प्र1.
अनु और कबीर की कहानी में भिन्न-भिन्न पात्र कौन-कौन से कार्य कर रहे थे? नीचे दी गई तालिका में लिखिए — (कहानी के पात्र / वे कौन-कौन से कार्य करते हैं?)
उत्तर
तालिका इस प्रकार भरी जाएगी। तीसरा स्तंभ पृष्ठ 187 के अगले ‘आइए पता लगाएँ’ बॉक्स के लिए छोड़ा गया है — वहाँ आप उस पर नाम लिखेंगे।
| कहानी के पात्र | वे कौन-कौन से कार्य करते हैं? |
|---|---|
| गीता मौसी | भारतीय वायु सेना में पायलट (विमान चालक) का कार्य करती हैं — वे देश की सेवा करती हैं और इसके लिए उन्हें वेतन मिलता है |
| कबीर के दादा जी | सीमा सुरक्षा बल से सेवानिवृत्त हुए हैं। अब वे (i) आस-पास के बच्चों को नि:शुल्क भूगोल पढ़ाते हैं, (ii) सब्जी उद्यान में काम करते हैं, और (iii) घर के अन्य काम करते हैं |
| अनु के पिता (अप्पा) | वेशभूषा और सिले हुए वस्त्रों की दुकान चलाते हैं; वे सुबह जल्दी दुकान चले जाते हैं |
| अनु की माँ | (i) बच्चों के विद्यालय जाने के बाद दुकान में सहयोग करती हैं, और (ii) एक स्वैच्छिक समूह के साथ कार्य करती हैं जहाँ महिलाओं को सिलाई सिखाई जाती है |
| रोहन (अनु के बड़े भाई) | (i) कंप्यूटर एप्लीकेशन बनाने वाली कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, और (ii) सप्ताह के अंत में पास के महाविद्यालय के युवा विकास कार्यक्रम में सम्मिलित लोगों को स्वेच्छा से कंप्यूटर कौशल सिखाते हैं |
| अनु और कबीर | विद्यालय जाते हैं और पढ़ते हैं, तथा पार्क में खेलते हैं — और यहाँ वे आस-पास के लोगों के कार्यों को देख और समझ भी रहे हैं |
स्वयं जाँचिए: छपी हुई तालिका में सात रिक्त पंक्तियाँ हैं और इस उत्तर में छह पात्र आए हैं। बची हुई पंक्ति के लिए उस टैक्सी चालक को लीजिए जो कहानी की पहली ही पंक्ति में गीता मौसी को घर छोड़ता है — किराया लेकर सवारी पहुँचाना भी एक कार्य है, और यह याद दिलाता है कि कहानी में बोलने वाले पात्रों से कहीं अधिक लोग कार्यरत हैं।
यह तालिका धीरे-धीरे भरने योग्य क्यों है: ध्यान दीजिए कि इस छोटी-सी कहानी में कितने लोग एक से अधिक प्रकार के कार्य करते हैं। माँ दुकान में भी काम करती हैं और नि:शुल्क सिलाई भी सिखाती हैं। रोहन सॉफ्टवेयर भी बनाते हैं और स्वेच्छा से पढ़ाते भी हैं। दादा जी पूरा जीवन देश को दे चुके हैं और आज भी घर तथा पड़ोस में प्रतिदिन कार्य करते हैं। इस कहानी में कोई भी केवल एक काम नहीं करता, और कोई भी उपयोगी होना बंद नहीं करता।