कक्षा ४ हिंदी अध्याय 13 पाठ के भीतर के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
सूरज मुख्य रूप से किन गैसों का एक विशाल गोला है? (क) हाइड्रोजन (ख) नाइट्रोजन (ग) ऑक्सीजन (घ) हीलियम
उत्तर

सही उत्तर हैं — (क) हाइड्रोजन और (घ) हीलियम। इन दोनों पर सूर्य का चित्र बनाइए।

विकल्पसही या गलतक्यों
(क) हाइड्रोजनसहीपाठ में अध्यापक जी ने इसी का नाम लिया है।
(ख) नाइट्रोजनगलतपाठ में इसका नाम नहीं आया।
(ग) ऑक्सीजनगलतपाठ में इसका नाम नहीं आया।
(घ) हीलियमसहीपाठ में इसका भी नाम लिया गया है।
पाठ का आधार: अध्यापक जी कहते हैं — “सूर्य मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम नाम की गैसों का एक विशाल गोला है।” (पृष्ठ 155)
संकेत: साहिल को ये नाम बोलने में कठिनाई हुई थी। धीरे-धीरे तोड़कर बोलिए — हा-इ-ड्रो-जन, ही-लि-यम।
पुस्तक में एक बात खटकती है: पृष्ठ 155 पर धरा कहती है — “सूर्य पर गरमी आग के जलने से नहीं होती बल्कि सूर्य ऐसी गैसों से बना है जो बहुत गरम होती हैं।” अध्यापक जी उसकी बात पर कहते हैं — “सही कहा!” पर पृष्ठ 156 पर वही अध्यापक जी कहते हैं — “उसके भीतर हर समय आग जल रही है। वह कभी बुझती ही नहीं।” दोनों बातें आपस में मेल नहीं खातीं। इस प्रश्न का उत्तर देते समय धरा और अध्यापक जी की पहली बात ही सही मानिए — सूर्य गैसों का गोला है।
प्र2.
राहुल के अनुसार सूर्य एक गोला है — (क) रुई का (ख) ऊन का (ग) आग का (घ) बर्फ का
उत्तर

सही उत्तर है — (ग) आग का

पाठ का आधार: पृष्ठ 154 पर राहुल कहता है — “नहीं, सूर्य तो आग का एक गोला है!”

बाकी तीनों विकल्प गलत हैं। रुई, ऊन और बर्फ — तीनों ठंडी चीज़ें हैं। सूर्य तो बहुत गरम है।

ध्यान दीजिए: प्रश्न पूछ रहा है कि राहुल ने क्या कहा। अध्यापक जी ने आगे बताया कि सूर्य असल में एक तारा है, पर वह बहुत गरम है, इसलिए लोग उसे आग का गोला भी कह देते हैं।
प्र3.
आदित्य-एल 1 ने सूर्य के कितने रंगों के चित्र भेजे हैं? (क) आठ (ख) सात (ग) दस (घ) ग्यारह
उत्तर

सही उत्तर है — (घ) ग्यारह

पाठ का आधार: पृष्ठ 159 पर अध्यापक जी कहते हैं — “इसने सूर्य के ग्यारह रंगों के चित्र भेजे हैं जो देखने में बहुत सुंदर हैं।” उसी पृष्ठ पर चित्रों के नीचे भी लिखा है — “आदित्य-एल 1 द्वारा भेजे गए सूर्य के ग्यारह रंगों वाले चित्र (इसरो से साभार)”।
ग्यारह अलग-अलग रंगों वाले चित्र
पाठ के पृष्ठ 159 पर छपे चित्रों जैसा सरल रेखाचित्र — आदित्य-एल 1 द्वारा भेजे गए सूर्य के ग्यारह अलग-अलग रंगों वाले चित्र (इसरो से साभार)।
संकेत: ‘सात’ वाला विकल्प इंद्रधनुष के कारण ठीक लग सकता है, पर यहाँ बात इंद्रधनुष की नहीं, आदित्य-एल 1 के भेजे चित्रों की हो रही है।
प्र4.
आदित्य-एल 1 मिशन का कार्य कौन-सी जानकारी जुटाना है? (क) सूर्य किस समय कैसा होता है (ख) सूर्य के भीतर जलने वाली आग का ताप कैसा है (ग) चाँद के रहस्य जुटाना (घ) सूर्य के ताप का प्रभाव कैसा होता है
उत्तर

सही उत्तर हैं — (क), (ख) और (घ)। तीनों पर सूर्य का चित्र बनाइए।

विकल्पसही या गलतक्यों
(क) सूर्य किस समय कैसा होता हैसहीपाठ में यही शब्द आए हैं।
(ख) आग का ताप कैसा हैसहीपाठ में यही शब्द आए हैं।
(ग) चाँद के रहस्य जुटानागलतयह काम चंद्रयान का था, आदित्य-एल 1 का नहीं।
(घ) ताप का प्रभाव कैसा होता हैसहीपाठ में यही शब्द आए हैं।
पाठ का आधार: पृष्ठ 156 पर अध्यापक जी बताते हैं — “इसका कार्य सूर्य के बारे में जानकारी जुटाना है, जैसे — यह किस समय कैसा होता है, इसके भीतर जलने वाली आग का ताप कितना है, इस ताप का प्रभाव आस-पास कैसा होता है या इसका प्रभाव हमारी पृथ्वी पर भी पड़ता है अथवा नहीं…।”
संकेत: नाम पर ध्यान दीजिए — ‘आदित्य’ का अर्थ ही सूर्य है। इसलिए यह यान सूर्य का काम करेगा, चाँद का नहीं।
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