चित्र में एक ग्रामीण भू-दृश्य है। इसे दो भागों में बाँटकर देखिए — जो प्रकृति ने बनाया और जो मनुष्य ने बनाया।
| प्रकृति द्वारा निर्मित | मनुष्य द्वारा निर्मित |
|---|---|
| दो चोटियों वाली चट्टानी पहाड़ी, जिस पर हरे वन हैं | आगे की ओर मुड़ती हुई एक पक्की सड़क |
| पहाड़ी की तलहटी में फैली एक झील | झील के किनारे खपरैल की ढलवाँ छत वाला एक छोटा घर |
| वृक्ष, घास और झाड़ियाँ; बादलों से भरा आकाश (वर्षा ऋतु या उसके तुरंत बाद का समय) | घर के पास एक केसरिया ध्वज तथा साफ किए गए छोटे खेत जैसे टुकड़े |
यह भी देखिए कि चित्र में क्या नहीं है — न दुकानें, न यातायात, न ऊँची इमारतें, न भीड़। केवल एक-दो घर दिखाई देते हैं। अर्थात यहाँ बहुत कम लोग रहते हैं और वे वन तथा जल के निकट रहते हैं।