कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 2 गतिविधि 7 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
गतिविधि 6 में दिए गए बाढ़ से सुरक्षा के सुझावों को पढ़िए और एक नाट्यरूप (रोल प्ले) का आयोजन कीजिए जिसमें आप गाँव के सरपंच अथवा शहर के नगर निगम पार्षद की भूमिका में हों। चर्चा कीजिए कि आप निम्नलिखित के लिए क्या कार्यवाही करेंगे— • बाढ़ से बचाव करने के लिए • बाढ़ के कारण होने वाली क्षति से बचाव करने के लिए • वृद्धजनों और विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों को सुरक्षित रखने के लिए • पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए
उत्तर

नाट्यरूप का आयोजन कैसे करें:

  1. एक विद्यार्थी सरपंच (या नगर निगम पार्षद) बने। बाकी विद्यार्थी भूमिकाएँ लें — किसान, दुकानदार, शिक्षक, चिकित्सक, एक वृद्धजन, एक व्हीलचेयर का उपयोग करने वाला व्यक्ति, पशुपालक और एक पुलिसकर्मी।
  2. कुर्सियाँ अर्धचंद्राकार लगाइए। यही ग्राम सभा या वार्ड की बैठक है।
  3. सरपंच बैठक आरंभ करे — “अगले महीने वर्षा आरंभ होगी। आज हम तय करेंगे कि हमारा गाँव क्या करेगा।”
  4. हर भूमिका एक मिनट में अपनी चिंता बताए।
  5. फिर सरपंच नीचे दिए चार शीर्षकों के अनुसार योजना घोषित करे और एक विद्यार्थी उसे बैठक की कार्यवाही के रूप में श्यामपट्ट पर लिखे।

सरपंच द्वारा घोषित योजना:

1. बाढ़ से बचाव करने के लिए

  • वर्षा से पहले गाँव की हर नाली और पुलिया साफ कराई जाए, ताकि जल बहकर निकल सके।
  • गाँव के तालाब और नहर से गाद निकाली जाए, जिससे वे अधिक जल रोक सकें।
  • नदी के तट पर और खुली ढलानों पर वृक्ष लगाए जाएँ — वृक्ष वर्षा के जल को मंद करते हैं और मिट्टी को जल सोखने में सहायता देते हैं।
  • नीची भूमि और जल के प्राकृतिक मार्ग पर निर्माण तथा मलबा डालना रोका जाए।
  • नदी के तटबंध के कमज़ोर स्थान अभी ठीक कराए जाएँ, जुलाई में नहीं।

2. बाढ़ के कारण होने वाली क्षति से बचाव करने के लिए

  • पंचायत भवन में रेत की बोरियाँ, रस्सियाँ, सीढ़ियाँ, टॉर्च और दो नावें तैयार रखी जाएँ।
  • ऊँचाई पर बने विद्यालय को राहत केंद्र घोषित किया जाए; वहाँ चावल, पेयजल, ओ.आर.एस. और दवाइयाँ रखी जाएँ।
  • चेतावनी की व्यवस्था हो — लाउडस्पीकर और ब्लॉक कार्यालय से जुड़ा एक समूह।
  • हर परिवार से कहा जाए कि कागज़, अनाज और महत्वपूर्ण वस्तुएँ ऊपर की मंज़िल या ऊँची अलमारी में रखें।
  • स्थान खाली करने का मार्ग तय और घोषित किया जाए तथा वर्षा से पहले एक अभ्यास कराया जाए।

3. वृद्धजनों और विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों को सुरक्षित रखने के लिए

  • घर-घर जाकर उन सबकी सूची बनाई जाए जो स्वयं शीघ्र नहीं चल सकते।
  • ऐसे प्रत्येक व्यक्ति के लिए पास रहने वाले दो सहायक नाम से तय किए जाएँ।
  • उन्हें सबसे पहले निकाला जाए, जल बढ़ने से पहले — अंतिम क्षण में नहीं।
  • राहत केंद्र उन तक पहुँच योग्य बनाया जाए — ढलान (रैंप), भूतल का कक्ष, चलने योग्य शौचालय और कुर्सियाँ।
  • उनकी नियमित दवाइयाँ, चश्मा, श्रवण यंत्र, छड़ी या व्हीलचेयर उनकी पेटी के साथ रखी जाए।
  • चेतावनी एक से अधिक तरीकों से दी जाए — लाउडस्पीकर से, फोन से और द्वार खटखटाकर — ताकि जो सुन या देख नहीं सकता, वह छूट न जाए।

4. पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए

  • जल आने से पहले सारे पशु खोल दिए जाएँ। बँधा हुआ पशु स्वयं को नहीं बचा सकता।
  • एक ऊँचा सूखा खेत पशु-आश्रय के लिए तय किया जाए और वहाँ चारा तथा पीने का जल रखा जाए।
  • हर पशु के गले में मालिक का नाम और फोन नंबर लिखी पट्टी बाँधी जाए।
  • बाढ़ के बाद पशु-चिकित्सक को आश्रय पर बुलाया जाए, क्योंकि गीले और भीड़ भरे स्थान में पशु बीमार पड़ जाते हैं।
  • कुत्ते, बकरी और मुर्गियाँ पीछे न छोड़ें; उन्हें साथ ले जाएँ या खुला छोड़ दें।
नाट्यरूप भाषण से अधिक उपयोगी क्यों है: जब आपको स्वयं सरपंच बनकर बोलना पड़ता है, तब पता चलता है कि योजना तभी काम की है जब उसमें यह लिखा हो कि कौन, क्या और कब करेगा। “हम वृद्धजनों की सहायता करेंगे” योजना नहीं है। “लाउडस्पीकर बजते ही रमेश और सीता दादी को विद्यालय ले जाएँगे” — यह योजना है।
बैठक के अंत में यह कहिए: बाढ़ का सबसे अच्छा काम सूखे महीनों में होता है। जब जल द्वार पर आ जाए, तब केवल भागा जा सकता है, तैयारी नहीं की जा सकती।
प्र2.
आपदा की आपातस्थिति के लिए पेटी तैयार रखें।
उत्तर

आपातस्थिति पेटी एक ऐसा थैला है जो तैयार रखा जाता है, एक निश्चित स्थान पर रखा जाता है और आवश्यकता पड़ने पर एक मिनट में उठाकर ले जाया जा सकता है। घर के सब लोगों को पता होना चाहिए कि वह कहाँ रखी है।

इसे कैसे बनाएँ:

  1. कंधे पर टाँगने वाला मज़बूत थैला या पीठ पर लटकाने वाला बैग लीजिए। जलरोधी हो तो सबसे अच्छा।
  2. नीचे दी गई सूची की वस्तुएँ उसमें रखिए। कागज़ और माचिस को बंद प्लास्टिक थैली में रखिए।
  3. थैले को द्वार के पास ऊँची अलमारी में रखिए — ऊँचा, ताकि सूखा रहे; द्वार के पास, ताकि शीघ्र मिल जाए।
  4. वर्ष में दो बार जाँच कीजिए। भोजन और जल बदल दीजिए और टॉर्च जलाकर देख लीजिए।
क्या रखेंयह क्यों आवश्यक है
बंद बोतलों में पेयजल और ओ.आर.एस. के पैकेटबाढ़ में जल चारों ओर होता है, पर पीने योग्य एक बूँद नहीं होती।
न बिगड़ने वाला भोजन — बिस्कुट, भुना चना, गुड़, सूखे मेवेदो-तीन दिन तक न चूल्हा जलता है, न दुकान खुलती है।
अतिरिक्त सेल वाली टॉर्च तथा मोमबत्ती और माचिसबिजली सबसे पहले जाती है और निकलना प्राय: अँधेरे में ही पड़ता है।
प्राथमिक चिकित्सा पेटी और घर के सबकी नियमित दवाइयाँदवा की दुकान कई दिन बंद या पहुँच से बाहर रह सकती है।
सीटीसीटी की आवाज़ चिल्लाने से कहीं दूर तक जाती है और उससे थकान भी नहीं होती।
मोबाइल फोन, चार्जर और पावर बैंकचेतावनी सुनने के लिए और परिवार को अपनी सुरक्षा की सूचना देने के लिए।
आधार, राशन कार्ड और विद्यालय के कागज़ों की प्रतियाँ प्लास्टिक थैली मेंसहायता पाने के लिए कागज़ चाहिए — और कागज़ को जल सबसे पहले नष्ट करता है।
छोटे नोटों में कुछ नकदबिजली न होने पर कार्ड मशीन और ए.टी.एम. काम नहीं करते।
सूखे कपड़ों का एक जोड़ा, तौलिया, साबुन और प्लास्टिक की चादरदेर तक भीगे रहने से लोग बीमार पड़ जाते हैं।
रस्सी, छोटा चाकू और रबर की चप्पलबाँधने, पैकेट खोलने और पैरों की सुरक्षा के लिए।
चश्मा, श्रवण यंत्र, छड़ी — अतिरिक्त जोड़ाइनके बिना वृद्धजन कुछ भी नहीं कर पाते।
परिवार, अस्पताल और पुलिस के फोन नंबरों वाला कार्डकेवल बंद पड़े फोन में सुरक्षित नंबर किसी काम के नहीं होते।
लंबी सूची से एक तैयार थैला बेहतर क्यों है: सच्ची आपात स्थिति में शोर होता है, अँधेरा होता है और समय बहुत कम होता है, इसलिए लोग सरल बातें भी भूल जाते हैं। एक महीने पहले शांति से भरा हुआ थैला यह याद रखने का काम आपके लिए कर देता है।
क्या यह उपयोगी रहा?