कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 2 लिखिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
बाँध के निर्मित होने के पश्चात क्या-क्या समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं? उनका समाधान कैसे किया जा सकता है?
उत्तर

मुख्य समस्याएँ ये हैं — भूमि और वन जलाशय में डूब जाते हैं, परिवारों के घर छूट जाते हैं, प्राणियों का आवास नष्ट हो जाता है, बाँध के नीचे नदी में बहुत कम जल बचता है और मछलियाँ नदी में आ-जा नहीं पातीं। इनमें से प्रत्येक का कोई-न-कोई समाधान है।

बाँध बनने के बाद की समस्यावह क्यों होती हैसमाधान कैसे हो
गाँव और खेत जलमग्न हो जाते हैंजलाशय नदी के किनारे की भूमि पर फैल जाता हैजल भरने से पहले ही हर परिवार को उनके पुराने क्षेत्र के पास पक्का घर, उतनी ही खेती की भूमि और उचित मुआवज़ा दिया जाए। स्थानांतरण अंतिम क्षण में नहीं, पहले किया जाए।
वन नष्ट हो जाते हैंवृक्ष जल के नीचे आ जाते हैंपास ही उतने ही क्षेत्र में नया वन लगाया और सुरक्षित रखा जाए। जलाशय उतना ही बड़ा बनाया जाए जितना आवश्यक हो।
प्राणी अपना घर खो देते हैंउनके चरने और विश्राम के स्थान डूब जाते हैंजलाशय के चारों ओर सुरक्षित वन और वन्यजीव-गलियारे रखे जाएँ, ताकि जंतु नए क्षेत्र में जा सकें।
बाँध के नीचे नदी लगभग सूख जाती हैअधिकांश जल भित्ति के पीछे रोक लिया जाता हैप्रतिदिन, वर्षभर एक निश्चित मात्रा में जल बाँध से नीचे छोड़ा जाए। नीचे की नदी को जीवित रहने के लिए जल चाहिए।
मछलियाँ भित्ति पार नहीं कर पातींभित्ति उनका मार्ग रोक देती हैबाँध के पास मत्स्य-सोपान (फिश लैडर) बनाया जाए — पानी की उथली सीढ़ियाँ जिन पर चढ़कर मछलियाँ आगे जा सकें।
बच्चों का विद्यालय और मित्र छूट जाते हैंपूरा गाँव ही स्थानांतरित हो जाता हैनए स्थान पर विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, सड़क और जल की व्यवस्था पहले बनाई जाए, तब परिवार भेजे जाएँ।
जलाशय में धीरे-धीरे गाद भरती जाती हैजल रुकते ही नदी अपनी लाई हुई मिट्टी वहीं छोड़ देती हैऊपर की पहाड़ियों पर वृक्ष लगाए जाएँ। वृक्ष मिट्टी को थामते हैं, जिससे कम गाद जलाशय तक पहुँचती है।
दूर के नगर को पर्याप्त जल नहीं मिलताभंडारित जल सबको एक ही समय चाहिएस्पष्ट बँटवारा तय हो — कितना खेती को, कितना घरों को और कितना नदी को — और उसका पालन किया जाए।
इन समस्याओं का समाधान क्यों आवश्यक है: बाँध इसलिए बनता है कि शुष्क ऋतु में अनेक लोगों को जल मिल सके। यह उचित नहीं कि उसका पूरा मूल्य कुछ ही परिवार चुकाएँ। अच्छी बाँध-योजना विस्थापित होने वाले लोगों और प्राणियों की व्यवस्था पहला पत्थर रखने से पहले करती है, बाद में नहीं।
नदी की बात याद रखिए: “जब आप नल खोलकर जल प्राप्त करते हैं तो उस जल की यात्रा की कल्पना करना भी कठिन होता है और इसके लिए कितने त्याग किए गए हैं।” इसीलिए वह कहती है कि जल कभी व्यर्थ न कीजिए।
क्या यह उपयोगी रहा?