प्र1.
थैलों को दो भिन्न-भिन्न तुलाओं पर तौला जाता है। एक तुला पर किलोग्राम में और दूसरे पर ग्राम में भार दर्शाया जाता है। समान भार वाले थैलों का मिलान कीजिए। तुला 1: 5 कि.ग्रा., 10 कि.ग्रा., 3 कि.ग्रा., 6 कि.ग्रा., 25 कि.ग्रा., 30 कि.ग्रा.। तुला 2: 3,000 ग्राम, 6,000 ग्राम, 10,000 ग्राम, 30,000 ग्राम, 5,000 ग्राम, 25,000 ग्राम।
उत्तर
हर किलोग्राम वाला भार उस ग्राम वाले भार से मिलता है जो 1,000 गुना बड़ा है। चित्र के दोनों थैले यही दिखाते हैं — एक तुला पर 2 कि.ग्रा. और दूसरी पर 2000 ग्राम, जबकि थैला वही एक है।
- नियम याद कीजिए: 1 किलोग्राम = 1,000 ग्राम।
- तुला 1 का कोई भार लीजिए और उसे 1,000 से गुणा कीजिए।
- वही संख्या तुला 2 में ढूँढ़िए और दोनों को जोड़ दीजिए।
| तुला 1 | 1,000 से गुणा | तुला 2 |
|---|---|---|
| 5 कि.ग्रा. | 5 × 1,000 | 5,000 ग्राम |
| 10 कि.ग्रा. | 10 × 1,000 | 10,000 ग्राम |
| 3 कि.ग्रा. | 3 × 1,000 | 3,000 ग्राम |
| 6 कि.ग्रा. | 6 × 1,000 | 6,000 ग्राम |
| 25 कि.ग्रा. | 25 × 1,000 | 25,000 ग्राम |
| 30 कि.ग्रा. | 30 × 1,000 | 30,000 ग्राम |
ऐसा क्यों होता है: थैला नहीं बदलता, केवल इकाई बदलती है। ग्राम छोटी इकाई है, इसलिए उतना ही भार बनाने के लिए बहुत सारे ग्राम चाहिए — हर किलोग्राम के लिए ठीक एक हज़ार। छोटी इकाई, बड़ी संख्या। बड़ी इकाई, छोटी संख्या।
स्वयं जाँचिए: अंतिम तीन अंक देखिए। यहाँ हर ग्राम वाली संख्या तीन शून्य पर समाप्त होती है। उन तीन शून्यों को उँगली से ढक दीजिए — किलोग्राम वाली संख्या बच जाएगी। 25,000 ग्राम → 25 कि.ग्रा.।