वे इसलिए अचंभित हुए क्योंकि उन्होंने जीवन में ऐसा कुछ पहले कभी नहीं देखा था। लंदन में उत्सव प्रायः बंद हॉल में, टिकट लेकर, कुर्सियों पर बैठकर देखे जाते हैं। यहाँ पूरा गाँव खुले आसमान के नीचे, एक पेड़ के तले इकट्ठा था और सब अपने ही आनंद के लिए नाच रहे थे।
पाठ के आधार पर अचंभे के पाँच कारण —
- अपार भीड़ और खुला मंच — “वहाँ एक बड़े से बरगद के पेड़ के नीचे मंच बनाया गया था… एंजेला ने एक पेड़ के नीचे एक साथ इतने लोगों को पहले कभी नहीं देखा था।”
- माहौल का जादू — “वहाँ आस-पास उत्सव जैसा माहौल देखकर वह हतप्रभ थी।” उसे लगा जैसे वह टाइम-मशीन में या सपनों की दुनिया में आ बैठी हो।
- रंग और पोशाक — लड़कियों की “लाल और बादामी रंग की गहरी डिजाइन वाली खूबसूरत पोशाक” और लड़कों के हाथ में वाद्ययंत्र। “वे सभी काफ़ी रंगीन और मस्त लग रहे थे।”
- नाचने वालों की मस्ती — “उनका हिलता-डुलता शरीर, हाथ-पैर की हलचल से समझ आ रहा था कि वे मौज-मस्ती के नृत्य में खोए हुए हैं।”
- लजीज पकवान — नृत्य के साथ-साथ मिले असमिया पकवान, जिनका स्वाद उनके लिए बिलकुल नया था।
सबसे गहरा कारण यह है कि एंजेला के लिए यह कहानी का सच हो जाना था। पाठ के आरंभ में ही लिखा है — “उसे ऐसी कहानियों का पात्र बनने में मज़ा आता था, जिनमें दूर-दराज़ की दुनिया का जिक्र हो… उसे बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि जल्दी ही यात्राओं की उसकी ये कहानियाँ सच साबित होने वाली हैं।” कल्पना का सच में बदल जाना — इससे बड़ा अचंभा और क्या होगा!