कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 2 पाठ्य प्रश्न के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
प्राचीन काल से ही लोगों ने अपने घर सदैव नदियों या जल-निकायों के निकट बनाए हैं। क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि ऐसा क्यों है?
उत्तर

क्योंकि नदी एक ही स्थान पर जीवन की सारी आवश्यकताएँ दे देती है — पीने का जल, फसलों और पशुओं के लिए जल, खाने के लिए मछली और नावों के लिए तैयार मार्ग। पहले न पाइप थे, न टैंकर। जल चाहिए था तो वहीं रहना पड़ता था जहाँ जल था।

  • पीना, भोजन बनाना और धुलाई। मीठा जल प्रतिदिन चाहिए था और हाथ से ढोकर लाना पड़ता था। नदी के पास रहने का अर्थ था थोड़ी-सी दूरी।
  • कृषि। फसलों को बार-बार जल चाहिए। नदी के पास की भूमि समतल होती है और उसकी मृदा नरम तथा उपजाऊ होती है।
  • पशु। गाय, भैंस और बकरियों को रोज जल चाहिए और जल के पास घास हरी रहती है।
  • जल से भोजन। नदी की मछलियाँ सरल और निश्चित भोजन थीं।
  • यात्रा और व्यापार। सड़कों से पहले नाव ही सबसे तेज साधन थी।
  • कार्य। कुम्हार को मिट्टी, धोबी को जल और मल्लाह को नदी चाहिए। ये सब नदी के ही काम हैं।
यह आज भी सच क्यों है: भारत के किसी भी बड़े नगर को देखिए, उसके साथ प्राय: कोई नदी मिलेगी — दिल्ली और यमुना, वाराणसी तथा पटना और गंगा, नासिक तथा राजमुंदरी और गोदावरी, सूरत और ताप्ती। जल आज भी नदी से ही आता है, बस अब वह पाइपों और नहरों से आता है, इसलिए नदी का यह कार्य हमें दिखाई नहीं देता।
सोचिए: यदि आपके घर में नल से जल आता है तो किसी बड़े से पूछिए कि यह जल कहाँ से आता है। उत्तर प्राय: कोई नदी या बाँध ही होता है, जो कई किलोमीटर दूर है।
क्या यह उपयोगी रहा?