प्र1.
क्या आपको लगता है कि हम महासागर में उपस्थित जल को पी सकते हैं?
उत्तर
नहीं, हम महासागर का जल नहीं पी सकते। महासागर का जल खारा होता है — उसमें बहुत अधिक मात्रा में नमक घुला रहता है।
यदि कोई इसे पी ले तो क्या होगा —
- जल के साथ-साथ नमक भी शरीर में चला जाता है।
- शरीर को उस अतिरिक्त नमक को बाहर निकालना पड़ता है।
- इसके लिए शरीर पिए हुए जल से भी अधिक जल खर्च कर देता है।
- इसलिए प्यास बुझने के स्थान पर और बढ़ जाती है।
ऐसा क्यों होता है: हमारे शरीर को मीठे जल की आवश्यकता होती है — ऐसे जल की जिसमें नमक न हो। सभी सजीवों को यही चाहिए। पुस्तक के पृष्ठ 4 को देखिए — यदि पृथ्वी का सारा जल 200 मिलीलीटर के गिलास में हो तो मीठा जल केवल 5 मिलीलीटर अर्थात् एक चम्मच होगा। शेष सब खारा महासागरीय जल है। इसीलिए मीठे जल को कभी व्यर्थ नहीं करना चाहिए।
घर पर कीजिए: एक गिलास जल में एक चम्मच नमक घोलकर उसकी एक बूँद चखिए। समुद्र का जल इससे भी अधिक खारा होता है।