अध्याय के अनुसार तीन निर्भरताएँ:
- घरेलू जल के लिए। आस-पास के नगरों और गाँवों के घरों तथा विद्यालयों का जल उसी से आता है। लोग उसे पीते हैं, उससे भोजन बनाते हैं और धुलाई करते हैं।
- अन्न उगाने के लिए। उसका जल नहरों और पाइपों से खेतों तक पहुँचता है, जिससे किसान फसल उगा पाते हैं।
- कार्य और आजीविका के लिए। वह अनेक आजीविकाओं को चलाती है — मछली पकड़ना, नाव चलाना, कृषि और वे कारखाने जिन्हें वस्तुएँ बनाने के लिए जल चाहिए।
दो और, यदि आप जोड़ना चाहें: उसके बाँधों पर विद्युत बनती है और पारिस्थितिक पर्यटन के लिए यात्री आते हैं।