प्र1.
आपके घर में भोजन किस प्रकार पकाया जाता है?
उत्तर
अपने ही रसोईघर के विषय में लिखिए। बताइए कि किस पर पकाते हैं, कौन-सा ईंधन लगता है और वह ईंधन कहाँ से आता है।
नमूना उत्तर: “मेरे घर में भोजन गैस चूल्हे पर पकाया जाता है। चूल्हा रबर की नली से एल.पी.जी. सिलेंडर से जुड़ा है, जिसे हम गैस एजेंसी से लेते हैं। माँ जब घुंडी घुमाती हैं तो गैस निकलती है और वे उसे लाइटर से जला देती हैं। नीली लौ से बर्तन गर्म होता है और भोजन पक जाता है। किसी उत्सव पर जब अधिक भोजन बनाना होता है तब दादी आँगन में चूल्हे पर लकड़ी जलाकर पकाती हैं।”
| पकाने का तरीका | ईंधन | अच्छी और कमज़ोर बात |
|---|---|---|
| गैस चूल्हा | सिलेंडर की एल.पी.जी. रसोई गैस | तेज़ और स्वच्छ; किंतु इसे खरीदना पड़ता है और यह सदा नहीं चलेगी |
| मिट्टी का चूल्हा | लकड़ी, सूखे उपले | गाँव में सस्ता और सहज उपलब्ध; किंतु धुआँ आँखों और फेफड़ों को हानि पहुँचाता है |
| अंगीठी / सिगड़ी | कोयला | देर तक गर्म रहती है; किंतु बहुत धुआँ और हानिकारक गैसें देती है |
| इंडक्शन प्लेट, विद्युत केतली | विद्युत | रसोई में धुआँ नहीं; किंतु अधिकांश विद्युत कहीं और कोयला जलाकर ही बनती है |
| सौर कुकर | धूप — निःशुल्क | न ईंधन, न धुआँ, न खर्च; किंतु केवल धूप वाले दिन चलता है और धीरे पकाता है |
ध्यान देने की बात: ये सभी ऊष्मा पाने के ही तरीके हैं। बर्तन को इससे कोई अंतर नहीं पड़ता कि ऊष्मा कहाँ से आई। अंतर ईंधन में है — और हर ईंधन का अपना खर्च है तथा हमारी वायु पर अपना असर है।