प्र1.
घर में भोजन पकाने के लिए आप किस प्रकार के ईंधन का उपयोग करते हैं?
उत्तर
भारत के अलग-अलग घरों में अलग-अलग ईंधन उपयोग होते हैं। बताइए कि आपके घर में कौन-सा ईंधन काम आता है और क्यों।
नमूना उत्तर: “हम एल.पी.जी. रसोई गैस का उपयोग करते हैं। यह लाल सिलेंडर में आती है। हमने इसे इसलिए चुना क्योंकि यह तुरंत जल जाती है, रसोई में धुआँ नहीं करती और इसकी लौ छोटी-बड़ी की जा सकती है।”
आपके साथी प्राय: इन्हीं ईंधनों के नाम लेंगे —
| ईंधन | कहाँ उपयोग होता है | लोग इसे क्यों चुनते हैं |
|---|---|---|
| एल.पी.जी. रसोई गैस (सिलेंडर या पाइपलाइन) | अधिकांश नगरों में और अब गाँवों में भी | तेज़, स्वच्छ और सरलता से नियंत्रित |
| लकड़ी | गाँव, पहाड़ी क्षेत्र, बाहर पकाने में | पास ही मिल जाती है और इकट्ठा करने में कोई खर्च नहीं |
| उपले (गोबर के कंडे) | पशुपालक परिवार | घर में ही, पशुओं के गोबर से बन जाते हैं |
| अंगीठी का कोयला | कुछ घरों और सड़क किनारे की दुकानों में | देर तक गर्म रहता है |
| मिट्टी के तेल का स्टोव | कुछ घरों में | छोटा और उठाने में सरल |
| विद्युत (इंडक्शन प्लेट) | नगर के फ्लैटों में | न लौ, न रसोई में धुआँ |
| धूप (सौर कुकर) | धूप वाले क्षेत्रों, कुछ विद्यालयों और छात्रावासों में | निःशुल्क और बिल्कुल प्रदूषण-रहित |
उत्तर अलग-अलग क्यों होते हैं: हर परिवार वही ईंधन लेता है जो उसे सबसे सरलता से और सस्ते में मिल जाए। वन के पास बसे गाँव में लकड़ी सुलभ है, नगर में गैस। अत: यहाँ कोई एक ही सही उत्तर नहीं है — किंतु कुछ ईंधन अधिक स्वच्छ हैं और कुछ अधिक धुआँ देते हैं, और अगला प्रश्न इसी पर है।