कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 5 लिखिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
गणतंत्र दिवस के अवसर पर आपके विद्यालय में कौन-से विशेष कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का आयोजन किया जाता है?
उत्तर

गणतंत्र दिवस पर हमारे विद्यालय में ध्वज समारोह होता है, सब मिलकर राष्ट्रगान गाते हैं, और फिर सांस्कृतिक कार्यक्रम होता है। भारत के अधिकतर विद्यालयों में यही क्रम रहता है।

सुबह का कार्यक्रम इस प्रकार चलता है।

  1. सब विद्यार्थी समय से पहले विद्यालय पहुँचते हैं और ध्वज-स्तंभ के चारों ओर पंक्तियों में खड़े होते हैं।
  2. समेटा हुआ ध्वज पहले से ही स्तंभ के शीर्ष पर बँधा रहता है। आस-पास का मैदान फूलों से सजाया जाता है।
  3. प्रधानाध्यापक डोरी खींचते हैं और तिरंगा फहर उठता है। समेटे हुए ध्वज में रखी फूलों की पंखुड़ियाँ नीचे गिरती हैं।
  4. सब सावधान खड़े होकर मिलकर राष्ट्रगान गाते हैं।
  5. प्रधानाध्यापक संविधान और हमारे कर्तव्यों पर छोटा-सा भाषण देते हैं।
  6. फिर सांस्कृतिक कार्यक्रम होता है — देशभक्ति गीत, समूह नृत्य, मार्च पास्ट, छोटा नाटक, कविता।
  7. कुछ विद्यालयों में चित्रकला या निबंध प्रतियोगिता भी होती है और पुरस्कार दिए जाते हैं।
  8. अंत में मिठाई या लड्डू बाँटे जाते हैं।
कार्यक्रमक्या होता हैऐसा क्यों करते हैं
ध्वज समारोहड्रम और तालियों के साथ तिरंगा फहराया जाता हैदेश के प्रति सम्मान दिखाने के लिए
राष्ट्रगानसब स्थिर खड़े होकर एक साथ गाते हैंपूरा विद्यालय एक स्वर में जुड़ जाता है
भाषणशिक्षक संविधान के विषय में बताते हैंताकि हम इस दिन का अर्थ समझें
सांस्कृतिक कार्यक्रमविभिन्न राज्यों के गीत, नृत्य और नाटकइससे भारत की विविधता दिखती है
पुरस्कार और मिठाईविजेताओं को बुलाया जाता है, मिठाई बाँटी जाती हैसाझा उत्सव
अपने विद्यालय के विषय में लिखिए: किसने ध्वज फहराया, आपकी कक्षा ने क्या प्रस्तुत किया, और आपको सबसे अच्छा क्या लगा। दो-तीन वाक्य पर्याप्त हैं।
प्र2.
इस दिन हम मिलकर राष्ट्रगान गाते हैं। क्या आप राष्ट्रगान में उल्लिखित कुछ नदियों और पर्वत-श्रृंखलाओं के नाम बता सकते हैं? नीचे दी गई तालिका में उनके नाम लिखिए —
नदियाँपर्वत-शृंखलाएँ
  
पृष्ठ 77 पर छपी तालिका, पुस्तक की भाँति रिक्त।
उत्तर

राष्ट्रगान की दूसरी पंक्ति धीरे-धीरे गाइए और ध्यान से सुनिए — पंजाब सिंधु गुजरात मराठा, द्राविड़ उत्कल बंग, विंध्य हिमाचल यमुना गंगा… नाम वहीं छिपे हैं।

नदियाँपर्वत-श्रृंखलाएँ
सिंधुविंध्य
यमुनाहिमाचल (हिमालय)
गंगा
नदियाँ — सिंधु, यमुना, गंगा
पर्वत-श्रृंखलाएँ — विंध्य, हिमाचल (हिमालय)

इसी के आगे आता है — उच्छल जलधि तरंगजलधि का अर्थ है समुद्र और तरंग का अर्थ है लहरें। तो राष्ट्रगान में समुद्र का भी नाम है — पर समुद्र नदी नहीं है।

राष्ट्रगान में ये नाम क्यों हैं: जन गण मन के रचयिता रवींद्रनाथ ठाकुर चाहते थे कि एक छोटा-सा गीत पूरे देश को समेट ले। इसलिए उन्होंने हर दिशा के क्षेत्रों का नाम लिया — उत्तर-पश्चिम में पंजाब और सिंध, पश्चिम में गुजरात और मराठा, दक्षिण में द्राविड़, पूर्व में उत्कल (ओडिशा) और बंग (बंगाल) — और फिर वे पर्वत और नदियाँ जो सबकी साझी हैं।
क्या आप जानते हैं? जन गण मन पहली बार 27 दिसंबर 1911 को गाया गया था। इसे 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार किया गया — पहले गणतंत्र दिवस से ठीक दो दिन पहले। इसे गाने में लगभग 52 सेकंड लगते हैं।
प्र3.
गणतंत्र दिवस पर आप कौन-सी गतिविधि में भाग लेना पसंद करेंगे?
उत्तर

