कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 1 चर्चा कीजिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
क्या आपको लगता है कि हम महासागर में उपस्थित जल को पी सकते हैं?
उत्तर

नहीं, हम महासागर का जल नहीं पी सकते। महासागर का जल खारा होता है — उसमें बहुत अधिक मात्रा में नमक घुला रहता है।

यदि कोई इसे पी ले तो क्या होगा —

  1. जल के साथ-साथ नमक भी शरीर में चला जाता है।
  2. शरीर को उस अतिरिक्त नमक को बाहर निकालना पड़ता है।
  3. इसके लिए शरीर पिए हुए जल से भी अधिक जल खर्च कर देता है।
  4. इसलिए प्यास बुझने के स्थान पर और बढ़ जाती है।
ऐसा क्यों होता है: हमारे शरीर को मीठे जल की आवश्यकता होती है — ऐसे जल की जिसमें नमक न हो। सभी सजीवों को यही चाहिए। पुस्तक के पृष्ठ 4 को देखिए — यदि पृथ्वी का सारा जल 200 मिलीलीटर के गिलास में हो तो मीठा जल केवल 5 मिलीलीटर अर्थात् एक चम्मच होगा। शेष सब खारा महासागरीय जल है। इसीलिए मीठे जल को कभी व्यर्थ नहीं करना चाहिए।
घर पर कीजिए: एक गिलास जल में एक चम्मच नमक घोलकर उसकी एक बूँद चखिए। समुद्र का जल इससे भी अधिक खारा होता है।
प्र2.
महासागरीय जल का उपयोग किस हेतु किया जा सकता है?
उत्तर

महासागर का जल पिया नहीं जा सकता, किंतु अनेक अन्य कामों में बहुत उपयोगी है।

  • नमक बनाने में। समुद्री जल को उथले सपाट स्थलों में फैलाया जाता है, जिन्हें लवण-पटल (सॉल्ट पेन) कहते हैं। सूर्य जल को सुखा देता है और नमक शेष रह जाता है। गुजरात के लवण-पटल भारत के सबसे बड़े लवण उत्पादक क्षेत्रों में से एक हैं।
  • समुद्री जीवन के घर के रूप में। मछलियाँ, केकड़े, झींगे, कछुए और ह्वेल महासागर में रहते हैं। मछुआरा परिवारों की जीविका इसी से चलती है।
  • यातायात और व्यापार में। बड़े जलयान महासागर पार करके एक देश से दूसरे देश तक सामान पहुँचाते हैं।
  • जल-चक्र में। हमारे बादलों की अधिकांश वाष्प महासागर से ही उठती है। नमक पीछे रह जाता है, इसलिए बरसने वाला जल मीठा होता है।
  • कार्य और मनोरंजन में। समुद्र तट पर पर्यटक आते हैं और कुछ बड़े कारखानों तथा विद्युत संयंत्रों में ठंडा करने के लिए समुद्री जल का उपयोग होता है।
वर्षा का जल खारा क्यों नहीं होता: जब समुद्री जल वाष्पित होता है तो केवल जल वाष्प बनकर ऊपर उठता है। नमक समुद्र में ही रह जाता है। इसीलिए बादल और वर्षा — दोनों मीठे जल के होते हैं।
क्या आप जानते हैं? मशीनों की सहायता से समुद्री जल से नमक हटाकर उसे पीने योग्य बनाया जा सकता है, किंतु इसमें बहुत ऊर्जा और धन लगता है। जो मीठा जल हमारे पास है, उसे बचाना कहीं आसान है।
क्या यह उपयोगी रहा?