कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 7 गतिविधि 2 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
रबर बैंड से बना गिटार — 1. गत्ते के बक्से के ऊपरी सतह पर एक छेद बनाइए। 2. छेद के ऊपर बक्से पर कई रबर बैंड तानिए। 3. रबर बैंडों को ऊपर उठाने के लिए बक्से पर इनके नीचे एक पेंसिल या मापक रखिए। 4. रबर बैंड को खींचकर छोड़ें और इससे उत्पन्न ध्वनियों को सुनिए।
उत्तर

आप क्या सुनेंगे: हर बैंड से एक साफ़ ‘टन्न’ जैसी ध्वनि निकलती है। बैंड इतनी तेज़ी से हिलता है कि धुँधला दिखाई देने लगता है। बक्से के कारण ध्वनि बहुत तेज़ सुनाई देती है, और जैसे ही आप उँगली से बैंड को रोकते हैं, ध्वनि भी रुक जाती है।

इसे कैसे बनाएँ:

  1. गत्ते का एक खाली बक्सा लीजिए — जूते का या टिशू का डिब्बा उपयुक्त रहेगा।
  2. ऊपरी सतह के बीच में हथेली जितना एक गोल छेद काटिए।
  3. चार-पाँच रबर बैंड बक्से के चारों ओर इस प्रकार तानिए कि वे छेद के ऊपर से गुज़रें।
  4. एक छोर के पास सभी बैंडों के नीचे एक पेंसिल या मापक खिसका दीजिए। इससे बैंड बक्से से ऊपर उठ जाएँगे।
  5. एक बैंड को ज़रा-सा ऊपर खींचकर छोड़िए।
  6. ध्वनि सुनिए। फिर एक-एक करके बाकी बैंडों को भी खींचकर छोड़िए।
पेंसिल बैंडों को ऊपर उठाती है ध्वनि बाहर आती है ऊपर का छेद ध्वनि को तेज़ करता है
बक्से पर तने हुए रबर बैंड, जिन्हें एक छोर पर पेंसिल ने ऊपर उठा रखा है।
ऐसा क्यों होता है: खींचकर छोड़ने पर बैंड बहुत तेज़ी से आगे-पीछे हिलने लगता है। इस तेज़ हिलने को कंपन कहते हैं। कंपन करता बैंड अपने चारों ओर की वायु को भी हिला देता है, और वही हिलती हुई वायु हमारे कान तक पहुँचती है — तब हमें ध्वनि सुनाई देती है। पुस्तक स्पष्ट कहती है — रबर बैंडों को खींचकर छोड़ने से वे कंपन करने लगते हैं और ध्वनि उत्पन्न करते हैं; यह ध्वनि ऊर्जा कहलाती है। छेद और खोखला बक्सा ध्वनि को तेज़ कर देते हैं, क्योंकि भीतर की वायु भी बैंड के साथ काँपती है। इसी कारण गिटार, सितार और ढोलक सभी भीतर से खोखले होते हैं।
स्वयं जाँचिए: बैंड को खींचकर छोड़िए और फिर धीरे से उँगली लगाइए। दो बातें एक साथ होती हैं — कंपन हाथ को अनुभव होता है, और ध्वनि रुक जाती है। कंपन नहीं, तो ध्वनि नहीं।
क्या यह उपयोगी रहा?