गणतंत्र दिवस पर हमारे विद्यालय में ध्वज समारोह होता है, सब मिलकर राष्ट्रगान गाते हैं, और फिर सांस्कृतिक कार्यक्रम होता है। भारत के अधिकतर विद्यालयों में यही क्रम रहता है।
सुबह का कार्यक्रम इस प्रकार चलता है।
- सब विद्यार्थी समय से पहले विद्यालय पहुँचते हैं और ध्वज-स्तंभ के चारों ओर पंक्तियों में खड़े होते हैं।
- समेटा हुआ ध्वज पहले से ही स्तंभ के शीर्ष पर बँधा रहता है। आस-पास का मैदान फूलों से सजाया जाता है।
- प्रधानाध्यापक डोरी खींचते हैं और तिरंगा फहर उठता है। समेटे हुए ध्वज में रखी फूलों की पंखुड़ियाँ नीचे गिरती हैं।
- सब सावधान खड़े होकर मिलकर राष्ट्रगान गाते हैं।
- प्रधानाध्यापक संविधान और हमारे कर्तव्यों पर छोटा-सा भाषण देते हैं।
- फिर सांस्कृतिक कार्यक्रम होता है — देशभक्ति गीत, समूह नृत्य, मार्च पास्ट, छोटा नाटक, कविता।
- कुछ विद्यालयों में चित्रकला या निबंध प्रतियोगिता भी होती है और पुरस्कार दिए जाते हैं।
- अंत में मिठाई या लड्डू बाँटे जाते हैं।
| कार्यक्रम | क्या होता है | ऐसा क्यों करते हैं |
|---|---|---|
| ध्वज समारोह | ड्रम और तालियों के साथ तिरंगा फहराया जाता है | देश के प्रति सम्मान दिखाने के लिए |
| राष्ट्रगान | सब स्थिर खड़े होकर एक साथ गाते हैं | पूरा विद्यालय एक स्वर में जुड़ जाता है |
| भाषण | शिक्षक संविधान के विषय में बताते हैं | ताकि हम इस दिन का अर्थ समझें |
| सांस्कृतिक कार्यक्रम | विभिन्न राज्यों के गीत, नृत्य और नाटक | इससे भारत की विविधता दिखती है |
| पुरस्कार और मिठाई | विजेताओं को बुलाया जाता है, मिठाई बाँटी जाती है | साझा उत्सव |