कक्षा ४ हिंदी अध्याय 13 अनुमान और कल्पना के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
कल्पना कीजिए कि आप वैज्ञानिक बन गए हैं और आपको सूर्य के रहस्य जानने के लिए भेजा जा रहा है, आप सूर्य की गरमी से बचने के लिए किस तरह की व्यवस्था करेंगे?
उत्तर

यह कल्पना का प्रश्न है, इसलिए हर बच्चे का उत्तर अलग हो सकता है। पर एक बात सबके उत्तर में होनी चाहिए — सूर्य के पास जाना नहीं है, दूर रहकर काम करना है

अच्छे उत्तर में ये बातें आनी चाहिए —

  1. सुरक्षित दूरी पर रुकने की व्यवस्था।
  2. गरमी रोकने वाला मोटा आवरण या ढाल।
  3. आँखों और शरीर को बचाने का उपाय।
  4. दूर से चित्र लेने और जानकारी भेजने की व्यवस्था।

नमूना उत्तर: “मैं सूर्य के बिलकुल पास नहीं जाऊँगा। मैं एल 1 जैसे किसी सुरक्षित स्थान पर रुक जाऊँगा। मेरे यान के ऊपर गरमी रोकने वाली मोटी परत लगी होगी। मैं गहरे रंग का सुरक्षा-चश्मा पहनूँगा, ताकि सूर्य की तेज़ रोशनी से आँखें बच जाएँ। वहीं से मैं दूरबीन और कैमरे की सहायता से सूर्य के चित्र लूँगा और पृथ्वी पर भेजूँगा।”

पाठ से सीख: सुमन ने भी यही चिंता की थी — “वहाँ कैसे जाएँगे? जो जाएगा, वह जल नहीं जाएगा!” अध्यापक जी ने बताया कि आदित्य-एल 1 को कोई हानि नहीं पहुँचती, क्योंकि यह एक सुरक्षित दूरी पर स्थित है। (पृष्ठ 156)
प्र2.
सूर्य से जुड़े कौन-से रहस्यों को खोजने का प्रयास करेंगे?
उत्तर

पाठ में जो प्रश्न बच्चों और अध्यापक जी के मन में उठे, वही सूर्य के रहस्य हैं। उन्हीं को खोजने का प्रयास करेंगे।

खोजने वाली बातपाठ में कहाँ
सूर्य किस समय कैसा दिखता है?पृष्ठ 156
उसके भीतर जलने वाली आग का ताप कितना है?पृष्ठ 156
उस ताप का प्रभाव आस-पास कैसा होता है?पृष्ठ 156
क्या उसका प्रभाव हमारी पृथ्वी पर भी पड़ता है?पृष्ठ 156
सूर्य पर आँधियाँ कैसे आती हैं और उनसे पृथ्वी पर क्या असर पड़ता है?पृष्ठ 159–160

नमूना उत्तर: “मैं सबसे पहले यह खोजूँगा कि सूर्य के भीतर की आग कभी बुझती क्यों नहीं। फिर मैं यह देखूँगा कि सूर्य पर आने वाली आँधियों का हमारी पृथ्वी पर क्या असर पड़ता है।”

‘रहस्य’ का अर्थ: वह बात जो अभी पता नहीं है। वैज्ञानिक का काम यही है — रहस्य पर सोचना, जाँचना और उत्तर खोजना।
प्र3.
यदि आपको विद्यालय में आदित्य-एल 1 के वैज्ञानिकों से मिलने का एक अवसर मिलता है तो आप उनसे कौन-से प्रश्न पूछना चाहेंगे? कोई चार प्रश्न लिखिए —
उत्तर

चार प्रश्न आपको स्वयं सोचने हैं। ध्यान रखिए — प्रश्न ऐसा हो जिसका उत्तर ‘हाँ’ या ‘नहीं’ में न हो, बल्कि उसमें कुछ जानने को मिले।

नमूना उत्तर (चार प्रश्न):

(क) आदित्य-एल 1 को एल 1 बिंदु तक पहुँचने में कितना समय लगा?
(ख) इतनी दूर से खींचे गए चित्र इतने साफ़ कैसे आते हैं?
(ग) सूर्य की गरमी से यान को बचाने के लिए आपने क्या लगाया है?
(घ) हम बच्चे बड़े होकर अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनना चाहें तो अभी से क्या करें?
अच्छा प्रश्न कैसा होता है: जो सचमुच की जिज्ञासा से निकले। पाठ में सिल्विया ने पूछा — “चित्र लेने के अतिरिक्त आदित्य-एल 1 और क्या-क्या करेगा?” अध्यापक जी ने उसे कहा — “बहुत अच्छा प्रश्न पूछा।”
संकेत: प्रश्न लिखते समय अंत में प्रश्नवाचक चिह्न (?) लगाना मत भूलिए।
क्या यह उपयोगी रहा?