प्र1.
अपने विद्यालय के पास किसी वृक्ष, पक्षी, पशु, पुष्प या किसी वस्तु को देखिए और इनमें से किसी एक का अपने विद्यालय के प्रतीक के रूप में चयन कीजिए। इसका चित्र बनाकर एक पंक्ति लिखिए कि यह आपके विद्यालय का प्रतीक क्यों हो सकता है?
उत्तर
ऐसी चीज़ चुनिए जो विद्यालय के द्वार पर खड़ा कोई भी व्यक्ति सचमुच देख सके। इसी से प्रतीक आपका बनता है, किसी और का नहीं।
कैसे करें, चरण दर चरण:
- विद्यालय के द्वार पर खड़े होइए। धीरे-धीरे चारों ओर देखिए — ऊपर पेड़ों की ओर, नीचे ज़मीन पर, दीवारों के साथ।
- तीन चीज़ें लिख लीजिए जो आपको दिखीं — जैसे बड़ा नीम का पेड़, एक कुआँ, दीवार पर बैठी दो गौरैया।
- उनमें से वह चुनिए जो सबसे पुरानी है और जिसे सब जानते हैं।
- उसे पृष्ठ के बीच में बड़ा और सरल बनाइए। हर पत्ता बनाने की चेष्टा मत कीजिए।
- नीचे एक पंक्ति लिखिए — यह हमारे विद्यालय का प्रतीक हो सकता है क्योंकि…
| आपने क्या देखा | आप कौन-सी पंक्ति लिख सकते हैं |
|---|---|
| आँगन का पुराना नीम | इसने चालीस वर्षों से इस विद्यालय के हर बच्चे को छाया दी है, और यह हमें धीरे-धीरे बढ़ना तथा मज़बूत रहना सिखाता है। |
| गलियारे के ऊपर घोंसला बनाती गौरैया | ये छोटी हैं, फुर्तीली हैं और यहीं अपना घर बनाती हैं — ठीक हमारी तरह। |
| विद्यालय की घंटी | इसकी आवाज़ हम सबको एक साथ बुलाती है, चाहे हम कोई भी हों। |
| पास के तालाब का कमल | यह कीचड़ से निकलकर भी साफ़ खिलता है, इसलिए यह कहता है कि हार मत मानो। |
| द्वार का हैंडपंप | इससे सब पानी पीते हैं, इसलिए यह साझा करने का प्रतीक है। |
नमूना उत्तर: मैंने विद्यालय के द्वार के पास वाले नीम के पेड़ को चुना। मेरे चित्र में उसका मोटा तना और गोल हरा शिखर है, और नीचे छाया में दो बच्चे बैठे हैं। मेरी पंक्ति है — नीम का पेड़ हमारे विद्यालय का प्रतीक है क्योंकि यह यहाँ आने वाले हर व्यक्ति को छाया और स्वच्छ हवा देता है, और बदले में कुछ नहीं माँगता।
प्रतीक सजावट नहीं होता। समाप्त करने से पहले अपनी पंक्ति ऊँचे स्वर में पढ़िए। यदि वह आपके विद्यालय के बारे में कोई सच्ची बात कहती है, तो प्रतीक सही है।