कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 9 पाठ्य प्रश्न के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
रात और दिन होने का क्या कारण है?
उत्तर

दिन और रात इसलिए होते हैं क्योंकि पृथ्वी अपने ऊपर घूमती है। पृथ्वी एक विशाल गेंद है। सूर्य उसके केवल उसी आधे भाग को प्रकाशित कर सकता है जो सूर्य के सामने है। उस प्रकाशित भाग में दिन होता है। शेष आधा भाग छाया में रहता है और वहाँ रात होती है। पृथ्वी घूमती रहती है, इसलिए प्रत्येक स्थान प्रकाशित भाग से अंधेरे भाग में और फिर वापस आता रहता है।

एक पूरे चक्कर को क्रम से देखिए —

  1. पृथ्वी अपने बीच से जाती एक काल्पनिक रेखा पर घूमती है। इस रेखा को अक्ष कहते हैं और इस घूमने को घूर्णन
  2. एक पूरा चक्कर लगभग 24 घंटे में पूरा होता है — यही एक दिन और एक रात मिलकर होते हैं।
  3. जब आपका नगर प्रकाश में आने ही वाला होता है तब आपको आकाश के किनारे पर सूर्य दिखता है। इसे सूर्योदय कहते हैं।
  4. पृथ्वी और घूमती है तो आपका नगर पूरे प्रकाश में आ जाता है। यह मध्याह्न है।
  5. फिर आपका नगर प्रकाश से बाहर जाने लगता है। सूर्य नीचा दिखने लगता है। यह सूर्यास्त है।
  6. अब आपका नगर अंधेरे भाग में है। रात हो गई। पृथ्वी घूमती रहती है और कुछ घंटों बाद फिर सूर्योदय हो जाता है।
सूर्य (या टॉर्च) स्थिर रहता है दिन रात पृथ्वी का घूर्णन अक्ष एक पूरा चक्कर = लगभग 24 घंटे
एक समय में पृथ्वी का केवल आधा भाग सूर्य के सामने हो सकता है। वहाँ दिन होता है; दूसरे आधे भाग में रात।
सूर्य पूरी पृथ्वी को क्यों नहीं प्रकाशित कर पाता: प्रकाश सीधी रेखा में चलता है। वह गेंद के पीछे मुड़ नहीं सकता। इसलिए पृथ्वी का दूसरा भाग सदा स्वयं पृथ्वी की छाया में रहता है। पृथ्वी कभी रुकती नहीं, इसलिए यह छाया संसार पर घूमती रहती है — और यही घूमती हुई छाया रात कहलाती है।
क्या आप जानते हैं? अरुणाचल प्रदेश के डोंग गाँव को भारत का ‘सूर्योदय का पहला गाँव’ कहा जाता है। यह हमारे देश में सबसे पूर्व में है, इसलिए वहाँ सबसे पहले सूर्य का प्रकाश पहुँचता है।
प्र2.
सूर्य पूर्व दिशा में उदित और पश्चिम दिशा में अस्त होता हुआ प्रतीत होता है तो क्या सूर्य निरंतर घूम रहा है?
उत्तर

नहीं। सूर्य पृथ्वी के चारों ओर नहीं घूम रहा। सूर्य अपने स्थान पर स्थिर रहता है। घूमती पृथ्वी है, और उसी घूमने के कारण सूर्य आकाश में चलता हुआ प्रतीत होता है।

यह धोखा आपने पहले भी अनुभव किया है —

  1. चलती बस या रेलगाड़ी में बैठकर खिड़की से बाहर देखिए।
  2. वृक्ष और खंभे पीछे की ओर भागते दिखाई देते हैं।
  3. परंतु वृक्ष तो बिलकुल भी नहीं चल रहे। चल तो आप रहे हैं।
  4. ठीक इसी प्रकार पृथ्वी पूर्व की ओर घूमती है, इसलिए सूर्य आकाश में पश्चिम की ओर सरकता प्रतीत होता है।
बस वास्तव में इस ओर चल रही है वृक्ष केवल इस ओर चलते प्रतीत होते हैं
वृक्ष स्थिर हैं, बस चलती है। सूर्य स्थिर है, पृथ्वी घूमती है।
हमें क्या दिखता हैवास्तव में क्या हो रहा है
सूर्य पूर्व में उगता हैहमारा भाग पूर्व की ओर से धूप में आ जाता है
सूर्य आकाश पार करता हैपृथ्वी धूप के नीचे घूमती चली जाती है
सूर्य पश्चिम में अस्त होता हैहमारा भाग पश्चिम की ओर से धूप से बाहर निकल जाता है
पूरी रात सूर्य दिखाई नहीं देताहम पृथ्वी के छाया वाले भाग में हैं
घूमने वाली पृथ्वी ही क्यों, सूर्य क्यों नहीं: सूर्य पृथ्वी से असंख्य गुना बड़ा है और बहुत-बहुत दूर है। घूमती छोटी वस्तु है, वह विशाल वस्तु नहीं जो उसे प्रकाश दे रही है। पृष्ठ 150 की गतिविधि 1 में आप यह स्वयं देख सकते हैं — टॉर्च कभी हिलती नहीं, केवल ग्लोब घूमता है, फिर भी उस ग्लोब पर खड़े किसी नन्हे व्यक्ति को टॉर्च उगती और डूबती ही दिखाई देगी।
याद रखने योग्य बात: सूर्य वास्तव में न उगता है न डूबता है; वह केवल ऐसा प्रतीत होता है। हम आज भी सूर्योदय और सूर्यास्त शब्द इसलिए बोलते हैं क्योंकि ये छोटे हैं और सब समझ जाते हैं।
क्या यह उपयोगी रहा?