प्र1.
क्या आप जानते हैं कि हमारे वाहन भी विद्युत से चल सकते हैं?
उत्तर
हाँ। विद्युत वाहन पेट्रोल या डीजल का उपयोग करते ही नहीं। उनमें एक बड़ी बैटरी लगी होती है, और उस बैटरी को विद्युत बिंदु से चार्ज किया जाता है — ठीक वैसे ही जैसे हम मोबाइल फ़ोन चार्ज करते हैं।
विद्युत वाहन कैसे चलता है, चार चरणों में —
- वाहन को कुछ घंटों के लिए चार्जिंग बिंदु से जोड़ा जाता है।
- विद्युत उसकी बैटरी में जाकर संचित हो जाती है।
- चलते समय बैटरी वह संचित विद्युत मोटर को भेजती है।
- मोटर पहियों को घुमाती है — और वाहन चल पड़ता है।
| पेट्रोल या डीजल वाहन | विद्युत वाहन | |
|---|---|---|
| किससे चलता है | पेट्रोल या डीजल | बैटरी में संचित विद्युत |
| धुआँ | पीछे लगी नली से धुआँ निकलता है | धुएँ की नली होती ही नहीं |
| ध्वनि | इंजन शोर करता है | लगभग नि:शब्द |
| भरने में समय | पेट्रोल पंप पर कुछ मिनट | चार्जिंग बिंदु पर कई घंटे |
कुछ तो आपने देखे भी होंगे — अनेक नगरों के ई-रिक्शा, विद्युत नगर-बसें, विद्युत स्कूटर और मेट्रो रेल, जो वर्षों से विद्युत से ही चल रही है।
यह महत्वपूर्ण क्यों है: विद्युत वाहन सड़क पर धुआँ नहीं छोड़ता, इसलिए हमारी गलियों की वायु स्वच्छ रहती है। और वह तब सबसे अधिक स्वच्छ होता है जब उसे चार्ज करने वाली विद्युत भी सूर्य, पवन या जल से बनी हो। इस अध्याय के आरंभ का पृष्ठ 114 का चित्र देखिए — वहाँ एक लाल कार चार्जिंग स्टेशन से जुड़ी है और उसी चित्र में सौर पैनल तथा पवनचक्की भी हैं।