प्र1.
आइए अब पशुओं के संबंध में विचार करें। दौड़ता हुआ कुत्ता, उड़ता हुआ पक्षी… हमारी ही तरह इन सभी को भी चलने, उड़ने, तैरने, दौड़ने, भोजन ढूँढ़ने और अपनी रक्षा करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। परंतु इस ऊर्जा को वे कहाँ से प्राप्त करते हैं?
उत्तर
पशु भी अपनी ऊर्जा भोजन से ही प्राप्त करते हैं। भोजन सभी जीवित प्राणियों के लिए ऊर्जा का स्रोत है।
| प्राणी | वह क्या करता है | ऊर्जा कहाँ से |
|---|---|---|
| कुत्ता | दौड़ता है, भौंकता है, घर की रखवाली करता है | रोटी, दूध और जो कुछ वह खाता है |
| गौरैया | उड़ती है, घोंसला बनाती है | अनाज, बीज और छोटे कीट |
| गाय | चलती है, जुगाली करती है, दूध देती है | घास और चारा |
| मछली | तैरती है | जलीय पौधे और नन्हे जलीय जीव |
| चींटी | अपने से कई गुना बड़ा बोझ ढोती है | जो अन्न-कण वह एकत्र करती है |
हर पशु को यह क्यों चाहिए: चलना, उड़ना, तैरना, शिकार करना और छिपना — ये सब कार्य हैं, और कार्य के लिए सदा ऊर्जा चाहिए। कोई भी प्राणी शून्य से ऊर्जा नहीं बना सकता। इसीलिए हर पशु को खाना पड़ता है।
और भोजन को ऊर्जा कहाँ से मिलती है? पौधे सूर्य के प्रकाश से अपना भोजन बनाते हैं। पशु या तो पौधे खाते हैं या उन पशुओं को जो पौधे खाते हैं। अत: अंतत: हमारी लगभग सारी ऊर्जा सूर्य से ही आती है — इसीलिए पुस्तक कहती है कि सूर्य पृथ्वी पर जीवन के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत है।