यह वाक्य उस समय आता है जब बिहू देखकर लौटते हुए माँ ने एंजेला से पूछा कि ‘उसे बिहू कैसा लगा?’ एंजेला तुरंत उत्तर नहीं दे पाई — क्योंकि उसने एक साथ इतना कुछ देखा था कि मन में कई विचार एक साथ चल रहे थे।
पाठ के आधार पर उसके मन के विचार ये रहे होंगे —
| मन में उठा विचार | पाठ का आधार |
|---|---|
| यह कितना अनोखा है कि उत्सव और नृत्य — दोनों का नाम एक ही है, ‘बिहू’! | “उसे अच्छा लगा कि इस उत्सव और नृत्य दोनों को ‘बिहू’ कहा जाता है।” |
| क्या संगीत और नृत्य सिर्फ़ त्योहारों पर ही होते हैं? | “उसने माँ से पूछा कि क्या संगीत और नृत्य सिर्फ़ त्योहारों पर ही होते हैं।” |
| एक पेड़ के नीचे इतने सारे लोग! क्या मैं सचमुच किसी टाइम-मशीन या सपनों की दुनिया में आ गई हूँ? | “उसे ऐसा लग रहा था, जैसे वह आश्चर्यजनक रूप से किसी टाइम-मशीन में आकर बैठ गई हो! या क्या वह उस वक्त किसी सपनों की दुनिया में थी?” |
| लड़कियों की लाल-बादामी पोशाक और लड़कों के वाद्ययंत्र कितने सुंदर हैं! | “लड़कों ने वाद्ययंत्र ले रखे हैं और लड़कियों ने लाल और बादामी रंग की गहरी डिजाइन वाली खूबसूरत पोशाक पहन रखी है।” |
| मैं भी अपने घर पर बसंत आने पर ऐसे ही नाचूँगी। | “उसकी इच्छा हुई कि वह भी अपने घर पर बसंत के आगमन पर ऐसे ही नृत्य करेगी।” |
| लंदन का जीवन और यहाँ का जीवन कितना अलग है! | “उसने महसूस किया कि लंदन के जीवन से यहाँ सब कुछ कितना अलग था!” |
इन सबको एक वाक्य में समेटें तो एंजेला के मन में अचरज, जिज्ञासा और खुशी — तीनों एक साथ चल रहे थे। अचरज इस बात का कि यह सब उसकी कल्पना की कहानियों जैसा था; जिज्ञासा इस बात की कि नृत्य आख़िर होता क्यों है; और खुशी इस बात की कि वह इसका हिस्सा बन गई।