कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 7 गतिविधि 5 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
अपने घर या अपनी कक्षा में चारों ओर देखिए। ऐसी पाँच वस्तुएँ पहचानिए जो विद्युत से चलती हों। नीचे दी गई तालिका में लिखिए—
क्र.सं.यंत्रयह क्या करता है?इसे क्या चाहिए? (प्रकाश / ध्वनि / ऊष्मा / गति / शीतलन / अन्य)
1.पंखाहवा देता हैगति
2.
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4.
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6.
उत्तर

पेंसिल लेकर घूमिए और ऐसी हर वस्तु देखिए जिसमें प्लग, तार या दीवार का स्विच हो। भरी हुई तालिका इस प्रकार होगी। पहली पंक्ति पुस्तक का उदाहरण है।

क्र.सं.यंत्रयह क्या करता है?इसे क्या चाहिए?
1.पंखाहवा देता हैगति
2.ट्यूबलाइटकमरे को उजाला करती हैप्रकाश
3.रेडियो / टेलीविज़नगीत सुनाता है और कार्यक्रम दिखाता हैध्वनि (और चित्र के लिए प्रकाश)
4.विद्युत इस्तरीकपड़ों की सिलवटें दूर करती हैऊष्मा
5.रेफ्रिजरेटरदूध और सब्ज़ियों को खराब होने से बचाता हैशीतलन
6.मिक्सीचटनी और मसाला पीसती हैगति

आपकी सूची आपके अपने घर या कक्षा पर निर्भर करेगी। जल का पंप, मोबाइल चार्जर, घंटी, कूलर, कंप्यूटर या प्रोजेक्टर — ये सभी उत्तर सही हैं।

अंतिम स्तंभ का अर्थ: यह पूछ रहा है कि यंत्र विद्युत से हमें क्या देता है — धक्का और घुमाव (गति), उजाला (प्रकाश), आवाज़ (ध्वनि), गरमी (ऊष्मा) या ठंडक (शीतलन)। हर तार में विद्युत तो एक जैसी ही है। बदलती केवल वह मशीन है जो उसका उपयोग करती है।
क्या आप जानते हैं? एक ही कार्य को कम ऊर्जा में कर लेना ऊर्जा दक्षता कहलाता है। एल.ई.डी. बल्ब पुराने बल्ब जितना ही प्रकाश देता है पर विद्युत बहुत कम खर्च करता है। अत: एक बल्ब बदलने से भी प्रतिदिन विद्युत बचती है।
प्र2.
उपर्युक्त उदाहरण से क्या आप समझ सके कि विद्युत का उपयोग गति और ध्वनि, प्रकाश एवं ऊष्मा उत्पन्न करने के लिए किया जा सकता है?
उत्तर

हाँ। इसी एक तालिका से स्पष्ट है कि विद्युत ऊर्जा के सभी काम कर सकती है — वह वस्तुओं को गति दे सकती है, ध्वनि उत्पन्न कर सकती है, प्रकाश दे सकती है, ऊष्मा दे सकती है और वस्तुओं को ठंडा भी कर सकती है।

विद्युत गति — पंखा, मिक्सी प्रकाश — ट्यूबलाइट, एल.ई.डी. ध्वनि — रेडियो, घंटी ऊष्मा — इस्तरी, गीज़र शीतलन — रेफ्रिजरेटर, ए.सी.
तार में ऊर्जा एक ही प्रकार की, पर उससे निकलने वाले काम पाँच।
यह क्यों महत्वपूर्ण है: क्योंकि विद्युत पाँचों काम कर सकती है, इसीलिए एक ही विद्युत आपूर्ति से पूरा घर, पूरा विद्यालय और पूरे कारखाने चल जाते हैं। अध्याय बताता है कि उद्योगों में मशीनें विद्युत से चलती हैं और उन्हीं से हमारे वस्त्र, खिलौने, पुस्तकें, भोजन तथा स्कूटर और कार बनते हैं।
किंतु सावधानी से: विद्युत अत्यंत उपयोगी है और उतनी ही खतरनाक भी। परिपथ में जुड़े तारों या यंत्रों के भागों को अनावश्यक रूप से न छुएँ। सॉकेट में उँगली, पैन या छड़ी न डालें। टूटे तार, गिरे विद्युत स्तंभ, विद्युत बक्सों और ट्रांसफार्मरों से दूर रहें और तुरंत किसी वयस्क को बताएँ। कुछ भी स्वयं ठीक करने का प्रयास कभी न करें।
क्या यह उपयोगी रहा?