प्र1.
आपकी कक्षा में विद्यार्थियों द्वारा बोली जाने वाली भाषाओं का पता लगाइए और उनका नाम लिखिए।
उत्तर
कक्षा में एक छोटा सर्वेक्षण कीजिए। आपको सोच से अधिक भाषाएँ मिलेंगी।
कैसे करें:
- श्यामपट्ट पर दो स्तंभ बनाइए — घर में बोली जाने वाली भाषा और कितने बच्चे।
- हर बच्चा बताए कि वह घर पर परिवार से कौन-सी भाषा बोलता है।
- उस भाषा के सामने एक निशान लगाइए। यदि भाषा नई है तो नई पंक्ति जोड़िए।
- दूसरा प्रश्न भी पूछिए — आप और कौन-सी भाषा थोड़ी-बहुत समझ लेते हैं? उन्हें भी जोड़िए।
- अंत में पंक्तियाँ गिनिए। वही संख्या एक कक्षा की भाषाओं की संख्या है।
नमूना उत्तर — 32 बच्चों की एक कक्षा:
| घर में बोली जाने वाली भाषा | बच्चों की संख्या |
|---|---|
| हिंदी | 14 |
| भोजपुरी | 6 |
| बांग्ला | 4 |
| मराठी | 3 |
| उर्दू | 2 |
| ओड़िया | 2 |
| नेपाली | 1 |
| कुल | 32 बच्चे, 7 भाषाएँ |
आपकी कक्षा की सूची अलग होगी। जो सचमुच मिले वही लिखिए, यह सूची नहीं।
यह सर्वेक्षण क्या दिखाता है: भारत में एक हज़ार से अधिक भाषाएँ बोली जाती हैं, और 22 भाषाएँ हमारे संविधान में दर्ज हैं। यहाँ अनेक बच्चे हर दिन दो-तीन भाषाएँ सुनते हुए बड़े होते हैं — एक घर की, एक गली की, एक विद्यालय की। यह सामान्य बात है और यही हमारी शक्ति है।
यह भी कीजिए: हर बच्चा अपनी घर की भाषा में नमस्ते या धन्यवाद एक पर्ची पर लिखे। सारी पर्चियाँ एक चार्ट पर लगाइए। वह चार्ट आपकी कक्षा का चित्र है।