वह चुनिए जो आप सचमुच अच्छा कर सकते हैं, और एक ऐसी चीज़ भी जिसे आप आज़माना चाहते हैं। कोई भी उत्तर अच्छा है, बस कारण बताइए।

यदि आपको पसंद है…तो भाग लीजिएतैयारी में क्या करना होगा
गानादेशभक्ति गीत के समूह मेंशब्द याद कीजिए और समूह के साथ ताल मिलाकर अभ्यास कीजिए
नृत्यकिसी राज्य का लोक नृत्यपद (steps) सीखिए और सरल वेशभूषा जुटाइए
मार्च करनामार्च पास्ट मेंपंक्ति सीधी रखने और कदम मिलाने का अभ्यास कीजिए
बोलनाछोटा भाषण या कविताआठ-दस पंक्तियाँ लिखिए और धीरे तथा ऊँचे स्वर में बोलने का अभ्यास कीजिए
चित्र बनाना और चीज़ें बनानाचार्ट, फूलों की सजावट या राज्य की झाँकी का मॉडलएक सप्ताह पहले गत्ता, रंग और अवशिष्ट सामग्री जुटाइए
अभिनयकिसी स्वतंत्रता सेनानी पर छोटा नाटकअपने संवाद याद कीजिए और दर्शकों की ओर देखकर बोलिए

नमूना उत्तर: मैं समूह गान में भाग लेना चाहूँगा। मुझे सारे जहाँ से अच्छा पूरा याद है और मैं दूसरों के साथ ताल मिला सकता हूँ। मैं सुबह ध्वज-स्तंभ को गेंदे के फूलों से सजाने में भी सहायता करना चाहूँगा, क्योंकि मैं जल्दी विद्यालय पहुँच सकता हूँ।

एक छोटी बात: हर काम महत्वपूर्ण है। डोरी पकड़ना, कुर्सियाँ लगाना और पंक्तियाँ सीधी रखना — ये काम भी उतने ही ज़रूरी हैं।
प्र4.
क्या आपने कभी टेलीविजन पर दिल्ली में होने वाली गणतंत्र दिवस परेड को देखा है? आपको इस परेड में सबसे अच्छा क्या लगा?
उत्तर

हाँ। यह परेड नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होती है और हर 26 जनवरी को टेलीविजन पर सीधी दिखाई जाती है। इसमें क्रम से यह सब दिखता है।

  1. राष्ट्रपति आते हैं और राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है। राष्ट्रगान बजता है और 21 तोपों की सलामी दी जाती है।
  2. वीरता पुरस्कार दिए जाते हैं। राष्ट्रीय समर स्मारक पर देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों को पुष्पचक्र अर्पित किए जाते हैं।
  3. सबसे पहले मार्च करती टुकड़ियाँ आती हैं — थलसेना, जलसेना, वायुसेना, अर्धसैनिक बल और पुलिस, सब अपनी-अपनी वर्दी में, बैंड की धुन पर।
  4. फिर टैंक, मिसाइल वाहन और सीमा सुरक्षा बल की ऊँट टुकड़ी आती है।
  5. फिर आती हैं राज्यों की झाँकियाँ — सजी हुई गाड़ियाँ। हर झाँकी किसी एक राज्य या विभाग का जीवन दिखाती है।
  6. विद्यालयी बच्चे अनेक राज्यों के लोक नृत्य प्रस्तुत करते हैं।
  7. मोटरसाइकिल सवार संतुलन का प्रदर्शन करते हैं।
  8. अंत में लड़ाकू विमान आकाश में फ्लाई-पास्ट करते हैं और केसरिया, श्वेत तथा हरा धुआँ छोड़ते हैं।

नमूना उत्तर: मुझे राज्यों की झाँकियाँ सबसे अच्छी लगीं। हर झाँकी एक छोटी चलती-फिरती कहानी जैसी थी — किसी पर नौका दौड़ थी, किसी पर बड़ा हथकरघा, किसी पर मंदिर। दस मिनट में मुझे पूरे देश के टुकड़े गुज़रते दिखाई दिए। अंत का फ्लाई-पास्ट भी अच्छा लगा, जब विमान इतने नीचे उड़े कि आवाज़ उनके बाद आई।

यह परेड क्यों महत्वपूर्ण है: एक ही सड़क पर, लगभग दो घंटे में, देश अपने सैनिक, अपने किसान, अपने कलाकार और अपने विद्यार्थी एक साथ खड़े कर देता है। यह कहने का ढंग है कि ये सब एक ही भारत के हैं।
क्या आप जानते हैं? गणतंत्र दिवस के समारोह 29 जनवरी को बीटिंग रिट्रीट के साथ समाप्त होते हैं, जब संध्या के समय सामूहिक बैंड बजते हैं और रायसीना पहाड़ी की रोशनी जल उठती है।
क्या यह उपयोगी रहा?