, जिन्हें यहाँ तालिका के रूप में दिया गया है।
उपसर्ग शब्द को बदल कैसे देता है: ‘भात’ अलग है और ‘प्रभात’ अलग। ‘सु’ लगते ही ‘गंध’ अच्छी गंध हो गई — ‘सुगंध’। यही उपसर्ग का काम है।
पुस्तक में एक चूक: प्रश्न कहता है कि ‘अभियान’ शब्द पाठ में आया है, पर पूरे पाठ में यह शब्द कहीं नहीं छपा। पाठ में ‘अभि’ उपसर्ग वाला शब्द ‘अभिवादन’ है, जो पृष्ठ 154 की पहली पंक्ति में आया है। बाकी तीनों शब्द — प्रभाव (पृष्ठ 156), विशाल (पृष्ठ 155) और सुप्रभात (पृष्ठ 154) — पाठ में सचमुच आए हैं।
प्र4.
पाठ में आया ‘अध्यापक’ शब्द पुल्लिंग है तथा ‘नानी’ शब्द स्त्रीलिंग है। इसके अतिरिक्त पाठ में आए अन्य कोई दो-दो पुल्लिंग और स्त्रीलिंग शब्द खोजकर नीचे लिखिए —
उत्तर

पाठ से चुने हुए शब्द —

पुल्लिंग शब्दस्त्रीलिंग शब्द
सूर्यधूप
चंद्रमापृथ्वी

और भी शब्द चुन सकते हैं —

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
तारा, रथ, यान, गोला, चित्र, मंदिर, विद्यार्थीकक्षा, गरमी, आग, गैस, किरण, आँधी, मौसी
लिंग कैसे पहचानें: वाक्य में क्रिया के रूप से पता चलता है। कहते हैं — “सूर्य गरम है… वह चमकता रहता है” (पुल्लिंग), और “धूप अच्छी लगती है”, “पृथ्वी घूमती है” (स्त्रीलिंग)।
संकेत: पाठ के वाक्य पढ़कर जाँचिए — “मुझे गरमी के मौसम में सूर्य बिलकुल भी अच्छा नहीं लगता।” यहाँ ‘गरमी’ स्त्रीलिंग है और ‘सूर्य’ पुल्लिंग।
प्र5.
नीचे दिए गए शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द वर्ग पहेली में से ढूँढ़कर उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए — (क) बहुत (ख) पुराना (ग) प्रकाश (घ) दूर (ङ) बड़ा
अंपाकायाछोटा
पाठ के पृष्ठ 167 पर छपी वर्ग पहेली — चार पंक्तियों और चार खानों वाला खाना-खाना जाल। चार खाने खाली छोड़े गए हैं।
उत्तर

पहले पहेली को ध्यान से देखिए। शब्द बाएँ से दाएँ भी बनते हैं और ऊपर से नीचे भी।

अंपाकायाछोटा
पाठ के पृष्ठ 167 पर छपी वर्ग पहेली — चार पंक्तियों और चार खानों वाला खाना-खाना जाल। चार खाने खाली छोड़े गए हैं।

पाँचों शब्द इस तरह मिलते हैं —

शब्दविपरीत शब्दपहेली में कहाँवाक्य
बहुतकमदूसरी पंक्ति में बाएँ से दाएँ — क + मआज बाज़ार में भीड़ बहुत कम थी।
पुरानानयातीसरी पंक्ति में बाएँ से दाएँ — न + यामेरा नया बस्ता बहुत सुंदर है।
प्रकाशअंधकारपहले खाने में ऊपर से नीचे — अं + ध + का + रबिजली जाते ही कमरे में अंधकार छा गया।
दूरपासपहली पंक्ति में बाएँ से दाएँ — पा + समेरा विद्यालय घर के पास ही है।
बड़ाछोटाचौथी पंक्ति में बाएँ से दाएँ — छो + टायह छोटा पौधा एक दिन बड़ा पेड़ बनेगा।

रंगों में दिखाई गई पहेली —

अंपाकायाछोटा
वही पहेली, जिसमें पाँचों शब्द अलग-अलग रंगों में दिखाए गए हैं — बैंगनी में अंधकार (ऊपर से नीचे), नीले में पास, हरे में कम, पीले में नया और लाल में छोटा।
ध्यान दीजिए: ‘अंधकार’ अकेला ऐसा शब्द है जो ऊपर से नीचे बना है। बाकी चारों बाएँ से दाएँ हैं। पहेली में चार खाने खाली हैं — वे किसी शब्द में काम नहीं आते।
प्र6.
पाठ में ‘सूर्य’ शब्द का प्रयोग हुआ है। इस शब्द के अनेक नाम आपने पढ़े और सुने होंगे। इस शब्द का प्रयोग अलग-अलग प्रकार से होता है, जैसे — ‘सूर्य’ की किरणों से हमें विटामिन डी मिलता है। (इस वाक्य में ‘सूर्य’ एक तारा है।) ‘सूर्य’ हमारी कक्षा में पढ़ता है। (इस वाक्य में ‘सूर्य’ एक विद्यार्थी है।) अब ‘जल’ तथा ‘कर’ शब्दों से जुड़े अलग-अलग अर्थों वाले वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर

कुछ शब्द ऐसे होते हैं जो एक ही तरह लिखे जाते हैं, पर वाक्य के अनुसार उनका अर्थ बदल जाता है।

‘जल’ शब्द —

वाक्यइस वाक्य में ‘जल’ का अर्थ
खेत के पौधे जल से सींचे जाते हैं।पानी
चूल्हे में लकड़ी जल रही है।जलना (आग पकड़ना)
दीपक जल उठा और कमरा उजला हो गया।रोशनी देना

‘कर’ शब्द —

वाक्यइस वाक्य में ‘कर’ का अर्थ
अपना काम समय पर कर लो।करना (क्रिया)
दादी ने अपने कर से मेरे सिर पर आशीर्वाद दिया।हाथ
दुकानदार हर महीने सरकार को कर देता है।टैक्स
अर्थ कैसे पहचानें: शब्द को अकेला मत देखिए, पूरा वाक्य पढ़िए। “पौधे जल से सींचे जाते हैं” में आगे-पीछे खेत और सींचने की बात है, इसलिए ‘जल’ का अर्थ पानी ही होगा।
संकेत: ऐसे शब्दों को अनेकार्थी शब्द कहते हैं। कविता “हम सब सुमन एक उपवन के” में भी यही ‘जल’ पानी के अर्थ में आया है — “सींचे गए एक जल से हम।”
क्या यह उपयोगी रहा?