ऊपर दिए गए चित्र में क्या-क्या है :
- सबसे पीछे एक चट्टानी पहाड़ी, जिसकी चोटी नंगी और भूरी है तथा नीचे की ढलानें हरे वृक्षों से ढकी हैं; उसके बगल में एक दूसरी, नीची पहाड़ी।
- पहाड़ियों के सामने शांत जल की चौड़ी चादर — एक झील, जिसमें पहाड़ियों और वृक्षों का प्रतिबिंब दिखाई देता है।
- निकट के किनारे पर वृक्ष और झाड़ियाँ; दूर के किनारे के पार पहाड़ी की तलहटी में छोटे-छोटे हरे खेत।
- दाहिनी ओर किनारे पर एक छोटा घर — पत्थर की खुरदरी दीवारें, लाल खपरैल की छत, छत के एक भाग पर फैली चादरें और पास ही एक छोटी-सी ध्वजा।
- सामने की ओर एक पतली पक्की सड़क, जिसके दोनों ओर सूखी घास है।
- ऊपर हल्का, बादलों से भरा आकाश।
चित्र में एक ग्रामीण भू-दृश्य है। इसे दो भागों में बाँटकर देखिए — जो प्रकृति ने बनाया और जो मनुष्य ने बनाया।
| प्रकृति द्वारा निर्मित | मनुष्य द्वारा निर्मित |
|---|---|
| दो चोटियों वाली चट्टानी पहाड़ी, जिस पर हरे वन हैं | आगे की ओर मुड़ती हुई एक पक्की सड़क |
| पहाड़ी की तलहटी में फैली एक झील | झील के किनारे खपरैल की ढलवाँ छत वाला एक छोटा घर |
| वृक्ष, घास और झाड़ियाँ; बादलों से भरा आकाश (वर्षा ऋतु या उसके तुरंत बाद का समय) | घर के पास एक केसरिया ध्वज तथा साफ किए गए छोटे खेत जैसे टुकड़े |
यह भी देखिए कि चित्र में क्या नहीं है — न दुकानें, न यातायात, न ऊँची इमारतें, न भीड़। केवल एक-दो घर दिखाई देते हैं। अर्थात यहाँ बहुत कम लोग रहते हैं और वे वन तथा जल के निकट रहते हैं।